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बालम की बेवफाई पर थाने पहुंची पत्नी
bhiwani
Updated Sun, 11 May 2014 01:22 AM IST
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बालम की बेवफाई पर थाने पहुंची पत्नी
पत्नी को किरायेदार बताकर घर से निकालने के लिए पति ने जब पुलिस भेजा तो हंगामा हो गया। पति की करतूत का विरोध जताते हुए पड़ोसियों के साथ महिला थाने पहुंच गई। पत्नी के समर्थन में पड़ोसियों की भी महिला के पति से थाने में जमकर नोक-झोंक हुई।
सदर थाने में शनिवार को करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा चलता रहा। बाद में कागजों की पड़ताल और आस-पड़ोस के लोगों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पति की शिकायत को खारिज कर उसे कड़ी हिदायत भी दी। मामला शहर के देवनगर इलाके का है।
40 वर्षीय महिला अपने बेटे के साथ पिछले 16 वर्षों से देवनगर स्थित मकान में रह रही है। प्राइवेट नौकरी के कारण उसका पति बाहर रहता है। कुछ वर्षों से वह पुश्तैनी गांव आसलवास दुबिया में आकर रहने लगा, लेकिन पत्नी और बेटा को शहर में ही रखा। गांव में पति के साथ दूसरी पत्नी के होने की जानकारी किरण को हुई तो उसने भरण-पोषण की मांग की।
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पति की आनाकानी पर पुलिस में आवेदन दिया। पुलिस की कार्रवाई से पहले ही पति ने थाने में आवेदन देकर देवनगर स्थित अपने मकान में पत्नी को किरायेदार बताते हुए बाहर निकालने की गुहार लगाई। उसकी दलील थी कि किरण को उसने किरायेदार के रूप में मकान में रखा था, लेकिन अब वह कमरा खाली नहीं कर रही। शनिवार को पुलिस जब मकान खाली कराने मौके पर पहुंची तो लोग हैरान रह गए।
पत्नी को किरायेदार बताकर बेटे के साथ घर से बाहर निकालने की मंशा पर बौखलाए पड़ोसियों ने महिला के समर्थन में पुलिस का जमकर विरोध किया। हंगामा मचाते हुए सदर थाने भी वे पहुंचे। यहां पुलिस के सामने ही पड़ोसियों व महिला के पति में जमकर नोक-झोंक हुई।
पड़ोसियों का कहना था कि महिला किरायेदार नहीं उसकी पत्नी है और उसे हक देना होगा। राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र के दस्तावेज भी दिखाए, जिसमें महिला के पति के रूप में नाम दर्ज है। मामले की छानबीन के बाद पुलिस ने महिला का बयान दर्ज किया और पति की शिकायत को खारिज करते हुए उसे देवनगर स्थित मकान में रहने की अनुमति दी।
1998 में हुई थी शादी
दोनों का विवाह 28 फरवरी 1998 को हुआ था। 15 वर्ष का उनका पुत्र भी है। थाने पहुंची 70 वर्षीया राधा देवी का कहना था कि शुरू में दोनों उसके मकान में करीब डेढ़ वर्ष तक किराये पर रहे। बाद में उन्हें पास में ही प्लॉट दिलाकर बसाया। पत्नी इस नाते मकान की मालकिन है न कि किरायेदार। नीलम, लक्ष्मी, विद्या देवी, रामभगत आदि ने भी 16 वर्षों से दोनाें के पति-पत्नी के रूप में साथ रहने को स्वीकार किया और कहा कि जब वह पत्नी नहीं थी तो राशन कार्ड, आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों में उसका नाम कैसे है।
भरण-पोषण मांगा तो की झूठी शिकायत
पीड़ित महिला का कहना था कि पति की दूसरी पत्नी होने की जानकारी मिलने के बाद भरण-पोषण की अर्जी दी थी। इससे बचने के लिए वह मुझे बेटे के साथ घर से निकालने की कोशिश कर रहे हैं। मेरे पास रहने के लिए यही आसरा है, इस स्थिति में अब कहां जाऊंगी। उसने पति-पत्नी के फोटो व अन्य दस्तावेज भी पेश किए।
पुलिस ने खारिज की शिकायत
मामले की पड़ताल कर रहे सदर थाने के एसआई विजय सिंह के मुताबिक महिला के पति ने किरायेदार के मकान न खाली करने की शिकायत की थी, जो जांच में झूठी निकली है। दस्तावेजों से जाहिर है कि दोनों पति-पत्नी हैं। ऐसे में महिला उस मकान में रह सकती है। पति की शिकायत खारिज कर दी गई है। महिला की ओर से फिलहाल कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया है।
फोटो-13-सदर थाने में मामला बताती राधा देवी
14-सदर थाने के बाहर लगी भीड़
