बिहार वालों के लिए मुफ्त इंटरनेट, इस तरह करें इस्तेमाल
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बिहार सरकार का दावा है कि उनकी सेवा का दायरा 20 किलोमीटर का होगा जो दुनिया की सबसे लंबी वाई-फ़ाई युक्त पट्टी होगी।
मुफ़्त वाई-फ़ाई की योजना बंगलौर में भी शुरू की गई है लेकिन वो भी अभी कुछ इलाकों में प्रारंभिक दौर में ही है। बिहार सरकार की ये योजना फिलहाल पटना के चुनिंदा इलाकों में परिक्षण के लिए सक्रीय है। सरकार की इसी स्कीम का लाभ उठाने के लिए लोग अपने लैपटॉप, स्मार्टफ़ोन लिए गांधी मैदान पहुंच रहे हैं।
इन्हीं में से एक थे हल्की धारीदार सफेद कमीज पहने मृत्युंजय कुमार। पूछने पर पता चला कि मृत्युंजय लगातार दूसरे दिन यहां आए थे। पटना में 'दुनिया के सबसे लंबे मुफ़्त वाई-फ़ाई ज़ोन' की शुरुआत बीते हफ्ते हुई। अखबारों में इसकी खबर पढ़कर वे इसका लाभ उठाने वहां आए थे।
क्या है योजना
बिहार सरकार के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग ने क़रीब बीस किलोमीटर लंबी पट्टी में मुफ़्त वाई-फ़ाई सेवा प्रदान करने की योजना बनाई है। भविष्य में इसे और आगे बढ़ाया जाएगा।
फिलहाल पटना के अशोक राजपथ स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी की एनआईटी मोड़ से गांधी मैदान, डाक बंगला और आयकर चौराहा होते हुए सगुना मोड़ तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर यह सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
19 फरवरी को विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय सेमिनार 'ई-बिहारः एन इमर्जिंग आईटी डेस्टिनेशन' में इस योजना के प्रोटोटाइप (नमूना) का प्रदर्शन किया गया। पहले सेमिनार के दौरान सिर्फ़ नमूने के तौर पर दो दिन के लिए मौर्या होटल के आगे-पीछे एक किलोमीटर की दूरी में वाई-फ़ाई उपलब्ध कराने की योजना थी।
लेकिन आम लोगों में इसकी रुचि और उनकी मांग को देखते हुए विभाग ने इसे उस इलाके में जारी रखने का फ़ैसला किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार निविदा प्रक्रिया के बाद लगभग तीन करोड़ लागत की इस परियोजना के तहत सेवाएं मुहैया कराने के लिए कोलकाता की कंपनी बेंचमार्क इंफोटेक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का चयन हुआ है।
यह कंपनी वाई-फ़ाई सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ अगले तीन सालों तक इसकी निगरानी भी करेगी।
सबसे लंबी वाई-फ़ाई पट्टी
बिहार सरकार के उपक्रम बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी की बेल्ट्रॉन को इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। बेल्ट्रॉन के प्रबंध निदेशक अतुल सिन्हा ने बताया कि अगले एक महीने के अंदर प्रस्तावित पूरे बीस किलोमीटर क्षेत्र में यह सेवा उपलब्ध करा दी जाएगी।
साथ ही उन्होंने यह गूगल सर्च द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों के आधार पर यह भी दावा किया कि यह दुनिया का सबसे लंबा मुफ़्ता वाई-फ़ाई ज़ोन होगा। सिन्हा ने बताया कि अभी सबसे लंबी पट्टी चीन के बीजिंग में है जो लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबी है।
इस तरह सिन्हा के दावे के मुताबिक़ बिहार एक बार फिर से चीन को पीछे छोड़ने की तैयारी में है। इससे पहले बिहार सरकार के अनुसार साल 2011 में नालंदा जिले के दरवेशपुरा के किसान सुमंत कुमार ने प्रति हेक्टेयर 22।4 टन धान उपजाया था। धान में पिछला ‘विश्व रिकॉर्ड’ 19।4 टन प्रति हेक्टेयर उपज के साथ चीन के कृषि वैज्ञानिक युआन लॉंगपिंग का था।
512 केबीपीएस की स्पीड
बेंचमार्क इंफोटेक सर्विसेज के अनुसार पटना के बेली रोड स्थित बेल्ट्रॉन भवन के एक हिस्से में योजना से संबंधित डाटा सर्वर बैठाया जाएगा और वहीं से इसकी निगरानी भी की जाएगी। साथ ही बेल्ट्रॉन भवन के दोनों तरफ रिंग टोपोलॉजी तकनीक का प्रयोग करते हुए 'एक्सेस प्वाइंट' बनाए जाएंगे।
इन्हें बिजली के खंभो पर हर तीन सौ मीटर की दूरी पर लगाया जाएगा जिसमें राउटर्स सहित दूसरे जरूरी उपकरण लगे रहेंगे। एक 'एक्सेस प्वायंट' दो सौ मीटर की परिधि में प्रभावी होगा। कंपनी के अनुसार रिंग टोपोलॉजी की खासियत यह होती है कि इसमें छह एक्सेस प्वाइंट्स आपस में जुड़कर एक इकाई बनाते हैं।
ऐसे में किसी एक इकाई में ख़राबी आने पर उसे आसानी से ढूंढ़ निकाला जाता है और साथ ही बाकी सभी हिस्से काम भी करते रहते हैं। मुफ़्त वाई-फ़ाई ज़ोन के लिए शुरुआत में दो इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के दस-दस एमबीपीएस स्पीड के अलग-अलग बैंडविथ का प्रयोग करने की योजना है। इसे बढ़ती मांग को देखते हुए बढ़ाया भी जाएगा।
जब यह सेवा पूरी तरह काम करने लगेगी तो एक साथ लगभग दस हजार उपयोगकर्ता इसका फायदा उठा पाएंगे और उन्हें 256 से 512 केबीपीएस तक की इंटरनेट स्पीड मिलेगी।
यह योजना अगर अपने दावे के मुताबिक जमीन पर उतरी तो यह बिहार के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। ख़ासकर एक ऐसे राज्य में जहां लोग सूचना प्रौद्योगिकी के हाई-वे पर फ़िलहाल पीछे छूट गए हैं।
कैसे मुमकिन होगा?
