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घर के बाहर खेल रही दो बहनें लापता
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Sat, 04 Oct 2014 02:28 AM IST
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शहर थाना अंतर्गत भिवानी रोड से गद्दी खेड़ी रोड पर किराए पर रह रहे एक फैक्ट्री श्रमिक की दो मासूम बेटी घर के बाहर खेलते हुए संदिग्ध हालत में गायब हो गई।
परिजनों ने दोनों के गायब होने की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने परिजनों के बयान पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
हालांकि परिजनों का आरोप है कि उनकी बच्चियों का किसी ने अपहरण कर लिया है, नहीं तो वे किसी न किसी तरह घर जरूर पहुंच जाती। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले में जांच चल रही है।
बिहार के रोहतास जिला के निवासी शशिकांत अपने परिवार के साथ किराए पर रहता है। उसने बताया कि वह पास में ही मौजूद एक फैक्ट्री में मजदूरी का काम करता है।
शशिकांत की पत्नी गायत्री ने बताया कि 29 सितंबर को सुबह करीब साढ़े 8 बजे वह सब्जी मंडी में खरीदारी करने गई थी। उसकी दो बेटियां 10 वर्षीय ईशु और उससे छोटी बहन 6 वर्षीय घर के बाहर खेल रही थी। जब वह कुछ दूर गई तो दोनों बेटियां उसके पीछे ही आ रही थी। इस पर उसने उन्हें डांट कर वापस घर भेज दिया था। इसके बाद वे दोनों घर की ओर वापस चली गई। जब वह वापस लौटी तो वे दोनों घर पर नहीं थी। पहले तो सोचा कि वह कहीं आसपास ही खेल रही होंगी, लेकिन काफी देर बाद भी वे नहीं लौटी तो उनकी चिंताएं बढ़ गईं और उन्होंने उनकी तलाश शुरू कर दी पर पता नहीं चला। इस पर उन्होंने अपने पति को भी सूचना दे दी। सूचना मिलने पर वे भी वहां पहुंचे और अपनी बेटियों की तलाश में जुट गए। रातभर वे अपनी बेटियों की तलाश कभी बस स्टैंड तो कभी रेलवे स्टेशन और शहर की गलियों में भटकते रहे, लेकिन कोई पता नहीं चला।
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चार बेटी और एक बेटा है परिवार में
शशिकांत ने बताया कि उसके परिवार में उसकी पत्नी गायत्री देवी, चार बेटी और एक बेटा है। इनमें सबसे बड़ी बेटी अनु का विवाह हो चुका है। जबकि दूसरे नंबर पर बेटी निधि है। उसकी दो और बेटी जो कि ईशु और शिवानी हैं जबकि सबसे छोटा बेटा है। वह पहले श्रीनगर कालोनी में किराए पर रहता था, लेकिन 22 सितंबर को ही वह गद्दी खेड़ी रोड पर किराए पर रहने आए हैं।
मेरी बेटियों का हुआ है अपहरण
मां गायत्री देवी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ईशु काफी तेज है। उसके पिता का मोबाइल नंबर उसे पूरी तरह याद है। वह काफी समझदार है। यदि वह गुम होती तो किसी न किसी तरह फोन कर बता भी सकती थी। लेकिन, उन दोनों का किसी ने अपहरण कर लिया है और वे बड़ी मुसीबत में हैं। सुबह से रात तक करते रहते हैं तलाश
पिछले चार दिनों से वे लगातार अपने बच्चों की तलाश में सुबह 5 बजे से निकल जाते हैं और देर रात तक ही घर पर वापस आते हैं। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई है कि उनकी बेटियों की तलाश कराई जाए। गायत्री ने बताया कि ईशु दूसरी कक्षा और ईशु पहली कक्षा की छात्रा है। दोनों की तलाश में न दिन दिखता है और न ही रात। दशहरे पर भी वे शहर में जगह पर्चे बांट रहे थे, शायद उनका कोई सुराग मिल जाए।
फोटो देने पर तीन दिन बाद दर्ज हुआ मामला
विधानसभा चुनाव को लेकर अपने को पूरी तरह सक्रिय बता रही है पुलिस के दावे के बीच आमजन की सुरक्षा कमजोर पड़ती नजर आ रही है। जिले में दो दिन से मुख्यमंत्री भी हैं, लेकिन एक गरीब की दो मासूम बेटियों के लापता होने का मुकदमा पुलिस तीन दिन बाद कर रही है। शशिकांत की बेटियां 29 सितंबर को लापता हुई। रात भर अपने स्तर पर खोजबीन की लेकिन उन्हें ढूंढ़ने में सफल नहीं हुए तो उम्मीद लेकर पुलिस के पास पहुंचे। लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करने में ही तीन दिन लगा दिए। यानी 30 सितंबर को शिकायत करने के बाद 2 अक्टूबर को केस दर्ज हुआ। वह भी गुमशुदगी का। परिजन मामला अपहरण का बता रहे हैं। शशिकांत ने बताया कि उन्होंने पुलिस को शिकायत दे दी थी लेकिन उनके पास बेटियों का फोटो नहीं था। इस पर पुलिस ने उन्हें बृहस्पतिवार को पुलिस चौकी में बुलाया था। वहां पर उन्होंने अपनी बेटियों के फोटो दिए और पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली।
वर्जन
‘गद्दी खेड़ी में किराए पर रह रही दो बच्चियों के गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। उनकी तलाश की जा रही है। मामले में पुलिस की ओर से उनकी तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।’
