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यह है दुनिया का सबसे छोटा बल्ब, जानते हैं कैसे बना यह बल्ब
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 17 Jun 2015 02:21 PM IST
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ग्राफीन एक तरह कर कार्बन है, ग्राफीन को स्टील से ज्यादा मजबूत कार्बन माना जाता है, साथ ही यह कॉपर से अच्छा सुचालक भी है। अब इस तत्व में एक और खूबी भी शामिल हो चुकी है। ग्राफीन अब रोशनी देने का भी काम करेगा।
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जी हां, एक बेहद छोटे आकार का बल्ब तैयार किया गया है। वैज्ञानिकों ने इस बल्ब में रोशनी के लिए फिलामेंट के तौर पर ग्राफीन का इस्तेमाल किया है। वैज्ञानिकों ने पहली बार ग्राफीन फिलामेंट की मदद से किसी चिप पर प्रकाश स्रोत का निर्माण किया।
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कोलंबिया विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियर, जैम्स हॉन का कहना है कि यह दुनिया का सबसे छोटा बल्ब है। उन्होंने धातु के इलेक्ट्रेडों से ग्राफीन फिलामेंट को जोड़कर यह बल्ब तैयार किया है। परमाणु के आकार वाले इस बल्ब से इतना प्रकाश उत्पन्न होता है कि इसे बिना किसी सूक्ष्मदर्शी की सहायता के सामान्य आंखों से देखा जा सकता है।
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सूक्ष्मदर्शी कार्यो में प्रयोग होने लायक प्रकाश पैदा करने के लिए बल्ब के फिलामेंट को कई हजार डिग्री तक गर्म करने जरूरत होती है और सूक्ष्म संरचना इस तापमान को नहीं सह पाती हैं।