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वर्ल्ड रिकार्ड के लिए दौड़ रहा जांबाज श्रीऔम
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 15 Dec 2014 03:03 AM IST
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हौंसले को सलाम कर ग्रामीणों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ गांव के जवान को वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के लिए प्रेरित किया।
असम राइफल्स के जवान श्रीओम ने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करवाने के लिए कमर पर दस किलोग्राम वजन बांध कर लाखनमाजरा के आर्यन पब्लिक स्कूल से अपने सफर की शुरुआत दोपहर दो बजे की।
सोमवार को 100 किलोमीटर की दौड़ का समापन स्कूल में ही होगा। स्कूल के प्रिंसीपल प्रकाश राजन ने दौड़ को हरी झंडी दिखाई। श्रीऔम जुलाना, गोहाना व रोहतक से गुजरेंगे। इस दौरान जिला खेल विभाग की तरफ से तीन कोच कृष्ण कुमार, सतीश व राजेन्द्र सिंह को नियुक्त किया है, जो मौके पर मौजूद रहे। कोच कृष्ण कुमार ने बताया कि 22 घंटे में 100 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने पर श्रीऔम का वर्ल्ड रिकार्ड बनेगा। श्री औम को समय से पहले पहुंचने की उम्मीद है।
शनिवार को दौड़ के रिकार्ड को कोच कृष्ण कुमार ने समय सहित दर्ज करना शुरू किया और बताया कि तीनों कोच श्रीऔम के साथ मौजूद है और पल-पल का रिकार्ड दर्ज कर रहे है। सोमवार को समापन पर इस दौरान खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राकेश सिंधू और सरपंच ग्राम पंचायत जगपाल उर्फ कुल्फी पहलवान के अलावा खेल विभाग के कोच व अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। हालांकि बूंदाबांदी के कारण दौड़ में कुछ परेशानी भी हो रही है।
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साधारण परिवार से संबंध रखते हैं श्रीऔम
श्रीऔम के पिता आजाद सिंह अध्यापक रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे 2009 में रिटार्यड हुए थे और एक साधारण परिवार से संबंध रखते हैं। उन्होंने बताया कि श्रीऔम बचपन से ही कुछ न कुछ नया करने का प्रयास करता रहता था और उसने एनएसजी कमांडो की ट्रेनिंग भी ली है। इतना ही नहीं वे जब भी छुट्टी आते हैं तो स्कूल में बच्चों को फौज में भर्ती के लिए तैयार करते हैं। रस्सा चढ़ना सहित अन्य प्रकार की गतिविधियों से अवगत कराते हैं।
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फोटो नम्बर:26
फोटो कैप्शन:लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में के लिए दौड़ को हरी झण्डी दिखाते प्रिंसीपल राजन प्रकाश।
फोटो नम्बर:27
फोटो कैप्शन:समय व रिकार्ड बारे दस्तावेज तैयार करते कोच कृष्ण कुमार।
फोटो नम्बर 29 ----------------------------
फोटो कैप्शन:रस्से पर चढ़ी तीन वर्षीय बच्ची।
फोटो नम्बर:23
फोटो कैप्शन:इनसैट में रस्से पर चढ़ी तीन वर्षीय बच्ची।
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असम राइफल्स के जवान श्रीओम ने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करवाने के लिए कमर पर दस किलोग्राम वजन बांध कर लाखनमाजरा के आर्यन पब्लिक स्कूल से अपने सफर की शुरुआत दोपहर दो बजे की।
सोमवार को 100 किलोमीटर की दौड़ का समापन स्कूल में ही होगा। स्कूल के प्रिंसीपल प्रकाश राजन ने दौड़ को हरी झंडी दिखाई। श्रीऔम जुलाना, गोहाना व रोहतक से गुजरेंगे। इस दौरान जिला खेल विभाग की तरफ से तीन कोच कृष्ण कुमार, सतीश व राजेन्द्र सिंह को नियुक्त किया है, जो मौके पर मौजूद रहे। कोच कृष्ण कुमार ने बताया कि 22 घंटे में 100 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने पर श्रीऔम का वर्ल्ड रिकार्ड बनेगा। श्री औम को समय से पहले पहुंचने की उम्मीद है।
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शनिवार को दौड़ के रिकार्ड को कोच कृष्ण कुमार ने समय सहित दर्ज करना शुरू किया और बताया कि तीनों कोच श्रीऔम के साथ मौजूद है और पल-पल का रिकार्ड दर्ज कर रहे है। सोमवार को समापन पर इस दौरान खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राकेश सिंधू और सरपंच ग्राम पंचायत जगपाल उर्फ कुल्फी पहलवान के अलावा खेल विभाग के कोच व अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। हालांकि बूंदाबांदी के कारण दौड़ में कुछ परेशानी भी हो रही है।
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साधारण परिवार से संबंध रखते हैं श्रीऔम
श्रीऔम के पिता आजाद सिंह अध्यापक रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे 2009 में रिटार्यड हुए थे और एक साधारण परिवार से संबंध रखते हैं। उन्होंने बताया कि श्रीऔम बचपन से ही कुछ न कुछ नया करने का प्रयास करता रहता था और उसने एनएसजी कमांडो की ट्रेनिंग भी ली है। इतना ही नहीं वे जब भी छुट्टी आते हैं तो स्कूल में बच्चों को फौज में भर्ती के लिए तैयार करते हैं। रस्सा चढ़ना सहित अन्य प्रकार की गतिविधियों से अवगत कराते हैं।
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फोटो नम्बर:26
फोटो कैप्शन:लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में के लिए दौड़ को हरी झण्डी दिखाते प्रिंसीपल राजन प्रकाश।
फोटो नम्बर:27
फोटो कैप्शन:समय व रिकार्ड बारे दस्तावेज तैयार करते कोच कृष्ण कुमार।
फोटो नम्बर 29 ----------------------------
फोटो कैप्शन:रस्से पर चढ़ी तीन वर्षीय बच्ची।
फोटो नम्बर:23
फोटो कैप्शन:इनसैट में रस्से पर चढ़ी तीन वर्षीय बच्ची।