कुलबीर सिंह, एसएचओ, थाना शहर, रोहतक।
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परिजनों ने दोनों के गायब होने की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने परिजनों के बयान पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
हालांकि परिजनों का आरोप है कि उनकी बच्चियों का किसी ने अपहरण कर लिया है, नहीं तो वे किसी न किसी तरह घर जरूर पहुंच जाती। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले में जांच चल रही है।
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बिहार के रोहतास जिला के निवासी शशिकांत अपने परिवार के साथ किराए पर रहता है। उसने बताया कि वह पास में ही मौजूद एक फैक्ट्री में मजदूरी का काम करता है।
शशिकांत की पत्नी गायत्री ने बताया कि 29 सितंबर को सुबह करीब साढ़े 8 बजे वह सब्जी मंडी में खरीदारी करने गई थी। उसकी दो बेटियां 10 वर्षीय ईशु और उससे छोटी बहन 6 वर्षीय घर के बाहर खेल रही थी। जब वह कुछ दूर गई तो दोनों बेटियां उसके पीछे ही आ रही थी। इस पर उसने उन्हें डांट कर वापस घर भेज दिया था। इसके बाद वे दोनों घर की ओर वापस चली गई। जब वह वापस लौटी तो वे दोनों घर पर नहीं थी। पहले तो सोचा कि वह कहीं आसपास ही खेल रही होंगी, लेकिन काफी देर बाद भी वे नहीं लौटी तो उनकी चिंताएं बढ़ गईं और उन्होंने उनकी तलाश शुरू कर दी पर पता नहीं चला। इस पर उन्होंने अपने पति को भी सूचना दे दी। सूचना मिलने पर वे भी वहां पहुंचे और अपनी बेटियों की तलाश में जुट गए। रातभर वे अपनी बेटियों की तलाश कभी बस स्टैंड तो कभी रेलवे स्टेशन और शहर की गलियों में भटकते रहे, लेकिन कोई पता नहीं चला।
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चार बेटी और एक बेटा है परिवार में
शशिकांत ने बताया कि उसके परिवार में उसकी पत्नी गायत्री देवी, चार बेटी और एक बेटा है। इनमें सबसे बड़ी बेटी अनु का विवाह हो चुका है। जबकि दूसरे नंबर पर बेटी निधि है। उसकी दो और बेटी जो कि ईशु और शिवानी हैं जबकि सबसे छोटा बेटा है। वह पहले श्रीनगर कालोनी में किराए पर रहता था, लेकिन 22 सितंबर को ही वह गद्दी खेड़ी रोड पर किराए पर रहने आए हैं।
मेरी बेटियों का हुआ है अपहरण
मां गायत्री देवी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ईशु काफी तेज है। उसके पिता का मोबाइल नंबर उसे पूरी तरह याद है। वह काफी समझदार है। यदि वह गुम होती तो किसी न किसी तरह फोन कर बता भी सकती थी। लेकिन, उन दोनों का किसी ने अपहरण कर लिया है और वे बड़ी मुसीबत में हैं। सुबह से रात तक करते रहते हैं तलाश
पिछले चार दिनों से वे लगातार अपने बच्चों की तलाश में सुबह 5 बजे से निकल जाते हैं और देर रात तक ही घर पर वापस आते हैं। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई है कि उनकी बेटियों की तलाश कराई जाए। गायत्री ने बताया कि ईशु दूसरी कक्षा और ईशु पहली कक्षा की छात्रा है। दोनों की तलाश में न दिन दिखता है और न ही रात। दशहरे पर भी वे शहर में जगह पर्चे बांट रहे थे, शायद उनका कोई सुराग मिल जाए।
फोटो देने पर तीन दिन बाद दर्ज हुआ मामला
विधानसभा चुनाव को लेकर अपने को पूरी तरह सक्रिय बता रही है पुलिस के दावे के बीच आमजन की सुरक्षा कमजोर पड़ती नजर आ रही है। जिले में दो दिन से मुख्यमंत्री भी हैं, लेकिन एक गरीब की दो मासूम बेटियों के लापता होने का मुकदमा पुलिस तीन दिन बाद कर रही है। शशिकांत की बेटियां 29 सितंबर को लापता हुई। रात भर अपने स्तर पर खोजबीन की लेकिन उन्हें ढूंढ़ने में सफल नहीं हुए तो उम्मीद लेकर पुलिस के पास पहुंचे। लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करने में ही तीन दिन लगा दिए। यानी 30 सितंबर को शिकायत करने के बाद 2 अक्टूबर को केस दर्ज हुआ। वह भी गुमशुदगी का। परिजन मामला अपहरण का बता रहे हैं। शशिकांत ने बताया कि उन्होंने पुलिस को शिकायत दे दी थी लेकिन उनके पास बेटियों का फोटो नहीं था। इस पर पुलिस ने उन्हें बृहस्पतिवार को पुलिस चौकी में बुलाया था। वहां पर उन्होंने अपनी बेटियों के फोटो दिए और पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली।
वर्जन
‘गद्दी खेड़ी में किराए पर रह रही दो बच्चियों के गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। उनकी तलाश की जा रही है। मामले में पुलिस की ओर से उनकी तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।’
कुलबीर सिंह, एसएचओ, थाना शहर, रोहतक।