फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   So ... somewhere in Bhiwani 'Nagaland Connection'

...कहीं भिवानी में भी तो नहीं ‘नागालैंड कनेक्शन’

Sun, 11 May 2014 01:24 AM IST
bhiwani
bhiwani Updated Sun, 11 May 2014 01:24 AM IST
विज्ञापन
...कहीं भिवानी में भी तो नहीं ‘नागालैंड कनेक्शन’
विज्ञापन



रोहतक में नागालैंड की एक फर्जी कंपनी के हथियार लाइसेंस होने के खुलासे के बाद अब भिवानी पुलिस भी जांच में जुट गई है। पुलिस खंगाल रही है कि कहीं भिवानी में भी तो नहीं है ‘नागालैंड कनेक्शन’। सभी थानों में जमा लाइसेंसी हथियारों और लाइसेंसों की जांच की जा रही है।

 वैसे तो सभी लाइसेंसों की कंपनियों की जांच की जा रही है, मगर नागालैंड पर मुख्य फोकस है। इतना ही नहीं, लाइसेंस लेने वालों का भी रिकॉर्ड जांचा जा रहा है।
विज्ञापन



गौरतलब है कि रोहतक में आचार संहिता के लिए जमा कराए गए लाइसेंसी हथियार की जांच में सामने आया की इसमें अनेक फर्जी है, जो नागालैंड की कंपनी के नाम से है। अनेक आपराधिक किस्म के लोग भी लाइसेंसी हथियार लिए हुए हैं। आईजी अनिल राव के निर्देश पर कुछ लोगों और कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अब आईजी के निर्देश पर भिवानी पुलिस ने जांच शुरू की है कि हथियार लाइसेंसों में जिस तरह रोहतक-नागालैंड कनेक्शन सामने आया है इसी तरह भिवानी का नागालैंड से कोई कनेक्शन तो नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लाइसेंस बनाने पर रोक, फिर भी बढ़ रहे हथियार
जिले में पिछले कुछ समय से शस्त्र लाइसेंस बनाने पर रोक है। अनेक लोगों की हथियार लाइसेंस फाइल रूकी पड़ी है। बावजूद जिले में लाइसेंसी हथियारों की संख्या बढ़ रही है। एक अनुमान के अनुसार, जिला में फिलहाल पांच हजार के पास लाइसेंसी हथियार है, जो उन्होंने अपनी सुरक्षा या सुरक्षाकर्मी की नौकरी के लिए बनवाए हैं। यहां रोक के कारण अनेक लोग दूसरे राज्यों से लाइसेंस बनवा रहे हैं।

 अनेक दलालों के फेर में फंसकर फर्जी हथियार लाइसेंस बनवा रहे है। इस कारण जिले में लाइसेंसी हथियार रखने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

शहरी क्षेत्रों में ज्यादा लाइसेंसी हथियार
जिले में करीब पांच हजार लोगों के पास लाइसेंसी हथियार है। इनमें शहरी क्षेत्र में अधिक है। अधिकतर नेताओं, प्रॉपर्टी डीलरों, नेताओं के साथ रहने वाले उनके नजदीकियों के पास ही लाइसेंसी हथियार है। कुछ सुरक्षा कर्मियों ने सिक्योरिटी एजेंसी में काम करने के लिए लाइसेंसी हथियार बनवाए हुए हैं।


गायब हुए लाइसेंसी हथियार धारक
आचार संहिता के चलते सभी लाइसेंस धारकों को पुलिस प्रशासन ने अपने लाइसेंसी हथियार जमा कराने के निर्देश जारी किए थे। ऐसा नहीं करने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी भी दी गई थी। सभी थानों में लाइसेंसी हथियार जमा कराए गए मगर अनेक लाइसेंसी हथियार धारक गायब हो गए। कुछ के पुलिस को पते नहीं मिले तो कुछ निर्धारित पते पर मिले ही नहीं। ऐसे में हथियार पुलिस के पास जमा नहीं हुए। फोन पर भी इन लोगों से संपर्क नहीं हो पाया। पुलिस ने जिला प्रशासन को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि कुछ किरायेदार थे, जो चले गए। मगर अब यह कहना मुश्किल है कि वे भिवानी में ही कही और रह रहे है या भिवानी छोड़ गए, मगर लाइसेंसी हथियार उनके पास ही है। हर थाने के तहत ऐसे लोगों की संख्या काफी है। इसकी रिपोर्ट उपायुक्त के पास भेजी गई है।


विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed