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पर्ची कटवाने के लिए मारामारी

Fri, 06 Jun 2014 12:59 AM IST
Jind
Jind Updated Fri, 06 Jun 2014 12:59 AM IST
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जिला होमगार्ड कार्यालय में होमगार्ड की पर्ची बनवाने के लिए आने वाले आवेदकों को पर्ची बनवाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। होमगार्ड कार्यालय में फैली अव्यवस्थाओं के कारण आवेदकों के साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार होता है।
एक मामूली सी पर्ची के लिए आवेदकों को घंटों चिलचिलाती धूप में तपना पड़ता है। यहां आवेदकों के लिए न तो पीने के पानी की कोई व्यवस्था है और न ही धूप से बचने के लिए छाया की कोई व्यवस्था है। होमगार्ड कार्यालय के अधिकारियों की उदासीनता के चलते आवेदकाें को घंटों लंबी लाइन लगाकर धूप में खड़ा रहना पड़ता है। जबकि अधिकारी पिछले दरवाजे से अपने चहेतों की पर्चियां काटते रहते हैं। होमगार्ड की पर्ची के लिए आवेदकाें में मारामारी का माहौल रहता है। होमगार्ड कार्यालय की अव्यवस्थित कार्यप्रणाली के चलते ज्यादातर आवेदकों को तो बिना पर्ची कटवाए ही वापिस लौटना पड़ता है।
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आर्म्स लाइसेंस के लिए जरूरी होता है होमगार्ड का प्रमाण पत्र
होमगार्ड की जिस पर्ची के लिए इतनी मारामारी होती है, उस पर्ची के आधार पर ही हथियार चलाने का प्रशिक्षण लेने के लिए होमगार्ड में रजिस्ट्रेशन होता है। इसके बाद आवेदक को होमगार्ड कार्यालय से लगभग एक सप्ताह का प्रशिक्षण लेना होता है। इसके बाद होमगार्ड विभाग की तरफ से प्रशिक्षु को एक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। यह प्रमाण पत्र आर्म्स लाइसेंस बनवाने में काम आता है।
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यहां कोई नहीं सुनने वाला
वह होमगार्ड की पर्ची कटवाने के लिए सुबह 6 बजे से लाइन में लगा हुआ था लेकिन होमगार्ड कार्यालय के अधिकारियों ने उस लाइन को वहां से हटवाकर यहां पर अव्यवस्था पैदा कर दी। यहां पर आवेदकों की सुनने वाला कोई नहीं है। यहां तो केवल रसूखदारों के काम होते हैं। होमगार्ड के अधिकारी अंदर खाते अपने चहेतों की पर्चियां काटते रहते हैं और बिना सिफारिश वाले व्यक्ति कार्यालय के बाहर लाइन में खड़े रहते हैं।
गौरव, जींद निवासी
न पानी की और न छाया की व्यवस्था
इस चिलचिलाती धूप में भी होमगार्ड कार्यालय पर आने वाले आवेदकों के लिए न तो पीने के पानी की कोई व्यवस्था है और न ही खड़े होने के लिए छाया की कोई व्यवस्था है। होमगार्ड कार्यालय के अधिकारी खुद तो अंदर एसी कमरे में बैठकर आराम फरमाते रहते हैं और पर्ची कटवाने के लिए आने वाले युवक घंटों बाहर चिलचिलाती धूप में खड़े रहकर तपते रहते हैं।
रामनिवास, गांव करसिंधू निवासी
चहेतों की काटी जा रही हैं पर्चियां
उसे होमगार्ड की पर्ची कटवानी है और इसके लिए वह सुबह हिसार से सीधा यहां पहुंचा है लेकिन यहां होमगार्ड कार्यालय के हालात देखकर उसकी सभी उम्मीदों पर पानी फिर गया। क्योंकि होमगार्ड कार्यालय के अधिकारियों द्वारा बाहर खड़े युवकाें की पर्ची काटना तो दूर उनकी फाइल तक जमा नहीं की जा रही हैं। जबकि अपने चहेतों की चोर दरवाजे से पर्चियां काटी जा रही हैं।
संजय, गांव जुलानी निवासी
बदतमिजी से पेश आते हैं अधिकारी
होमगार्ड कार्यालय के अधिकारियों द्वारा यहां पर्ची कटवाने के लिए आने वाले आवेदकों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता है। होमगार्ड कार्यालय के अधिकारी आवेदकों के साथ बड़ी बदतमीजी से पेश आते हैं। इतना ही नहीं गर्मी के इस मौसम में होमगार्ड के अधिकारियों द्वारा आवेदकों के लिए न तो पीने के पानी की व्यवस्था की जाती है और न ही धूप से बचने के लिए छाया की कोई व्यवस्था की गई है।

मंजीत, गांव रिटोली निवासी


भ्रष्टाचार का है बोलबाला
होमगार्ड कार्यालय में बिना सिफारिश के कोई काम नहीं होता है। जिसकी सिफारिश है उस व्यक्ति को अंदर बुला कर उसकी पर्ची काट दी जाती है और जिसकी कोई सिफारिश नहीं है उसे कार्यालय के बाहर खड़ा रखा जाता है। होमागार्ड कार्यालय में भ्रष्टाचार का बड़ा बोलबाला है। आवेदकों से पैसे लेकर पर्चियां काटी जाती हैं।
सुमित, गांव सिल्लाखेड़ी निवासी


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