फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   suresh prabhu and modi government

सरकार की निगाह से सरकते प्रभु

Tue, 15 Dec 2015 03:31 PM IST
आशुतोष चतुर्वेदी/अमर उजाला, नई दिल्ली
आशुतोष चतुर्वेदी/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 15 Dec 2015 03:31 PM IST
विज्ञापन
suresh prabhu and modi government

मुश्किल में सुरेश प्रभु

विज्ञापन

रेल मंत्री सुरेश प्रभु मोदी सरकार में नाकाम मंत्रियों की सूची में शामिल हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें धूमधड़ाके के साथ मंत्री बनाया था। शिव सेना में अलग थलग पड़े प्रभु को वहाँ से उठाकर आनन फानन में बीजेपी में शामिल कराया गया और फिर मंत्री बनाकर हरियाणा से राज्यसभा में लाया गया। उम्मीद थी कि सुरेश प्रभु रेलवे का कायाकल्प कर देंगे। लेकिन पार्टी नेताओं का मानना है कि प्रभु पूरी तरह असफल रहे हैं। रेलवे की हालत खस्ता है, बात बुलेट ट्रेन की हो रही है लेकिन प्रभु हाईस्पीड ट्रेन भी नहीं चला पा रहे हैं। अधिकांश महत्वपूर्ण ट्रेनें लेट चल रही हैं, हालांकि आजकल कोहरे के कारण सब दब ढक जा रहा है और यह बड़ा मुद्दा नहीं बन रहा है। स्टेशनों की हालत खस्ता है सो अलग। साथ ही प्रभु बीजेपी में भी अपनी पैठ नहीं बना पाए हैं।  मुंबई के बीजेपी कार्यकर्ता इस बात को लेकर खासे नाराज हैं कि मंत्री बनने के बाद वह केवल एक बार दादर स्थित बीजेपी के दफ्तर आए हैं और वह अक्सर मुंबई आते हैं तो अपना दरबार मुंबई के खार स्थित घर से ही चलाते हैं।

डगर मुश्किल है खट्टर की
बिहार में बीजेपी की हार ने और किसी का भला किया हो न किया हो हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को जरूर जीवन दान दे दिया है। बताते हैं कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और हरियाणा पर नजर रख रहे कैलाश विजयवर्गीज खट्टर के कामकाज से संतुष्ट नहीं है और प्रशासनिक तौर पर उन्हें असफल मान रहे हैं। माना जा रहा था कि बिहार चुनाव के बाद खट्टर को हटाने पर विचार किया जाएगा लेकिन बिहार के उलट नतीजों के कारण इस फैसले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी से उनकी नजदीकी भी उन्हें हटाए जाने में एक बाधा है, दूसरे पिछले कुछ समय से खट्टर संघ को साधने में सफल रहे हैं। उन्होंने संघ के दिल में बसने वाले दो विषयों पर निर्णायक फैसले कर उनका दिल जीत लिया। खट्टर गौहत्या पर बेहद सख्त कानून बनाने में सफल रहे, साथ ही उन्होंने गुप्त सरस्वती को पिटारे में से निकाल कर खुदाई का काम शुरू करा दिया।
विज्ञापन


एक अदद तलाश केजरीवाल की
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आजकल प्रेस में उनके खिलाफ छप रही खबरों से चिंतित हैं। कुछ तो पर्यावरण ने उनकी नाक में दम कर रखा है दूसरा प्रशांत भूषण एंड कंपनी ने जान सांसद में डाल रखी है। इन्हीं परेशानियों को देखते हुए वह एक पीआर कंपनी को हायर करने की योजना बना रहे हैं। बताते हैं कि इसको लेकर कुछ कंपनियों के प्रजेंटेशन भी हो गए हैं ले्किन अभी तक बात जमी नहीं है। साथ ही उन्होंने संपादकों-पत्रकारों से मेल मिलाप भी बढ़ा दिया है। हाल में मीडिया को साधने में उन्होंने दिल्ली विधानसभा के सचिव प्रसन्न कुमार सूर्यदेवरा की भी सेवाएं ली हैं। सूर्यदेवरा पूर्व लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के ओएसडी रह चुके हैं, साथ ही वह उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के मीडिया सलाहकार भी रह चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed