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कीटनाशक पर अधिक कीमत वसूलने का आरोप
जींद
Updated Tue, 29 Jul 2014 11:53 PM IST
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पुरानी अनाज मंडी स्थित सफीदों को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी पर कुछ किसानों ने कीटनाशक की अधिक कीमत वसूलने का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि धान की फसल में कीट नियंत्रण व फुटाव की दवाई के बैग खरीदने पर किसानों से 105 रुपये अधिक वसूले जा रहे है।
वहीं सोसायटी प्रबंधन ने इससे पल्ला झाड़ा है।
सोसायटी द्वारा किसानों से खाद, बीज व दवाइयों के साथ-साथ अन्य सामान खरीदने पर मनमर्जी के भाव वसूले जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि सोसायटी के कर्मचारियों द्वारा किसानों को जो बिल व रसीद दी जा रही है उस पर भी कर्मचारी व अधिकारी मनमर्जी के भाव व तारीख भर रहे हैं।
गांव कुरड़ निवासी दिलावर सिंह ने बताया कि उसने सोसायटी से 24 जुलाई को पांच बैग कीटनाशक व फूट की दवाई खरीदी थी। इनके बदले सोसायटी में तैनात कर्मचारी ने उससे 1975 रुपये लिए। कर्मचारी ने उसे 1975 रुपये का बिल दिया। दिलावर के अनुसार बैग पर 290 रुपये मूल्य अंकित है। वह तुरंत सभी पांच बैगों व रसीद लेकर सोसायटी पहुंचे और पूछताछ की। दिलावर के अनुसार उसकी सुनवाई नहीं की गई। दिलावर ने बताया कि उन्होंने 28 जुलाई को फैक्स से कर्मचारियों की शिकायत विभाग के आला अधिकारियों से करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री को भी भेजी है।
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खालता के किसान के भी आरोप
गांव खातला निवासी किसान सुलतान ने भी बताया कि उसने भी 14 जुलाई 2014 को पांच बैग खरीदे थे। इस पर सोसायटी के कर्मचारी ने उससे भी 1975 रुपये लिए थे जबकि बैग पर 290 रुपये मूल्य लिखा था। पीड़ित किसान ने बताया कि कर्मचारी द्वारा जो रसीद दी गई है उस पर तारीख 14 जुलाई 2011 दर्शाई गई है। पीड़ित किसान ने बताया कि 2011 में इस बैग का मूल्य लगभग 220 रुपये था। किसान ने यह भी बताया कि उन्होंने जो बैग खरीदे थे उनका मूल्य लगभग 260 रुपये होना चाहिए था जबकि कर्मचारियों द्वारा उन्हें 395 रुपये में बेचकर सरेआम लूटा जा रहा है।
आरोप बेबुनियाद
जब इस सारे मामले में सोसायटी के मैनेजर सत्यवान से बातचीत की गई तो उन्होंने उपरोक्त सभी आरोपों को बेबुनियाद व निराधार बताते हुए कहा कि वे प्रत्येक किसान को खाद, बीज व दवाइयों उसी हिसाब से दे रहे हैं ज रेट लिस्ट उनके पास जिला कार्यालय से आई हुई है। उनके पास जिला कार्यालय से लिस्ट आई हुई है कि कारटप हाईड्राक्लाइड का बैग 395 रुपये के हिसाब से ही दिया जाए। रेट रसीद पर वर्ष 2011 के लिखने के सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा कि यह कर्मचारी से गलती से लिखा गया होगा।
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वहीं सोसायटी प्रबंधन ने इससे पल्ला झाड़ा है।
सोसायटी द्वारा किसानों से खाद, बीज व दवाइयों के साथ-साथ अन्य सामान खरीदने पर मनमर्जी के भाव वसूले जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि सोसायटी के कर्मचारियों द्वारा किसानों को जो बिल व रसीद दी जा रही है उस पर भी कर्मचारी व अधिकारी मनमर्जी के भाव व तारीख भर रहे हैं।
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गांव कुरड़ निवासी दिलावर सिंह ने बताया कि उसने सोसायटी से 24 जुलाई को पांच बैग कीटनाशक व फूट की दवाई खरीदी थी। इनके बदले सोसायटी में तैनात कर्मचारी ने उससे 1975 रुपये लिए। कर्मचारी ने उसे 1975 रुपये का बिल दिया। दिलावर के अनुसार बैग पर 290 रुपये मूल्य अंकित है। वह तुरंत सभी पांच बैगों व रसीद लेकर सोसायटी पहुंचे और पूछताछ की। दिलावर के अनुसार उसकी सुनवाई नहीं की गई। दिलावर ने बताया कि उन्होंने 28 जुलाई को फैक्स से कर्मचारियों की शिकायत विभाग के आला अधिकारियों से करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री को भी भेजी है।
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खालता के किसान के भी आरोप
गांव खातला निवासी किसान सुलतान ने भी बताया कि उसने भी 14 जुलाई 2014 को पांच बैग खरीदे थे। इस पर सोसायटी के कर्मचारी ने उससे भी 1975 रुपये लिए थे जबकि बैग पर 290 रुपये मूल्य लिखा था। पीड़ित किसान ने बताया कि कर्मचारी द्वारा जो रसीद दी गई है उस पर तारीख 14 जुलाई 2011 दर्शाई गई है। पीड़ित किसान ने बताया कि 2011 में इस बैग का मूल्य लगभग 220 रुपये था। किसान ने यह भी बताया कि उन्होंने जो बैग खरीदे थे उनका मूल्य लगभग 260 रुपये होना चाहिए था जबकि कर्मचारियों द्वारा उन्हें 395 रुपये में बेचकर सरेआम लूटा जा रहा है।
आरोप बेबुनियाद
जब इस सारे मामले में सोसायटी के मैनेजर सत्यवान से बातचीत की गई तो उन्होंने उपरोक्त सभी आरोपों को बेबुनियाद व निराधार बताते हुए कहा कि वे प्रत्येक किसान को खाद, बीज व दवाइयों उसी हिसाब से दे रहे हैं ज रेट लिस्ट उनके पास जिला कार्यालय से आई हुई है। उनके पास जिला कार्यालय से लिस्ट आई हुई है कि कारटप हाईड्राक्लाइड का बैग 395 रुपये के हिसाब से ही दिया जाए। रेट रसीद पर वर्ष 2011 के लिखने के सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा कि यह कर्मचारी से गलती से लिखा गया होगा।