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भविष्य के साथ खिलवाड़ मत कीजिए, पास करा दीजिए

Tue, 23 Sep 2014 09:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक Updated Tue, 23 Sep 2014 09:20 AM IST
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परीक्षा में नंबर कम आने और फेल किए जाने को लेकर एमडीयू में लगातार हंगामा चल रहा है।
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इसी को लेकर सोमवार, 1:15 बजे गोहाना पीजी कॉलेज की बीए फाइनल ईयर की करीब 24 छात्राएं डी पार्क स्थित सीएम आवास में घुस गईं।

छात्राएं यहां सीएम के राजनीतिक सचिव जेके मल्होत्रा से मिलीं और पास किए जाने की मांग पर अड़ गईं। बोलीं, बस, अब बहुत हो गया। हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ मत कीजिए और पास करा दीजिए।

जेके मल्होत्रा ने छात्राओं से वीसी को ज्ञापन देने को कहा और बताया कि 26 सितंबर तक समाधान निकाला जाएगा। इससे असंतुष्ट छात्राओं ने कहा कि 26 तारीख तक कुछ नहीं होने वाला है। वह अब एक बड़ी रणनीति बनाकर अपनी आवाज उठाएंगी।  
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सीएम आवास में घुसी छात्राओं ने राजनीतिक सचिव को बताया कि उनके कॉलेज में करीब 1500 छात्राएं हैं। करीब हर विषय में उन्हें 0 से 3 तक अंक मिले हैं। एक क्लास में केवल तीन या चार छात्राएं पास हैं। 750 रुपये लगाकर रीअपीयर फॉर्म भरते हैं, लेकिन फिर यही नंबर दिए जाते हैं। रिजल्ट भी नहीं दिखाते। वह गरीब परिवार से हैं। इतने पैसे अपने पैरेंट्स से कैसे मांगे। आरटीआई लगा चुके हैं, लेकिन वह एमडीयू के डस्टबीन में पड़ी है। कोई ये बताए कि आरटीआई लगाने के लिए 650 रुपये फीस होती है क्या।
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इसके बाद सचिव ने वीसी से बात की और मामले का जल्द समाधान करने को कहा। फिर, सभी छात्राओं को एमडीयू में वीसी को ज्ञापन देने भेज दिया। दोपहर 1:30 बजे, सभी छात्राएं सीएम आवास से बाहर निकलीं।
नाम लिखो, तो मुसीबत
ज्ञापन में छात्राओं ने अपने नाम लिखने के बजाय हस्ताक्षर किए। पूछने पर एक छात्रा ने बताया कि पिछली बार जब उनके साथी ज्ञापन देने गए थे तो पांच छात्रों के नाम लिखवा लिए और उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी। इस स्वतंत्र देश में ज्ञापन में नाम देना भी मुसीबत है।

जब छात्राओं पर झल्लाए मल्होत्रा
जेके मल्होत्रा के सामने जब छात्राएं अपनी बात रखने लगीं तो वह बोले, शिकायत लिखकर देनी है तो बताएं, नहीं तो दिल्ली में सीएम आवास पर जाओ। सचिव ने छात्राओं से कहा कि यह उनके पढ़ने और कॅरिअर बनाने की उम्र है, न की प्रदर्शन और रोष जताने की। इससे सरकार की बदनामी होती है। सचिव ने कहा कि वह अपने मामले में छात्र संगठन को शामिल न करें और हाथ जोड़ने वाले नेताओं से दूर रहें।
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