गंभीर बीमारियों के इलाज में कारगर साबित हो सकता स्मार्टफोन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को व्यापक बनाने के लिए तकनीक को बढ़ावा देने पर जारी बहस के बीच एक चर्चा यह भी शुरू हो गई है कि किशोरों के गंभीर बीमारियों से लड़ने में स्मार्टफोन कितना कारगर हो सकता है।
कुछ शोधकर्ताओं का कहना है स्मार्टफोन के जरिए किशोरों को दिए गए सुझाव बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। इसके जरिए किशोरों की काउंसलिंग करने के साथ उन्हें समय पर दवाई लेने और कठिन समय में क्या कदम उठाया जाय इसका भी सुझाव उपलब्ध करवाया जा सकता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि लीवर ट्रांसप्लांट और टाइप -1 मधुमेह जैसी बीमारियों में किशोरों के लिए स्मार्टफोन कारगर हो सकते हैं।
ऐसी स्थिति में जब उनके स्मार्टफोन पर लगातार डॉक्टर की सलाह मिलती है तो वे अपने स्वास्थ्य के लिए ज्यादा अलर्ट रहते हैं। शोधकर्ताओं ने यह बात ऐसे समय में कही है जब दुनिया में टेलीमेडिसिन पर बहस छिड़ी हुई है।
स्मार्टफोन से ज्यादा अलर्ट हो सकते हैं किशोर
मेडिकल केयर उपलब्ध करवाने के लिए दुनिया में कई स्टार्ट-अप आ चुके हैं। तमाम ऐसे ऐप भी उपलब्ध हैं जो लोगों को मेडिकल केयर के मद्देनजर तमाम सुझाव देते हैं।
यह एक सच्चाई है कि किशोर बीमारियों को लेकर जल्दी परेशान हो जाते हैं, लेकिन उनके लिए स्मार्टफोन के जरिये अपनी बीमारी की स्थिति को रिकार्ड करना ज्यादा सहज हो सकता है।
न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में बाल चिकित्सा के प्रोफेसर डॉ. किंडी ओसमान ने कहा कि ऐसा होने पर किशोरों और डॉक्टर के बीच संवाद बेहतर हो सकता है।
किशोर किसी खास बीमारी के कारण शरीर के किसी हिस्से पर होने वाले बदलाव की तस्वीर ले सकते हैं, जिससे डॉक्टर के लिए इलाज करना आसान हो सकता है।