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Hindi News ›   Chandigarh ›   Bad Management in Mohali Sports Stadiums

करोड़ों से बनें स्टेडियम, सुविधाएं धेले की नहीं

Mon, 19 May 2014 06:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Mon, 19 May 2014 06:28 PM IST
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Bad Management in Mohali Sports Stadiums

करोड़ों रुपये खर्च करके शहर में बनाए गए स्पोर्ट्स स्टेडियम सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। नाम के लिए स्टेडियम शुरू तो गए हैं, लेकिन खिलाड़ियों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इतना ही नहीं इन स्टेडियमों में लगी घटिया सामग्री के कारण इनमें नुकसान होना शुरू हो गया है।

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इसके लिए गमाडा ने एक जांच कमेटी बनाई है, जो कि मामले की जांच कर रही है। शहर में आठ नये स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाए गए हैं। इनके लिए स्टाफ भी भर्ती किया गया है। स्पोर्ट्स एडमिनीस्ट्रेटर भी तैनात किया गया है। बावजूद इसके यह सही ढंग से नहीं चल पा रहे हैं।
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गमाडा को इन स्टेडियमों को निर्माण के एक साल में पूरा करके खेल विभाग को सौंपना था। परंतु इनमें से सिर्फ फेज-9 में बने हाकी स्टेडियम को बनाकर खेल विभाग को सौंपा गया है। दो और बड़े स्टेडियम, जिनमें से सेक्टर-78 में 27 एकड़ और हाकी स्टेडियम के साथ लगती 19 एकड़ में चाहे इन स्टेडियमों को निर्माण पूरा हो चुका है, परंतु गमाडा द्वारा इसे अभी तक खेल विभाग को सौंपा नहीं गया है।
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फेज-9 में बनाए गए स्टेडियम में जहां खिलाड़ियों को लान टेनिस, स्वीमिंग, जिम, बैडमिंटन की सहूलियत मिलनी है। वहीं सेक्टर-78 में बने मल्टी पर्पज स्टेडियम में बास्केटबाल, जिमनास्टिक, स्केटिंग, बैडमिंटन, स्वीमिंग, बॉक्सिंग, कुश्ती, एथलेटिक, फुटबाल आदि खेलों की सहूलियत उपलब्ध कराई जानी है।

इस स्टेडियम में 200 खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल का प्रबंध भी किया जाना है। जिसका फायदा लोकल खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रदेश के खिलाड़ियों को भी होना है। इसका काम भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।

खेल विभाग के सूत्रों के अनुसार पिछले काफी समय से गमाडा के अधिकारियों को मिलकर इन दोनों स्टेडियमों को खेल विभाग के सुपुर्द किए जाने की मांग की जा रही है।

गमाडा इसके लिए तैयार भी है, परंतु इसमें अड़चन यह है कि इन स्टेडियमों के निर्माण के दौरान कुछ कमियां रह गई हैं। खेल विभाग की मांग है कि इन कमियों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए और स्टेडियमों को उन्हें सौंपा जाए।


जिक्रयोग है कि गत सप्ताह डीसी टीपीएस सिद्धू ने गमाडा अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की थी। जिसमें स्पोर्ट्स स्टेडियमों का मुद्दा भी उठा था।

इसके बाद डीसी द्वारा गमाडा अधिकारियों को हिदायत दी गई थी कि स्टेडियमों को सही ढंग से मैनटेन करके चलाया जाए। साथ ही इनके लिए एक पॉलिसी भी तैयार की जाए। जिसका फायदा शहर के खिलाड़ियों को मिल सके।

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