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सर... मुझे रजिस्ट्रार के प्रकोप से बचाइये

Sun, 21 Sep 2014 02:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक Updated Sun, 21 Sep 2014 02:39 AM IST
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एमडीयू की एक महिला कर्मचारी ने रजिस्ट्रार पर गंभीर आरोप लगाया है।
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उसने गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के माध्यम से कुलपति को शिकायत भेजी है। इसमें रजिस्ट्रार पर बदतमीजी करने, बेवजह तबादले करने और मानसिक तनाव देने का आरोप लगाया है।

पत्र में महिला ने ‘मैं आपसे प्रार्थना करती हूं कि मुझे रजिस्ट्रार के प्रकोप से बचाया जाए’ लिख गुहार भी लगाई है।
एमडीयू के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान दयानंद छिकारा ने बताया कि यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट के पद पर कार्यरत इस महिला ने रजिस्ट्रार के खिलाफ पहले यूनियन में शिकायत की।
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इस शिकायत के साथ अनुरोध भी किया कि यूनियन उसकी शिकायत कुलपति तक पहुंचाए। शुक्रवार शाम को महिला की यह शिकायत कुलपति तक पहुंचा दी गई। कुलपति ने महिला की स्थिति देखते हुए उसका तबादला उसकी पसंद के विभाग में कर दिया है।
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बार बार करते हैं तबादला
महिला कर्मी ने गैर शिक्षक कर्मचारी संघ को पत्र लिखा है कि वह 90 प्रतिशत विकलांग है। फिर भी रजिस्ट्रार बेवजह चार माह में ही उसका तीन बार तबादला कर चुके हैं। पहले वह परीक्षा सदन में इनक्वायरी पर तैनात थी। रजिस्ट्रार ने 18 र्मई को उसे इनफार्मेशन सेल भेज दिया। वहां रैंप नहीं होने की शिकायत कुलपति से करने के बाद रैंप बनवा दिया गया। लेकिन फिर 25 अगस्त को उसे एडम ब्लॉक में भेज दिया। 11 सितंबर को रजिस्ट्रार ने वापस उसे इनफॉर्मेशन सेल भेज दिया।
कुलपति चैंबर में मिली धमकी
लगातार तबादलों से परेशान होकर 12 सितंबर को वह कुलपति एच.एस. चहल से शिकायत करने पहुंची। वहां मौजूद रजिस्ट्रार ने धमकाते हुए वापस जाने को कहा। महिला का आरोप है कि रजिस्ट्रार लगातार उसे बदतमीज कहने के साथ चुपचाप जहां भेजा वहां नौकरी करो, कहते रहे।

डीपीआरओ से बात करो
मामले में जब रजिस्ट्रार एसपी वत्स को बताया गया कि महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं तब भी रजिस्ट्रार ने डीपीआरओ से बात करने को कहा। एसएमएस से मामले की गंभीरता बताने के बाद भी खामोशी नहीं टूटी। डीपीआरओ के माध्यम से भी रजिस्ट्रार का पक्ष सामने नहीं आया है।
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