फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   youth festival starts

झंकार 2014 : कला और संस्कृति का दिखा बेजोड़ संगम

Thu, 30 Oct 2014 03:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक Updated Thu, 30 Oct 2014 03:06 AM IST
विज्ञापन
एमडीयू का जोनल यूथ फेस्टिवल झंकार-2014 सांस्कृतिक विरासतों की झलकियों के साथ बुधवार से शुरू हो गया।
विज्ञापन


पहले दिन 20 प्रतियोगिताएं हुई जिनमें कॉलेजों की टीमों ने शानदार प्रस्तुतियां दी।

हालांकि रंगारंग कार्यक्रमों के बीच पहले ही दिन झंकार ने अपनी छाप छोड़ दी, लेकिन आयोजकों को कम टीमों की हिस्सेदारी भी अखरी। रोहतक जोन की 84 टीमों में से महज 22 टीम ही यूथ फेस्टिवल में शामिल हुई है।
 

 वैश्य इंजीनियरिंग में सुबह साढ़े नौ बजे झंकार-2014 का उद्घाटन मुख्य अतिथि आईजी अनिल कुमार राव ने दीप प्रज्जवलित कर किया। उन्होंने छात्राओं और महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाना चाहिए।
विज्ञापन


साथ ही पुलिस प्रशासन को भी जानकारी देने की सलाह दी। इससे पहले आयोजन सचिव संजय जिंदल और प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद शुरू हुई सांस्कृतिक, साहित्यिक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपने हुनर के दम पर प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दी। दूसरे सेशन (इवनिंग सेशन) में मुख्य अतिथि विधायक मनीष ग्रोवर थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक साथ चली प्रतियोगिताएं
यूथ फेस्टिवल के मेजबान वैश्य इंजीनियरिंग में पांच स्टेज पर एक साथ यह प्रतियोगिताएं दो सेशन में चली। शुरुआत क्लासिकल डांस प्रतियोगिता से हुई। इससे पहले मेजबान कॉलेज की टीम ने सरस्वती वंदना पेश की। जगबीर राठी ने ट्रेक साउंड पर एक देश भक्ति गीत सुनाया। इसके बाद छैल छबिले छोरे किते मेल बिठा दो नै.. पर हरियाणवी डांस की प्रस्तुति दी गई। कत्थक के अलावा भक्ति गीतों पर भी शास्त्रीय नृत्य की बेहतरीन प्रस्तुतियां दी गई। इस प्रतियोगिता के बाद ग्रुप डांस प्रतियोगिता हुई। जिसमें लोक गीतों पर छह कॉलेजों की टीमों ने शानदार डांस किए। तीतर फेर उडारिया मारदे ने.., भंगडे़ इच जटी फिरे बोली पौदिया, सोने की गडा दो मनै पायल और हाथ ना लगाओ मारा साडीला सहित कई गीतों पर विद्यार्थियों ने डांस किया। इसके साथ-साथ स्टेज दो पर क्लासिक म्यूजिक वोकल, इंस्ट्रीमेंटल पी और इंस्ट्रीमेंटल एनपी की प्रतियोगिताएं हुई। स्टेज तीन पर ग्रुप डिस्कशन और डिक्लिमेशन इन संस्कृत, स्टेज नंबर चार पर हिंदी और पंजाबी पोएटिक और पांचवें स्टेज पर ऑन द स्पॉट पेंटिंग और क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिताएं हुई। स्पॉट पेंटिंग में मेरा हरियाणा और शरद ऋतु विषय दिए गए थे। जबकि क्ले मॉडलिंग में एनिमल एंड फार्मर टॉपिक दिया गया था।
शाम के सेशन में स्टेज वन पर माइम, सोलीलॉकी और वन एक्ट प्ले (स्कीट्स) प्रतियोगिताएं हुई। स्टेज चार पर उर्दू और अंग्रेजी पोएटिक प्रतियोगिता हुई। पांचवें स्टेज पर फोटोग्राफी और कॉटूनिंग प्रतियोगिता हुई। कार्टूनिंग के लिए विषय इलेक्शन दिया गया था। जबकि फोटो ग्राफी में फेस्टिवल की थीम रखी गई थी।

आओ हम चिराग से चिराग जलाए
इवनिंग सेशन में गीत गजल और भजन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। हालांकि यह प्रतियोगिताएं गुरुवार को होनी थी लेकिन पहले दिन की कुछ प्रतियोगिताओं की बजाय इसे बुधवार को ही करा लिया गया। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने आओ हम चिराग से चिराग चलाए.., हम करे राष्ट्रगायन, जन-जन उतारे आरती, वंदेमातरम, जय भारत जननी, सहित कई शानदार गीतों, गजलों और भजनों की प्रस्तुतियां दी। माइम प्रतियोगिता में मूक अभियन केजरिए विद्यार्थियों ने पॉल्यूशन, बेटी बचाओ, महाभारत गर्ल्स, मोबाइल के दुरुपयोग सहित कई विषयों पर दर्शकों का ध्यान खिंचा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed