फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   announcement on sports day in uttarakhand

...तो क्या खेल दिवस पर होंगी मुरादें पूरी?

Mon, 25 Aug 2014 01:27 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 25 Aug 2014 01:27 PM IST
विज्ञापन
announcement on sports day in uttarakhand

29 अगस्त हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जन्मदिवस और राष्ट्रीय खेल दिवस। उत्तराखंड के खिलाड़ियों और खेल से जुड़े कर्मचारियों को बेसब्री से इस दिन का इंतजार है कि शायद पूर्व में हुई घोषणाएं इस बहाने पूरी हो जाएं।

विज्ञापन


दरअसल, बीते साल 24 नवंबर 2013 को तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने खिलाड़ियों के लिए घोषणा की थी। मगर एक भी घोषणा धरातल पर नहीं उतर सकी। अब उम्मीद है कि शायद खेल दिवस पर खेल मंत्री को अपनी घोषणाओं की याद आ जाए और खिलाड़ियों और कोचों की दशा सुधारने की कवायद हो सके।
विज्ञापन


घोषणा- 1
खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने राज्य में पूर्व खिलाड़ियों के लिए पेंशन योजना शुरू करने की घोषणा की थी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ियों को पंडित गोविंद बल्लभ पंत पेंशन देने की जनवरी 2014 से शुरू करने का दावा किया गया। मगर जुलाई 2014 भी बीतने को है, लेकिन अभी तक घोषणा का खाका तक विभाग नहीं बना सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


घोषणा- 2
खेल विभाग में संविदा पर नियुक्त कोचों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा हुई थी। आठ महीने बाद अभी सिर्फ वित्त विभाग से ही फाइल पास हुई है। इसमें एनआईएस कोच का मानदेय ओलंपिक खेल चुके कोच के बराबर किए जाने पर भी सहमति बनी।

तब विभागीय अधिकारियों ने कैबिनेट बैठक में फाइल पास होने के बात कही, लेकिन कैबिनेट में यह मुद्दा रखा ही नहीं गया।। जबकि खेल मंत्री ने ही इसकी घोषणा, तत्कालीन मुख्यमंत्री के सामने की थी।


घोषणा- 3
खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल विभाग ने पुरस्कार राशि बढ़ाने, नए खेल पुरस्कार और पुरस्कार राशि में परिवर्तन की घोषणा की थी।

इसमें अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में टीम खेल में शामिल होने वाले उत्तराखंड के एक खिलाड़ी को व्यक्तिगत खेल के बराबर पुरस्कार राशि दिए जाने का दावा किया गया था। खेल दिवस पर खिलाड़ियों ने पुरस्कार के रूप में सौगात की उम्मीद की थी। मगर अभी तक फाइल खेल विभाग और वित्त विभाग के बीच ही झूल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed