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फर्राटे से दौड़ती हैं 99 साल की ये एथलीट, मिलिए
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 25 Feb 2014 01:24 AM IST
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बचपन की मेरी ज्यादातर सहेलियां तो अब इस दुनियां में रही नहीं। एक-दो जो हैं, इस उम्र में बीमार रहती हैं और ज्यादातर समय चारपाई पर बिताती हैं।
मैं 99 साल की उम्र में आज भी फर्राटे से दौड़ती हूं। मेडल जीतती हूं। मेरे घुटनों की इस ताकत से वे भी हैरान होती हैं और इसका राज पूछती हैं। मैं बस इतना कहती हूं कि फिट रहना है तो मेहनत करनी होगी।
यह कहना है अमेरिका में एथलीट ऑफ द ईयर रह चुकी पहली भारती वैटरन खिलाड़ी मान कौर का। वह हाल ही में कनाडा से चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित अपने घर आई हैं।
वह हफ्ते भर से मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं मगर अमर उजाला का नाम सुनते ही कहा-आप तो आ जाओ जी। मान कौर अमेरिका और कनाडा में दस से ज्यादा गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। आंखों पर मोटे फ्रेम का चश्मा चढ़ा है। इतनी फिट हैं कि उम्र धोखा खाती नजर आती है मगर झुर्रियां उसकी गवाह हैं।
फिट रहने के मंत्र
एक्सरसाइज : रोज सुबह तीन बजे उठकर पार्क में 400 मीटर दौड़ लगाती हैं। उसके बाद योग करती हैं। यह रुटीन चंडीगढ़ में भी बना हुआ है।
खान-पान : घी और तेल से परहेज। कोई तली चीज नहीं खातीं। दिन में दो-तीन बार जूस। दिन में दो बार खुद के हाथ से बना सादा खाना खाती हैं।
विदेशी भी लेते हैं टिप्स : मान कौर ने बताया कि उनकी तंदुरुस्ती को देखकर अमेरिका और कनाडा के लोग भी उनसे फिट रहने के टिप्स लेते हैं। वे सभी को बताती हैं कि जंक फूड से दूर रहो। गलत आदतें छोड़ दो। खेलो-कूदो।
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जीत का रिकार्ड
कनाडा में 2013 में मास्टर्स चैंपियनशिप में 400 200 मीटर स्प्रिंट, 400 मीटर स्प्रिंट, 100मीटर स्प्रिंट, गोला फेंक, जैवलिन थ्रो में कुल 5 गोल्ड जीते।
अमेरिका में 2013 में ही वर्ल्ड सीरीज गेम्स में मान कौर ने 100 मीटर स्प्रिंट, 200 मीटर स्प्रिंट, 400 मीटर स्प्रिंट, शॉटपुट, जैवलिन थ्रो में हिस्सा लिया और कुल 5 गोल्ड मेडल जीते।
अमेरिका में 2011 में इंटरनेशनल एथलेटिक्स मीट में वर्ल्ड रिकार्ड कायम किया और एथलीट ऑफ द ईअर के खिताब जीता। यह खिताब पाने वालीं पहली भारतीय वेटरन खिलाड़ी बनीं।
नानी की जीत की खबरें जब भी अखबारों में छपती हैं मेरी सहेलियां कालेज में मुझे घेर लेती हैं। नानी की खबर दिखाती हैं और मिठाई मांगती हैं। मुझे उस वक्त अपनी नानी पर बहुत गर्व महसूस होता है।
-ऋतु, दोहती, वैब डिजाइनर
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मैं 99 साल की उम्र में आज भी फर्राटे से दौड़ती हूं। मेडल जीतती हूं। मेरे घुटनों की इस ताकत से वे भी हैरान होती हैं और इसका राज पूछती हैं। मैं बस इतना कहती हूं कि फिट रहना है तो मेहनत करनी होगी।
यह कहना है अमेरिका में एथलीट ऑफ द ईयर रह चुकी पहली भारती वैटरन खिलाड़ी मान कौर का। वह हाल ही में कनाडा से चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित अपने घर आई हैं।
वह हफ्ते भर से मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं मगर अमर उजाला का नाम सुनते ही कहा-आप तो आ जाओ जी। मान कौर अमेरिका और कनाडा में दस से ज्यादा गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। आंखों पर मोटे फ्रेम का चश्मा चढ़ा है। इतनी फिट हैं कि उम्र धोखा खाती नजर आती है मगर झुर्रियां उसकी गवाह हैं।
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फिट रहने के मंत्र
एक्सरसाइज : रोज सुबह तीन बजे उठकर पार्क में 400 मीटर दौड़ लगाती हैं। उसके बाद योग करती हैं। यह रुटीन चंडीगढ़ में भी बना हुआ है।
खान-पान : घी और तेल से परहेज। कोई तली चीज नहीं खातीं। दिन में दो-तीन बार जूस। दिन में दो बार खुद के हाथ से बना सादा खाना खाती हैं।
विदेशी भी लेते हैं टिप्स : मान कौर ने बताया कि उनकी तंदुरुस्ती को देखकर अमेरिका और कनाडा के लोग भी उनसे फिट रहने के टिप्स लेते हैं। वे सभी को बताती हैं कि जंक फूड से दूर रहो। गलत आदतें छोड़ दो। खेलो-कूदो।
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जीत का रिकार्ड
कनाडा में 2013 में मास्टर्स चैंपियनशिप में 400 200 मीटर स्प्रिंट, 400 मीटर स्प्रिंट, 100मीटर स्प्रिंट, गोला फेंक, जैवलिन थ्रो में कुल 5 गोल्ड जीते।
अमेरिका में 2013 में ही वर्ल्ड सीरीज गेम्स में मान कौर ने 100 मीटर स्प्रिंट, 200 मीटर स्प्रिंट, 400 मीटर स्प्रिंट, शॉटपुट, जैवलिन थ्रो में हिस्सा लिया और कुल 5 गोल्ड मेडल जीते।
अमेरिका में 2011 में इंटरनेशनल एथलेटिक्स मीट में वर्ल्ड रिकार्ड कायम किया और एथलीट ऑफ द ईअर के खिताब जीता। यह खिताब पाने वालीं पहली भारतीय वेटरन खिलाड़ी बनीं।
नानी की जीत की खबरें जब भी अखबारों में छपती हैं मेरी सहेलियां कालेज में मुझे घेर लेती हैं। नानी की खबर दिखाती हैं और मिठाई मांगती हैं। मुझे उस वक्त अपनी नानी पर बहुत गर्व महसूस होता है।
-ऋतु, दोहती, वैब डिजाइनर