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यह उत्साह कायम रहे

Thu, 24 Apr 2014 08:23 PM IST
नई दिल्ली
नई दिल्ली Updated Thu, 24 Apr 2014 08:23 PM IST
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The excitement remained

छठे दौर के मतदान के साथ ही लोकसभा चुनाव का एक और पड़ाव पार हो गया है। इस दौर की 117 सीटों के साथ ही अब तक 349 सीटों के लिए मतदान हो चुके हैं और जिस तरह के रुझान हैं, उससे पता चलता है कि लोग मताधिकार के प्रति पहले से अधिक जागरूक हुए हैं।

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इसी का नतीजा है कि पश्चिम बंगाल में 80 फीसदी से अधिक और असम तथा तमिलनाडु में 70 फीसदी से अधिक, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड जैसे राज्यों में 60 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज किया गया है। अमूमन मताधिकार के प्रति बेरुखी दिखाने वाले मुंबई में भी पिछली बार की तुलना में अधिक मतदान दर्ज किया गया है। इसके पीछे युवा मतदाताओं की बड़ी संख्या, चुनाव आयोग का अभियान और संचार माध्यमों की बढ़ती पहुंच सहित कई कारण जिम्मेदार हैं, पर कुल मिलाकर यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है।
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अलबत्ता जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग सीट पर जिस तरह से कम मतदान हुआ है, उससे पता चलता है कि वहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने वाली ताकतें कितनी मजबूत हैं। जबकि यहां से पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती चुनाव मैदान में हैं। यह उल्लेखनीय है कि ऐसे समय, जब देश के कई हिस्सों में पारा 40-42 डिग्री के पार चला गया है, लोग उत्साह के साथ वोट डालने निकले।
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यह दौर सीटों के लिहाज से ही नहीं, चुनावी मुद्दों और रणनीतियों के कारण भी अहम था। तमिलनाडु और पुड्डुचेरी की 40 सीटों को इस दौर में अहम माना जा सकता है, जहां बीते चार दशकों में कोई भी बड़ी राजनीतिक पार्टी करिश्मा नहीं कर पाई है। यहां इस बार भाजपा ने छोटे दलों के साथ गठजोड़ कर अन्नाद्रमुक और द्रमुक जैसे पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती दी है। वैसे इन 117 सीटों में से पिछली बार कांग्रेस ने अकेले 36 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा ने सहयोगी दलों के साथ 32 सीटें।


यह दौर मुलायम सिंह यादव, सलमान खुर्शीद, सुषमा स्वराज, शिबू सोरेन और शाहनवाज हुसैन जैसे दिग्गजों के साथ ही पहली बार चुनाव मैदान में उतरीं आप की मेधा पाटकर की सीट पर हुए मतदान की वजह से भी काफी अहम था। गर्मी बढ़ने के साथ ही सियासी पारा अभी और चढ़ेगा, पर उम्मीद की जानी चाहिए कि बाकी के तीन चरणों में भी मतदाताओं का उत्साह इसी तरह कायम रहेगा।

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