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आठ साल की उम्र में पदकों का अर्धशतक
दीपक शाही/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2013 11:44 PM IST
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आठ साल की उम्र, चार साल का खेल कैरियर और पदकों का अर्द्धशतक...। यह उपलब्धि है पंचकूला के सेक्टर-20 निवासी स्केटर प्रणय गौड़ की।
नार्थ जोन और सीबीएसई के स्टेट स्तरीय गेम्स में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुका ‘छोटा रैकेट’ के नाम से मशहूर प्रणय अब नेशनल स्तर पर अपना परचम लहराने की तैयारी कर रहा है।
फेडरेशन के नियमों के अनुसार नेशनल स्तर पर खेल में हिस्सा लेने के लिए इस खिलाड़ी की उम्र आड़े आ रही थी, लेकिन उसने अब इस बाधा को भी पार कर लिया है।
अभी हाल में ही 18-20 अक्टूबर को दिल्ली के रोहिणी स्थित रिमल पब्लिक स्कूल में आयोजित नार्थ जोन स्केटिंग चैंपियनशिप में ट्राइसिटी के इस इकलौते खिलाड़ी ने दो स्वर्ण पदक जीता था।
इस चैंपियनशिप में नार्थ जोन (दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमांचल जम्मू एंड कश्मीर) से 1200 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था और ट्राइसिटी से भी करीब 100 खिलाड़ी थे।
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पदकों का अर्धशतक: 19 स्वर्ण, 19 रजत, 12 कांस्य
अब मुंबई में परचम लहराने की बारी
प्रणय को नार्थ जोन स्केटिंग चैंपियनशिप के रिजल्ट के आधार पर मुंबई में 6-9 दिसंबर 2013 को होने वाले नेशनल स्केटिंग चैंपियनशिप के लिए चुना गया है।
इस चैंपियनशिप के लिए प्रणय डेली ऑन रोड सुबह चार बजे से लेकर सात बजे तक स्केटिंग का प्रैक्टिस करता है।
खास उपलब्धियों पर एक नजर
बकौल प्रणय के पिता प्रवीण कुमार- प्रणय हॉलमार्क पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ता है। इस विशेष उपलब्धि के लिए पिछले दो साल से स्कूल की तरफ से उसे 25 हजार रुपये की स्कॉलरशिप दी जा रही है। मुझे अपने बेटे पर गर्व है।
रोलिंग टाइगर्स अकादमी, पंचकूला के स्केटिंग कोच चंदर सिंगला के मुताबिक प्रणय चार साल से रोजाना सुबह चार बजे ऑन रोड तीन घंटे स्केटिंग की प्रैक्टिस करता है। इस मुकाम तक पहुंचाने में उसके माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान है। वे सुबह चार बजे जागकर उसे मेरे पास ट्रेनिंग के लिए लेकर आते हैं। उसकी प्रैक्टिस और लगन देखकर यह कहा जा सकता है कि प्रणय नेशनल लेवल पर भी जरूर स्वर्ण पदक जीतेगा।
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नार्थ जोन और सीबीएसई के स्टेट स्तरीय गेम्स में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुका ‘छोटा रैकेट’ के नाम से मशहूर प्रणय अब नेशनल स्तर पर अपना परचम लहराने की तैयारी कर रहा है।
फेडरेशन के नियमों के अनुसार नेशनल स्तर पर खेल में हिस्सा लेने के लिए इस खिलाड़ी की उम्र आड़े आ रही थी, लेकिन उसने अब इस बाधा को भी पार कर लिया है।
अभी हाल में ही 18-20 अक्टूबर को दिल्ली के रोहिणी स्थित रिमल पब्लिक स्कूल में आयोजित नार्थ जोन स्केटिंग चैंपियनशिप में ट्राइसिटी के इस इकलौते खिलाड़ी ने दो स्वर्ण पदक जीता था।
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इस चैंपियनशिप में नार्थ जोन (दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमांचल जम्मू एंड कश्मीर) से 1200 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था और ट्राइसिटी से भी करीब 100 खिलाड़ी थे।
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पदकों का अर्धशतक: 19 स्वर्ण, 19 रजत, 12 कांस्य
अब मुंबई में परचम लहराने की बारी
प्रणय को नार्थ जोन स्केटिंग चैंपियनशिप के रिजल्ट के आधार पर मुंबई में 6-9 दिसंबर 2013 को होने वाले नेशनल स्केटिंग चैंपियनशिप के लिए चुना गया है।
इस चैंपियनशिप के लिए प्रणय डेली ऑन रोड सुबह चार बजे से लेकर सात बजे तक स्केटिंग का प्रैक्टिस करता है।
खास उपलब्धियों पर एक नजर
- 18-20 अक्टूबर 2013 को दिल्ली के रोहिणी स्थित रिमल पब्लिक स्कूल में आयोजित नार्थ जोन स्केटिंग चैंपियनशिप में 8 से 10 आयु वर्ग के क्वाड्स कैटेगरी में दो स्वर्ण।
- 2010 से 2013 तक पंचकूला में आयोजित भवन स्केटिंग कार्निवाल में लगातार चार साल तक गोल्ड मेडल।
- 25 दिसंबर 2012 को करनाल में आयोजित स्कूल गेम्स स्केटिंग चैंपियनशिप में अंडर 6 से 8 आयु वर्ग के क्वाड्स कैटेगरी में गोल्ड मेडल।
- 2009-2012 तक पंचकूला जिला स्केटिंग चैंपियनशिप में लगातार चार गोल्ड मेडल।
बकौल प्रणय के पिता प्रवीण कुमार- प्रणय हॉलमार्क पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ता है। इस विशेष उपलब्धि के लिए पिछले दो साल से स्कूल की तरफ से उसे 25 हजार रुपये की स्कॉलरशिप दी जा रही है। मुझे अपने बेटे पर गर्व है।
रोलिंग टाइगर्स अकादमी, पंचकूला के स्केटिंग कोच चंदर सिंगला के मुताबिक प्रणय चार साल से रोजाना सुबह चार बजे ऑन रोड तीन घंटे स्केटिंग की प्रैक्टिस करता है। इस मुकाम तक पहुंचाने में उसके माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान है। वे सुबह चार बजे जागकर उसे मेरे पास ट्रेनिंग के लिए लेकर आते हैं। उसकी प्रैक्टिस और लगन देखकर यह कहा जा सकता है कि प्रणय नेशनल लेवल पर भी जरूर स्वर्ण पदक जीतेगा।