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रिंगटोन मोबाइल पर नहीं बल्कि टी-शर्ट से बजेगी, ऐसा स्मार्टफोन

Sat, 26 Apr 2014 02:58 PM IST
Updated Sat, 26 Apr 2014 02:58 PM IST
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Soon, smartphones that can be printed on t-shirts

आपको ये जानकर ताज्जुब हो सकता है कि आपकी टी-शर्ट से रिंगटोन की आवाज आने वाली है। जी हां, आने वाली कॉल की रिंगटोन मोबाइल पर नहीं बल्कि आपकी टी-शर्ट से बजेगी।

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वैज्ञानिक ऐसी तकनीक को इजादे करने का काम कर रहे हैं। वैज्ञानिक ऐसा सेल फोन बनाने के लिए काम कर रहे हैं जो बेहद पतला, फ्लेक्सिबल होगा और इसको कपड़ों पर प्रिंट किया जा सकेगा।
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ऑस्ट्रेलिया के मोनॉश यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने स्पासर (सरफेस प्लासमोन एंप्लिफिकेशन बाई स्टीम्यूलेटेड इमिशन ऑफ रेडिएशन) टेक्नोलॉजी की मदद से एक ऐसे ही सेलफोन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसे टी-शर्ट पर प्रिंट किया जा सके।

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क्या है स्पासर टेक्नोलॉजी

Soon, smartphones that can be printed on t-shirts

बेहद पतला स्मार्टफोन बनाने के लिए स्पासर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। मोनॉश के वैज्ञानिकों ने दुनिया के पहले स्पासर (सरफेस प्लासमोन एंप्लिफिकेशन बाई स्टीम्यूलेटेड इमिशन ऑफ रेडिएशन) से कार्बन बनाने में सफलता हासिल कर ली है।

स्पासर एक नैनोस्केल लेसर या नैनोलेसर है। इसके फ्री इलेक्ट्रॉन के वाइब्रेशन से लाइट बीम निकलती है। यह ट्रडिशनल लेसर के इलेक्ट्रो मैग्नेटिक वेब इमिशन की तरह जगह नहीं खाती है। इस प्रोजेक्ट में लगे वैज्ञानिकों को पहली बार पता चला कि कार्बन और ग्रैफाइट के नैनोट्यूब एक-दूसरे से प्रकाश के सहारे ऊर्जा का आदान-प्रदान कर सकते हैं।

वैज्ञानिकों ने बताया कि कार्बन नैनोट्यूब में ऑप्टिकल इंटरेक्शन काफी तेज था और यह टेक्नॉलजी कंप्यूटर चिप बनाने में इस्तेमाल की जा सकती है।

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