यह किसका राज?

नई दिल्ली Updated Mon, 27 Jan 2014 07:50 PM IST
whose rule is this?
महाराष्ट्र में टोल टैक्स को लेकर राजनीति नई नहीं है, यहां तक कि खुद मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने महज हफ्ते भर पहले ही टोल नाकों के ठेकों और उनके संचालन में गड़बड़ी की बात स्वीकार की थी। लेकिन महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता राज ठाकरे ने जिस तरह से अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को टोल टैक्स न देने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए उकसाया, उससे उनकी मंशा पर सवाल उठना लाजिमी है।

इसका असर यह हुआ कि मुंबई, कोल्हापुर से लेकर नागपुर सहित कई शहरों में मनसे के कार्यकर्ताओं ने कई टोल नाकों पर हमले कर तोड़फोड़ कर दी। टोल नाकों का मामला अकेले महाराष्ट्र का नहीं है, बल्कि पूरे देश में इसे लेकर विवाद की स्थिति है। उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के टोल कर्मचारियों से उलझने की खबरें पहले आई हैं, तो गुजरात में एक सांसद को टोल कर्मचारियों को बंदूक से धमकाने के दृश्य भी अधिक पुराने नहीं हुए हैं।

असल में सड़कों, खासतौर से हाई-वे और एक्सप्रेस-वे के निर्माण में जिस तरह से भारी निवेश हो रहा है, उसकी वजह से टोल नाकों के जरिये वसूली जरूरी हो गई है। मगर इन नाकों के ठेकों के आवंटन और वसूली की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जाती है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता कानून को ही अपने हाथ में ले लें।

अभी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी की थी कि लोकलुभावन अराजकता शासन का विकल्प नहीं हो सकती। इस चुनावी मौसम में इसके अलग-अलग अर्थ निकाले जा रहे हैं और इसे आम आदमी पार्टी की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन क्या इसे मनसे की राजनीति से भी जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, जिसके नेता को अपनी पार्टी के लोगों से यह कहने से गुरेज नहीं कि हाई-वे पर चाहे जाम लगे या कुछ भी हो जाए, वे टोल न दें।

ऐसा लगता है कि राज ठाकरे लोकसभा चुनाव और कुछ महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपने लिए आधार तलाश रहे हैं। वरना टोल के जिस मुद्दे को वह उठा रहे हैं, उनकी प्रतिद्वंद्वी शिवसेना एक पखवाड़े पहले ही उठा चुकी है, बेशक दोनों का तरीका एक जैसा है।

Spotlight

Most Read

Other Archives

शहरियों ने कटा दी नाक, सिर्फ 58.89 फीसदी मतदान

बिंदकी समेत अन्य ने की पूरी मेहनत, रहे अव्वल हथगाम ने इस बार भी बाजी मारी, पांच फीसदी उछला

30 नवंबर 2017

Other Archives

35 घायल

28 नवंबर 2017

Related Videos

राजधानी में बेखौफ बदमाश, दिनदहाड़े घर में घुसकर महिला का कत्ल

यूपी में बदमाशों का कहर जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों को तो छोड़ ही दीजिए, राजधानी में भी लोग सुरक्षित नहीं हैं। शनिवार दोपहर बदमाशों ने लखनऊ में हार्डवेयर कारोबारी की पत्नी की दिनदहाड़े घर में घुस कर हत्या कर दी।

21 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper