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Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   The young man was shot dead in front of police station

पुलिस चौकी के सामने युवक की गोली मारकर हत्या

Sat, 09 Aug 2014 11:53 PM IST
फतेहाबाद
फतेहाबाद Updated Sat, 09 Aug 2014 11:53 PM IST
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बस स्टैंड स्थित चौकी के सामने शुक्रवार रात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने बाल्मीकि चौक के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए।
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 शनिवार सुबह हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बाल्मीकि समुदाय के लोगों ने लालबत्ती तथा बस स्टैंड के सामने एकत्र होकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे नेशनल हाइवे पर 5 घंटे तक जाम लगा रहा। जाम के दौरान समुदाय के लोगों की आम लोगों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ झड़प भी हुई। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी व नौकरी का लिखित आश्वासन देने के बाद समुदाय के लोगों ने जाम खोला। शहर पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर नलवा विधायक और पूर्व वित्तमंत्री सम्पत सिंह के निजी सचिव व उसके बेटे सहित 7 लोगों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाल्मीकि चौक निवासी 32 वर्षीय भारत पुत्र रमेश कुमार शुक्रवार रात को बस स्टैंड चौकी के सामने एक दुकान पर चाय पीने के लिए आया था। चाय पीने बाद जैसे ही वह खड़ा होने लगा तो मौके के इंतजार में खड़े मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों में से एक ने नजदीक आकर भारत के पीछे से फायर कर दिया। गोली भारत के छाती से आरपार हो गई थी। गोली चलने के बाद बस स्टैंड के पास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और काफी देर तक भारत मौके पर पड़ा तड़पता रहा। मौके पर मौजूद एक रिक्शा चालक ने हिम्मत दिखाकर भारत को अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टराें ने भारत को मृत घोषित कर दिया।
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हमलावरों ने बेखौफ हो चौकी के सामने चलाई गोली
हमला करने वाले बेखौफ होकर आए थे और उन्होंने पुलिस चौकी की भी परवाह न करते हुए भारत पर गोली चला दी और मौके से फरार हो गए। मृतक के परिजनों का आरोप है कि चौकी पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने सतर्कता नहीं दिखाई। यदि वह सतर्कता दिखाते तो हमलावर पकड़े जा सकते थे। क्योंकि एक पुलिस कर्मचारी ने हमलावरों को भागते हुए भी देखा था। पुलिस कर्मचारी के अनुसार हमलावरों में से एक व्यक्ति के लंबे बाल थे और वह गोली चलाने के बाद भट्टू रोड की ओर भागा था।
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जंगल की आग की तरह फैली खबर
भारत की मौत की खबर शहर में जंगल की आग की तरह फैल गई, जिसके बाद शहर भर के बाल्मीकि समाज के लोग रात को ही सामान्य अस्पताल में जुटना शुरू हो गए। बाल्मीकि समाज तथा उसके परिजनों ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नेशनल हाईवे पर जाम लगाने का निर्णय लिया, जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में बाल्मीकि समाज की महिलाएं व पुरुष डंडे लेकर लालबत्ती चौक पर पहुंच गए और उन्होंने चौक को चारों तरफ से ट्रैक्टर ट्रालियां, बेरिकेट्स लगाकर जाम लगा दिया और हाइवे के बीच में बैठ गए। जाम की सूचना मिलने पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट रघुबीर वोरा, एसडीएम सतबीर जांगू, डीएसपी हेडक्वार्टर विजय क्ककड़, डीएसपी विजय जाखड़, डीएसपी टोहाना जगदीश काजला मौके पर पहुंच गए और उन्होंने जाम लगा रहे लोगाें को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोग नहीं माने और उन्होंने बाद में बस स्टैंड पहुंचकर बस स्टैंड के दोनों ओर के गेटों को बंद कर दिया और बस स्टैंड के बाहर तम्बू लगाकर बैठ गए, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पाँच सदस्यीय कमेटी बनाकर अस्पताल परिसर में बातचीत के लिए बुलाया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मास्टर ओमप्रकाश, सन्नी कुमार, बंटी, पूनम चंद रति, जसवंत कांगडा की पांच सदस्यीय कमेटी बनाकर अस्पताल में भेजा। जहां पर लगभग आधे घंटे तक प्रशासनिक अधिकारियों एसडीएम सतबीर जांगू, ड्यूटी मजिस्ट्रेट रघुबीर वोरा, डीएसपी विजय कक्कड़ तथा पांच सदस्यीय कमेटी के बीच बात चलती रही, जिसके बाद कमेटी ने प्रशासन से लिखित में आश्वासन लिया कि वह 72 घंटे के अंदर हमलावरों को पकड़ लेगी तथा मृतक की पत्नी रीमा को सरकारी नौकरी तथा चार महीने पहले मारे गए पिंकी की पत्नी को भी सरकारी नौकरी देंगे।

