मरणोपरांत त्रिलोक सिंह को मिलेगा उत्तराखंड खेल रत्न
उत्तराखंड के सबसे बड़े खेल पुरस्कारों की मंगलवार को घोषणा हो गई है। पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी त्रिलोक सिंह बसेड़ा को मरणोपरांत देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न से नवाजा जाएगा।
इसके साथ खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने मंगलवार शाम तीनों पुरस्कारों की घोषणा की। राज्य स्थापना दिवस पर राजधानी में दिए जाएंगे।
खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल के आवास पर मंगलवार को हाई पावर कमेटी की बैठक हुई। बैठक में खेल निदेशक की अध्यक्षता में गठित स्क्रीनिंग कमेटी के उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
बैठक में जकार्ता में 1962 में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय फुटबाल टीम के सदस्य रहे पिथौरागढ़ के त्रिलोक सिंह बसेड़ा को देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न अवार्ड देने पर सहमति बनी।
राणा को द्रोणाचार्य, हरीदत्त लाइफ टाइम अचीवमेंट
त्रिलोक सिंह बसेड़ा को मरणोपरांत यह खेल सम्मान दिया जा रहा है। वहीं निशानेबाजी कोच नारायण सिंह राणा को देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
उत्तराखंड के तीसरे लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए पूर्व अंतरराष्ट्रीय बास्केटबाल खिलाड़ी और अर्जुन अवार्डी पिथौरागढ़ के हरी दत्त कापड़ी का नाम तय किया गया है। बैठक में खेल सचिव मंजुल जोशी, निदेशक शैलेश बगोली, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आर कामरान आदि मौजूद थे।
ये है पुरस्कार राशि
उत्तराखंड खेल रत्न - पांच लाख रुपये, स्मृति चिन्ह, ब्लेजर।
देवभूमि द्रोणाचार्य अवार्ड - तीन लाख रुपये, स्मृति चिन्ह, ब्लेजर।
लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड- पांच लाख, स्मृति चिन्ह, ब्लेजर।