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सिर काटने वाले वीडियो पर फेसबुक का यू-टर्न
Updated Wed, 23 Oct 2013 09:38 PM IST
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फेसबुक ने एक महिला का सिर काटते हुए दिखाया गया वीडियो अपनी साइट से हटा दिया है। साथ ही उन्होंने इसके बारे में नए नियम जारी किए हैं कि फ़ेसबुक पर क्या पोस्ट किया जा सकता है और क्या नहीं?
ये फैसला बीबीसी की उस ख़बर के ठीक दो दिनों बाद आया है जिसमें कहा गया था कि कंपनी ने अधिक हिंसा वाले वीडियो क्लिप फ़ेसबुक पर डाले जाने को लेकर अपनी नीति में बदलाव किया है।
ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने अधिक हिंसा दिखाने वाले वीडियो पोस्ट हो सकने वाले फ़ेसबुक के निर्णय की निंदा की थी। सुरक्षा मामलों पर कंपनी के सलाहकार भी इसके विरोध में थे।
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फ़ेसबुक का कहना है कि वो कुछ ग्राफिक सामग्री डाले जाने की नीति को जारी रखेगा लेकिन इस मामले पर व्यापक विचार विमर्श किया जाएगा।
इस मामले पर फ़ेसबुक ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर अपनी नीति साफ की है।
‘हम जिस दुनिया में रहते हैं’
जब बीबीसी ने औरत की मौत का वीडियो दिखाने पर फ़ेसबुक से सवाल किया था तो उसका कहना था कि यूज़र्स को इस बात का अधिकार है कि ‘वे ये दिखा सकें कि हम किस दुनिया में रहते हैं।’
लेकिन बीबीसी ने जैसे ही सुरक्षा सलाहकार के साथ साक्षात्कार प्रकाशित किया उसके कुछ घंटे बाद ही कंपनी ने अपना रुख़ बदल दिया।
ग्राफ़िक सामग्री डालने पर सोशल नेटवर्किंग साइट गूगल प्लस की नीति अधिक कड़ी है। उसकी नीति के अनुसार, "ऐसी सामग्री न डालें जिसमें अनावश्यक रूप से हिंसा दिखाई गई है।"
गूगल की साइट यू ट्यूब पर लोगों ने इस तरह की सामग्री डाली है जिसमें कहा गया है कि उसमें क़त्ल किए जाने और सिर काटे जाने का दृश्य है और उसका लिंक दिया गया है लेकिन कंपनी ने वे वीडियो हटा दिए हैं।
एक प्रवक्ता ने कहा कि हम इस मामले में तभी ढिलाई देते हैं जबकि इस तरह की सामग्री समाचार से जुड़ी हो या किसी लघुचित्र का हिस्सा हो।
इस मामले में हम पहले ही चेतावनी डालते हैं।
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ये फैसला बीबीसी की उस ख़बर के ठीक दो दिनों बाद आया है जिसमें कहा गया था कि कंपनी ने अधिक हिंसा वाले वीडियो क्लिप फ़ेसबुक पर डाले जाने को लेकर अपनी नीति में बदलाव किया है।
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ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने अधिक हिंसा दिखाने वाले वीडियो पोस्ट हो सकने वाले फ़ेसबुक के निर्णय की निंदा की थी। सुरक्षा मामलों पर कंपनी के सलाहकार भी इसके विरोध में थे।
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फ़ेसबुक का कहना है कि वो कुछ ग्राफिक सामग्री डाले जाने की नीति को जारी रखेगा लेकिन इस मामले पर व्यापक विचार विमर्श किया जाएगा।
इस मामले पर फ़ेसबुक ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर अपनी नीति साफ की है।
‘हम जिस दुनिया में रहते हैं’
जब बीबीसी ने औरत की मौत का वीडियो दिखाने पर फ़ेसबुक से सवाल किया था तो उसका कहना था कि यूज़र्स को इस बात का अधिकार है कि ‘वे ये दिखा सकें कि हम किस दुनिया में रहते हैं।’
लेकिन बीबीसी ने जैसे ही सुरक्षा सलाहकार के साथ साक्षात्कार प्रकाशित किया उसके कुछ घंटे बाद ही कंपनी ने अपना रुख़ बदल दिया।
ग्राफ़िक सामग्री डालने पर सोशल नेटवर्किंग साइट गूगल प्लस की नीति अधिक कड़ी है। उसकी नीति के अनुसार, "ऐसी सामग्री न डालें जिसमें अनावश्यक रूप से हिंसा दिखाई गई है।"
गूगल की साइट यू ट्यूब पर लोगों ने इस तरह की सामग्री डाली है जिसमें कहा गया है कि उसमें क़त्ल किए जाने और सिर काटे जाने का दृश्य है और उसका लिंक दिया गया है लेकिन कंपनी ने वे वीडियो हटा दिए हैं।
एक प्रवक्ता ने कहा कि हम इस मामले में तभी ढिलाई देते हैं जबकि इस तरह की सामग्री समाचार से जुड़ी हो या किसी लघुचित्र का हिस्सा हो।
इस मामले में हम पहले ही चेतावनी डालते हैं।