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उनके साथ ही ऐसा क्यों होता है

Tue, 09 Oct 2012 09:41 PM IST
नई दिल्ली
नई दिल्ली Updated Tue, 09 Oct 2012 09:41 PM IST
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Why is it with them
हरियाणा के जींद में सामूहिक बलात्कार से क्षुब्ध और शर्मसार एक नाबालिग की आत्महत्या ने आखिरकार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को झकझोरा, अन्यथा पिछले महीने भर में इस तरह की लगभग एक दर्जन घटनाओं के बावजूद राज्य के मुख्यमंत्री ने किसी पीड़ित परिवार से मिलने तक की जरूरत नहीं समझी थी।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पुलिस महानिदेशक जैसे जिम्मेदार शख्स भी इन घटनाओं के प्रति दुख जताने के बजाय इन्हें विरोधियों की साजिश, अभिभावकों की ढिलाई और मीडिया के असंयम का नतीजा बता रहे थे! कुछेक खाप पंचायतों ने तो यह सुझाव दे डाला कि शादी की उम्र घटा देने से बलात्कार के बढ़ते मामलों पर लगाम लग सकती है। जबकि राज्य में विवाहितों के साथ भी ऐसे घिनौने अपराध हुए हैं।
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साफ है कि राष्ट्रीय राजधानी से सटे राज्य में बलात्कार के मामले जितने बढ़े हैं, सरकार, पुलिस-प्रशासन और सामाजिक संगठनों की भूमिका उतनी ही उदासीन दिखाई पड़ी है। मुख्यमंत्री का कहना था कि बलात्कार के बढ़ते मामले वस्तुतः प्रशासनिक चुस्ती का नमूना है, जिसके तहत अपराध होते ही मामले दर्ज कर लिए जाते हैं। जबकि सचाई यह है कि खासकर दलितों से जुड़े अपराध के मुकदमे तत्परता से दर्ज भले ही कर लिए जाएं, ऐसे मामलों में दोषसिद्धि की दर हरियाणा में राष्ट्रीय दर से आधी, महज 13 फीसदी ही, है।
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राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो का आंकड़ा बताता है कि राज्य में दलितों के खिलाफ हर आठ में से केवल एक मामले में अपराधी को सजा मिलती है। ऐसे में, कांग्रेस अध्यक्ष का पीड़ित परिवार से मिलना एक बड़ी प्रतीकात्मक घटना भले ही हो, पर क्या इससे बड़ी उम्मीद बनती है? उन्होंने सही कहा कि पूरे देश में बलात्कारियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, पर हरियाणा में स्थिति बदले, इसके लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाना जरूरी है।


हालत यह है कि बीते सात साल में वहां बलात्कार के सालाना आंकड़े दोगुने तक पहुंच गए हैं, फिर भी यदि सरकारी निष्क्रियता खत्म होने के लक्षण नहीं दिखते, तो यह बेहद गंभीर मामला है। सोनिया गांधी के दौरे के बाद, संभव है, जींद की दुखद घटना के दोषी जल्दी ही सींखचे के पीछे दिखाई पड़ें, लेकिन असली न्याय तो तभी होगा, जब राज्य में बलात्कार के सभी मामलों में दोषी न सिर्फ पकड़े जाएंगे, बल्कि उन्हें सख्त सजा भी मिलेगी।
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