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सचिन का सच

Wed, 05 Nov 2014 08:23 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 05 Nov 2014 08:23 PM IST
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Truth of Sachin

क्रिकेट के मैदान में सचिन तेंदुलकर सनसनी से दूर रहते आए हैं, पर उनकी आत्मकथा प्लेइंग इट माइ वे के छपे हुए हिस्सों ने इन दिनों जैसी सनसनी मचाई है, वह ध्यान देने लायक है। सचिन की किताब में खासकर ग्रेग चैपल एक ऐसे मनमौजी कोच के रूप में सामने आते हैं, जिन्हें क्रिकेटरों की वरिष्ठता का कोई लिहाज नहीं है, और जो विश्व कप से पहले द्रविड़ को कप्तानी से हटाकर सचिन को नेतृत्व की सलाह देता है।

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चैपल के अक्खड़पन के बारे में हालांकि बहुत कुछ पहले ही सामने आ चुका है। उनकी शख्सियत पर टिप्पणी करते हुए विदेशियों की मानसिकता, और खासकर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में इयान और ग्रेग चैपल की दबंगई को विस्मृत नहीं करना चाहिए। मसलन, भारत में किसी कोच से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि शून्य पर आउट होने पर वह किसी क्रिकेटर का कॉलर पकड़ सकता है। फिर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में खिलाड़ियों के मौजूदा प्रदर्शन को महत्व दिया जाता है, विगत खेल को नहीं। परंपरा से हटकर कदम उठाने की उनकी शैली भी काफी चर्चित रही। कुछ पूर्व क्रिकेटरों की चैपल के प्रति नाराजगी की यह वजह रही हो सकती है।
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आत्मकथा का यह हिस्सा सामने आते ही द्रविड़ को छोड़ शेष पूर्व क्रिकेटरों ने सचिन के सुर में सुर मिलाते हुए चैपल की जिस तरह लानत-मलामत की है, उसकी यही वजह है। हालांकि भारतीय क्रिकेट में बतौर कोच ग्रेग चैपल से बड़ा योगदान जॉन राइट का रहा है। टीम इंडिया में अहं के टकराव और वरिष्ठों को किनारे करने के जो दृश्य बाद में दिखे, उसके बीज भी चैपल ही बो गए थे।
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अपनी किताब में सचिन ने चैपल की उस योजना का जैसा खुलासा किया है, जिसमें पूर्व कोच मास्टर ब्लास्टर के साथ मिलकर भारतीय क्रिकेट को नियंत्रित करने की मंशा पाले हुए थे, वह तो बेहद चौंकाने वाला है। चूंकि ये खुलासे उस शख्स ने किए हैं, जिन्हें 'क्रिकेट का भगवान' माना जाता है, इसलिए इन पर भरोसा करने का कारण है। हालांकि यह भी सही है कि अपने लंबे क्रिकेट करियर में सचिन बोलने से हमेशा कतराते रहे हैं। तब भी, जब जरूरी मुद्दों पर क्रिकेट विश्व उनकी टिप्पणियों की प्रतीक्षा करता रहा। लिहाजा यह जानना महत्वपूर्ण है कि सचिन ने अपनी किताब में मैच फिक्सिंग, बॉल टेंपरिंग और हरभजन-एंड्रयू सायमंड्स जैसे विवादास्पद मुद्दों पर क्या कहा है।

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