गूगल भी दूर दराज के इलाकों में इंटरनेट सेवा मुहैया कराने के लिए वाई फाई प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।
वरिष्ठ टेक्नोलॉजी लेखक प्रशांतो कुमार रॉय कहते हैं, "ये एक अद्भुत विचार है। किसी भी शहर में मुफ़्त में वाई-फ़ाई नहीं दिया गया है। बंगलौर में सीमित प्रयोग किया गया था। विचार के स्तर पर ये बढ़िया है। जहाँ तक इसकी सफलता का सवाल है, मुझे नहीं लगता कि ये काम कर पाएगा। ये बहुत आसान नहीं है। इसके लिए बहुत बड़े बुनियादी ढांचे की जरूरत है।"
वे कहते हैं, "नियमित अंतराल पर राउटर्स लगाने होते हैं, ताकि लोग इस सुविधा का सलीके से इस्तेमाल कर सकें। अगर आप भारत में मुफ़्त में दिए जाने वाले वाई-फ़ाई का उदाहरण लें तो एयरपोर्ट पर ये फ़्री दिया जाता है। लेकिन एयरपोर्ट पर भी इसका इस्तेमाल कोई बहुत आसान नहीं है। इसके दो कारण हैं। पहली परेशानी बढ़िया सिग्नल की है और दूसरी यह कि फ़्री का मतलब ये नहीं है कि कोई भी इसका इस्तेमाल कर ले। इसके लिए यूज़र के वेरिफिकेशन की ज़रूरत होगी और ये अमूमन मोबाइल फोन के जरिए होगी। फ़्री वाई फाई ज़ोन में अभी तक ये कोई आसान प्रक्रिया नहीं रही है।"
देखरेख का सवाल?
प्रशांतो का कहना है, "सुरक्षा कारणों से वे वाई-फ़ाई को पूरी तरह से मुक्त नहीं रखा जाता है। यूज़र को अपना मोबाइल नंबर ज़ाहिर करना होता है। यही यूज़र की पहचान है। इसी वजह से एयरपोर्ट पर फ़्री वाई-फ़ाई होने के बावजूद इसका बेहद कम इस्तेमाल होता है। ज्यादातर लोग अपने इंटरनेट कनेक्शन इस्तेमाल करते हैं।"
इन्हीं वजहों से प्रशांतो को बिहार सरकार के दावे पर संदेह है।
वे कहते हैं, "वे कह रहे हैं कि पटना में इसकी रेंज 20 किलोमीटर होगी। इस वाई-फ़ाई प्रोजेक्ट के तकनीकी पहलुओं पर मेरे पास विस्तार से कोई जानकारी नहीं है लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे कैसे कर पाएंगे, इसमें बहुत लागत आएगी। वाईफाई मोबाइल टावर की तर्ज पर नहीं काम करते हैं कि दो-तीन किलोमीटर पर टावर लगा दिए जाएँ।"
ऐसे काम करेगा मुफ़्त वाई-फ़ाई
-डिवाइस के वाई-फ़ाई फ़ीचर को ऑन करें।
-वाई-फ़ाई ज़ोन में फ़्री वाई-फ़ाई जोन ऑफ़ पटना चुनें।
-इसके बाद डिवाइस के ब्राउजर के होम पेज पर ख़ुद-ब-ख़ुद पटना वाई-फ़ाई का पन्ना खुलेगा।
-पेज की दाहिनी ओर अपना मोबाइल नंबर और दूसरी जरूरी जानकारियां भर कर उपयोगकर्ता अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
-सफल रजिस्ट्रेशन के बाद उपयोगकर्ता के मोबाइल नंबर पर एक पासवर्ड प्राप्त होगा। वाई-फाई के होम पेज के बाईं ओर बने हिस्से में पासवर्ड डाल कर इंटरनेट का उपयोग किया जा सकेगा।
वाई-फाई सेवा की सीमाएं
-पासवर्ड 24 घंटे तक ही मान्य रहेगा। इसके बाद यूजर को फिर से रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
-डाउनलोडिंग, टोरेंट, वयस्क साम्रगी वाली वेबसाइट आदि का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
-यू-ट्यूब और दूसरी वेबसाइट्स पर लाइव वीडियो देखने पर रोक रहेगी लेकिन यूजर टेक्स्ट और ईमेज फाइल्स डाउनलोड और अपलोड कर सकेंगे।
-डाउनलोड और अपलोड की सीमा अभी तय नहीं की गई है।