15-शिकायत करने के बाद पड़ोसियों के साथ बाहर आती पीड़ित महिला
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पत्नी को किरायेदार बताकर घर से निकालने के लिए पति ने जब पुलिस भेजा तो हंगामा हो गया। पति की करतूत का विरोध जताते हुए पड़ोसियों के साथ महिला थाने पहुंच गई। पत्नी के समर्थन में पड़ोसियों की भी महिला के पति से थाने में जमकर नोक-झोंक हुई।
सदर थाने में शनिवार को करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा चलता रहा। बाद में कागजों की पड़ताल और आस-पड़ोस के लोगों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पति की शिकायत को खारिज कर उसे कड़ी हिदायत भी दी। मामला शहर के देवनगर इलाके का है।
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40 वर्षीय महिला अपने बेटे के साथ पिछले 16 वर्षों से देवनगर स्थित मकान में रह रही है। प्राइवेट नौकरी के कारण उसका पति बाहर रहता है। कुछ वर्षों से वह पुश्तैनी गांव आसलवास दुबिया में आकर रहने लगा, लेकिन पत्नी और बेटा को शहर में ही रखा। गांव में पति के साथ दूसरी पत्नी के होने की जानकारी किरण को हुई तो उसने भरण-पोषण की मांग की।
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पति की आनाकानी पर पुलिस में आवेदन दिया। पुलिस की कार्रवाई से पहले ही पति ने थाने में आवेदन देकर देवनगर स्थित अपने मकान में पत्नी को किरायेदार बताते हुए बाहर निकालने की गुहार लगाई। उसकी दलील थी कि किरण को उसने किरायेदार के रूप में मकान में रखा था, लेकिन अब वह कमरा खाली नहीं कर रही। शनिवार को पुलिस जब मकान खाली कराने मौके पर पहुंची तो लोग हैरान रह गए।
पत्नी को किरायेदार बताकर बेटे के साथ घर से बाहर निकालने की मंशा पर बौखलाए पड़ोसियों ने महिला के समर्थन में पुलिस का जमकर विरोध किया। हंगामा मचाते हुए सदर थाने भी वे पहुंचे। यहां पुलिस के सामने ही पड़ोसियों व महिला के पति में जमकर नोक-झोंक हुई।
पड़ोसियों का कहना था कि महिला किरायेदार नहीं उसकी पत्नी है और उसे हक देना होगा। राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र के दस्तावेज भी दिखाए, जिसमें महिला के पति के रूप में नाम दर्ज है। मामले की छानबीन के बाद पुलिस ने महिला का बयान दर्ज किया और पति की शिकायत को खारिज करते हुए उसे देवनगर स्थित मकान में रहने की अनुमति दी।
1998 में हुई थी शादी
दोनों का विवाह 28 फरवरी 1998 को हुआ था। 15 वर्ष का उनका पुत्र भी है। थाने पहुंची 70 वर्षीया राधा देवी का कहना था कि शुरू में दोनों उसके मकान में करीब डेढ़ वर्ष तक किराये पर रहे। बाद में उन्हें पास में ही प्लॉट दिलाकर बसाया। पत्नी इस नाते मकान की मालकिन है न कि किरायेदार। नीलम, लक्ष्मी, विद्या देवी, रामभगत आदि ने भी 16 वर्षों से दोनाें के पति-पत्नी के रूप में साथ रहने को स्वीकार किया और कहा कि जब वह पत्नी नहीं थी तो राशन कार्ड, आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों में उसका नाम कैसे है।
भरण-पोषण मांगा तो की झूठी शिकायत
पीड़ित महिला का कहना था कि पति की दूसरी पत्नी होने की जानकारी मिलने के बाद भरण-पोषण की अर्जी दी थी। इससे बचने के लिए वह मुझे बेटे के साथ घर से निकालने की कोशिश कर रहे हैं। मेरे पास रहने के लिए यही आसरा है, इस स्थिति में अब कहां जाऊंगी। उसने पति-पत्नी के फोटो व अन्य दस्तावेज भी पेश किए।
पुलिस ने खारिज की शिकायत
मामले की पड़ताल कर रहे सदर थाने के एसआई विजय सिंह के मुताबिक महिला के पति ने किरायेदार के मकान न खाली करने की शिकायत की थी, जो जांच में झूठी निकली है। दस्तावेजों से जाहिर है कि दोनों पति-पत्नी हैं। ऐसे में महिला उस मकान में रह सकती है। पति की शिकायत खारिज कर दी गई है। महिला की ओर से फिलहाल कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया है।
फोटो-13-सदर थाने में मामला बताती राधा देवी
14-सदर थाने के बाहर लगी भीड़
15-शिकायत करने के बाद पड़ोसियों के साथ बाहर आती पीड़ित महिला