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वन विभाग के ट्रैक पर अटकी एथलेटिक्स की फाइल
हिमांशु जोशी/ अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Fri, 30 Oct 2015 02:02 PM IST
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उत्तराखंड वन विभाग के ‘ट्रैक’ पर एथलेटिक्स ग्राउंड की फाइल अटकी हुई है। जिस भूमि पर एथलेटिक्स स्टेडियम का निर्माण होना है, वह अब तक ट्रांसफर नहीं हो सकी है।
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जिस कारण ग्राउंड का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। जबकि राज्य सरकार चाहती है कि मार्च तक अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण पूरा हो जाए। ताकि चुनाव से पहले इसका लोकार्पण भी कर दिया जाए। ऐसे में सवाल उठता है कि जब अभी तक एथलेटिक्स ग्राउंड का निर्माण शुरू नहीं हुआ है तो कैसे मार्च तक अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम बनकर तैयार हो जाएगा।
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गौलापार में अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण चल रहा है। यह भारत का पहला ऐसा स्टेडियम होगा, जहां एक ही छत के नीचे एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, स्विमिंग पूल, बॉस्केटबाल, हॉकी समेत 11 खेलों के ग्राउंड बनने हैं। वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश कई बार स्टेडियम का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को स्टेडियम का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दे चुकी हैं।
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स्टेडियम में बन रहे सभी ग्राउंड का निर्माण शुरू हो चुका है, लेकिन लैंड ट्रांसफर न होने के कारण एथलेटिक्स ग्राउंड पर अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। वन विभाग के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण के लिए पहली बार में 15 हेक्टेयर भूमि की मांग की गई थी।
इसमें से नौ हेक्टेयर भूमि हल्द्वानी वन प्रभाग और छह हेक्टेयर भूमि तराई वन प्रभाग की थी। यह भूमि खेल विभाग को ट्रांसफर कर दी गई थी। इसके बाद 12 हेक्टेयर भूमि की ओर मांग की गई है। ये भूमि हल्द्वानी वन प्रभाग की है। भूमि ज्यादा होने के कारण यह लैंड अभी तक ट्रांसफर नहीं हो सकी है। इसी जमीन पर एथलेक्टिस स्टेडियम का निर्माण होना है। फिलहाल यह मामला केंद्रीय वन एवं पर्यावरण जलवायु परिवर्तन मंत्रालय पर अटका हुआ है।
इस संबंध में देहरादून में बैठक बुलाई गई है। उम्मीद है कि जल्द ही लैंड ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरा हो जाएगी। मार्च तक स्टेडियम बनकर पूरा हो जाएगा।
- अख्तर अली, सहायक खेल निदेशक, कुमाऊं मंडल