आश्वासन के बाद भी महिलाएं नहीं मानी
प्रशासनिक अधिकारियों तथा कमेटी के बीच हुई बातचीत को बस स्टैंड के बाहर तंबू लगाकर बैठी महिलाएं नहीं मानी और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करती रही और हमलावरों को गिरफ्तार करने की बात पर अड़ी रही। कमेटी के सदस्यों द्वारा आधे घंटे तक महिलाओं को समझाने के बाद महिलाओं ने जाम खोलने का निर्णय लिया।

10 दिन पहले हुई थी ठाकर बस्ती में झड़प
मृतक के भाई बंटी के अनुसार लगभग 10 दिन पहले उसके भाई भारत तथा सम्पत सिंह के पीए रहे रघुबीर खिचड़ के पुत्र सतीश के बीच झड़प हुई थी और उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। जिसके बाद भारत को अवैध पिस्तौल रखने के झूठे आरोप में फंसा दिया था। भारत सोमवार को ही जमानत पर बाहर आया था और शुक्रवार रात रघुबीर खिचड़ तथा उसके बेटे ने मरवा दिया। शहर पुलिस ने बंटी की शिकायत पर अनुप उर्फ नुप्पी, गरोण्डा, सोनू निवासी अशोक नगर, सुभाष नाई निवासी ढाणी माजरा, रायसिंह तथा उसके बेटे सतीश निवासी अग्रवाल कालोनी और खैरातीखेड़ा निवासी शीलू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने  पुलिस की चार टीमें बनाकर हत्यारों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।

चार महीने पहले हुई थी पिंकी की हत्या
शहर में चार महीने पहले ही तेजधार हथियार से पिंकी की हत्या कर दी गई थी। पिंकी हत्याकांड के दौरान भी विभिन्न समुदाय के लोगों ने शहर में जाम तथा प्रदर्शन किए थे। जिसके बाद  प्रशासन ने पिंकी की पत्नी को नौकरी देने का आश्वासन दिया था। जोकि अभी तक नहीं मिली है।

सीसीटीवी फुटेज खंगालती रही पुलिस
भारत को गोली लगने के बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी विजय कक्कड़ ने पुलिस कर्मचारियों को सीसीटीवी फुटेज खंगालने के आदेश दिए। पुलिस ने आस-पास सीसीटीवी खंगालने के लिए बस स्टैंड के पास पेट्रोल पम्प पर जाकर सम्पर्क किया तो पेट्रौल पम्प पर मौजूद लोगों ने बताया कि पेट्रोल पम्प बंद होने के कारण उसके कैमरे बंद पड़े हैं। अब पुलिस चौकी के साथ लगे एटीएम से फुटेज खंगालने की कोशिश कर रही है।


संदेह के घेरे में पुलिस चौकी के कर्मचारी
भारत के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि चौकी पर पांच कर्मचारियों की ड्यूटी थी लेकिन वहां पर दो ही कर्मचारी थे। जोकि खाना खा रहे थे और उन्होंने गोली चलने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की। बस स्टैंड चौकी इंचार्ज सुरेंद्रा कुमार ने बताया कि ड्यूटी पर सभी कर्मचारी मौजूद थे और घटना के बाद पुलिस ने उसी समय कंट्रोल रूम में फोन कर दिया था और घटना के बाद से ही हमलावरों की तलाश शुरू कर दी थी।
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