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यूनिवर्सल नंबर लेना है तो सात दिन बचे हैं भाई
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Tue, 16 Sep 2014 02:42 AM IST
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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से डेढ़ माह पहले शुरू हुई यूनिवर्सल नंबर सेवा का लाभ लेने के लिए अब सिर्फ सात दिन ही बचे हैं।
रोहतक क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन आने वाले 7 जिलों (रोहतक, झज्जर, जींद, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा) में अभी तक 66 फीसदी नियोक्ता ही योजना का लाभ लेने आगे आए हैं।
34 फीसदी नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों की चिंता नहीं है। 23 सितंबर को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योजना का उद्घाटन करेंगे। अभी हाथों-हाथ मिल रहे यूनिवर्सल नंबर योजना लागू होने के बाद तुरंत नहीं मिल पाएंगे। साथ ही, लापरवाह नियोक्ताओं का रिकॉर्ड खराब दर्ज होने की भी संभावना है।
रोहतक क्षेत्रीय कार्यालय के अधीनस्थ 7 जिलों में करीब पांच लाख श्रमिक व कर्मचारी हैं। 23 सितंबर तक क्षेत्रीय कार्यालय को दिए गए टारगेट के तहत 1 लाख 45 हजार कर्मचारियों को यूनिवर्सल नंबर देने हैं। इसमें से 95 हजार कर्मचारियों को यूनिवर्सल नंबर दिए जा चुके हैं। इसके अलावा, रोहतक क्षेत्रीय कार्यालय 66 फीसदी टारगेट के साथ अन्य र्कई कार्यालयों से आगे चल रहा है।
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डिजिटल हस्ताक्षर और बैंक खाता जरूरी
इसके लिए बैंक खाता और डिजिटल हस्ताक्षर जरूरी हैं। लेकिन दोनों ही काम बहुत ही धीमी गति से चल रहे हैं। लिहाजा नियोक्ता यूनिवर्सल नंबर नहीं ले पा रहे हैं। ईपीएफओ ने जल्द ही डिजिटल हस्ताक्षर लेने और बैंक खाता खुलवाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। क्योंकि इन दोनों के नहीं होने की स्थिति में में कर्मचारियों को यूनिवर्सल नंबर जारी नहीं किए जा सकेंगे।
क्या है यूनिवर्सल अकाउंट नंबर
यूएएन कर्मचारी के नाम से जारी पीएफ का 12 डिजिट का एक नंबर होगा। इसके लागू होने पर अब हर व्यक्ति का जीवनभर एक ही यूनिवर्सल पीएफ अकाउंट नंबर होगा। इसमें उस व्यक्ति की लगातार सर्विस जुड़ती रहेंगी। यानी, कंपनी बदलने या तबादला होने की स्थिति में उसका यही यूनिवर्सल नंबर चलेगा।
यह करना है नियोक्ताओं को
यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिवेट करवाने के लिए नियोक्ता, संस्थान व कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की डिटेल देनी होगी। नियोक्ता ईपीएफओ की वेबसाइट www.epfindia.com पर अपने यूजर आईडी व पासवर्ड से लॉग इन करें। फिर, मेंबर पोर्टल में यूनिवर्सल अकाउंट नंबर डाउनलोड करें। पीडीएफ कॉपी डाउनलोड होने पर हार्ड कॉपी में कर्मचारियों के नाम, पिता, ज्वाइनिंग डेट, बैंक अकाउंट, आधार या पैन भरना होगा। बैंक अकाउंट नंबर, आधार कार्ड या पैन कार्ड की कॉपी सेल्फ अटेस्टेड लेनी है। यह सभी जानकारी एक्सल में ऑनलाइन फीडिंग कर ईपीएफओ में जमा करनी होगी।
इसलिए पड़ी जरूरत
1. पुरानी सेवाओं की पीएफ राशि ट्रांसफर करवाने की परेशानी खत्म हो जाएगी।
2. रिटायरमेंट पर कई जगह पर नौकरी का पीएफ डाटाबेस जुटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
3. नियोक्ता कर्मचारी को पीएफ लाभ देने से वंचित नहीं रख पाएंगे।
4. डाटाबेस ऑनलाइन पोर्टल पर होने से रिकॉर्ड में हेराफेरी नहीं होगी।
वर्जन
यूएनए डाउनलोड कर कर्मचारियों का करें हित
नियोक्ताओं को निर्देश दे रहे हैं कि वे अपने श्रमिकों व कर्मचारियों के यूनिवर्सल नंबर डाउनलोड करें। नई सेवा की शुरुआत 23 सितंबर को प्रधानमंत्री के हाथों दिल्ली में होगी। इसके बाद नियमों में सख्ती की जाएगी। जो नियोक्ता यूनिवर्सल नंबर लेने में देरी कर रहे हैं, वे कर्मचारियों का अहित कर रहे हैं।
-कृष्ण प्रताप सिंह, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ रोहतक।
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रोहतक क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन आने वाले 7 जिलों (रोहतक, झज्जर, जींद, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा) में अभी तक 66 फीसदी नियोक्ता ही योजना का लाभ लेने आगे आए हैं।
34 फीसदी नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों की चिंता नहीं है। 23 सितंबर को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योजना का उद्घाटन करेंगे। अभी हाथों-हाथ मिल रहे यूनिवर्सल नंबर योजना लागू होने के बाद तुरंत नहीं मिल पाएंगे। साथ ही, लापरवाह नियोक्ताओं का रिकॉर्ड खराब दर्ज होने की भी संभावना है।
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रोहतक क्षेत्रीय कार्यालय के अधीनस्थ 7 जिलों में करीब पांच लाख श्रमिक व कर्मचारी हैं। 23 सितंबर तक क्षेत्रीय कार्यालय को दिए गए टारगेट के तहत 1 लाख 45 हजार कर्मचारियों को यूनिवर्सल नंबर देने हैं। इसमें से 95 हजार कर्मचारियों को यूनिवर्सल नंबर दिए जा चुके हैं। इसके अलावा, रोहतक क्षेत्रीय कार्यालय 66 फीसदी टारगेट के साथ अन्य र्कई कार्यालयों से आगे चल रहा है।
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डिजिटल हस्ताक्षर और बैंक खाता जरूरी
इसके लिए बैंक खाता और डिजिटल हस्ताक्षर जरूरी हैं। लेकिन दोनों ही काम बहुत ही धीमी गति से चल रहे हैं। लिहाजा नियोक्ता यूनिवर्सल नंबर नहीं ले पा रहे हैं। ईपीएफओ ने जल्द ही डिजिटल हस्ताक्षर लेने और बैंक खाता खुलवाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। क्योंकि इन दोनों के नहीं होने की स्थिति में में कर्मचारियों को यूनिवर्सल नंबर जारी नहीं किए जा सकेंगे।
क्या है यूनिवर्सल अकाउंट नंबर
यूएएन कर्मचारी के नाम से जारी पीएफ का 12 डिजिट का एक नंबर होगा। इसके लागू होने पर अब हर व्यक्ति का जीवनभर एक ही यूनिवर्सल पीएफ अकाउंट नंबर होगा। इसमें उस व्यक्ति की लगातार सर्विस जुड़ती रहेंगी। यानी, कंपनी बदलने या तबादला होने की स्थिति में उसका यही यूनिवर्सल नंबर चलेगा।
यह करना है नियोक्ताओं को
यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिवेट करवाने के लिए नियोक्ता, संस्थान व कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की डिटेल देनी होगी। नियोक्ता ईपीएफओ की वेबसाइट www.epfindia.com पर अपने यूजर आईडी व पासवर्ड से लॉग इन करें। फिर, मेंबर पोर्टल में यूनिवर्सल अकाउंट नंबर डाउनलोड करें। पीडीएफ कॉपी डाउनलोड होने पर हार्ड कॉपी में कर्मचारियों के नाम, पिता, ज्वाइनिंग डेट, बैंक अकाउंट, आधार या पैन भरना होगा। बैंक अकाउंट नंबर, आधार कार्ड या पैन कार्ड की कॉपी सेल्फ अटेस्टेड लेनी है। यह सभी जानकारी एक्सल में ऑनलाइन फीडिंग कर ईपीएफओ में जमा करनी होगी।
इसलिए पड़ी जरूरत
1. पुरानी सेवाओं की पीएफ राशि ट्रांसफर करवाने की परेशानी खत्म हो जाएगी।
2. रिटायरमेंट पर कई जगह पर नौकरी का पीएफ डाटाबेस जुटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
3. नियोक्ता कर्मचारी को पीएफ लाभ देने से वंचित नहीं रख पाएंगे।
4. डाटाबेस ऑनलाइन पोर्टल पर होने से रिकॉर्ड में हेराफेरी नहीं होगी।
वर्जन
यूएनए डाउनलोड कर कर्मचारियों का करें हित
नियोक्ताओं को निर्देश दे रहे हैं कि वे अपने श्रमिकों व कर्मचारियों के यूनिवर्सल नंबर डाउनलोड करें। नई सेवा की शुरुआत 23 सितंबर को प्रधानमंत्री के हाथों दिल्ली में होगी। इसके बाद नियमों में सख्ती की जाएगी। जो नियोक्ता यूनिवर्सल नंबर लेने में देरी कर रहे हैं, वे कर्मचारियों का अहित कर रहे हैं।
-कृष्ण प्रताप सिंह, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ रोहतक।