{"_id":"f4d2f1f494c33f4aa97d03d37a391c9b","slug":"simmer-over-power-shortages-bahadurgarh-jhajjar-road-jam","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली किल्लत पर उबाल, बहादुरगढ़-झज्जर मार्ग जाम","category":{"title":"Other Archives","title_hn":"अन्य आर्काइव","slug":"other-archives"}}
बिजली किल्लत पर उबाल, बहादुरगढ़-झज्जर मार्ग जाम
Jhajjar
Updated Sat, 03 May 2014 01:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली कटौती से त्रस्त गांव नूना माजरा के लोगों ने शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे बहादुरगढ़-झज्जर रोड पर जाम लगा दिया। गुस्साए लोगों ने पावर हाउस का ब्रेक डाउन कर पूरे बहादुरगढ़ शहर और आसपास के 10 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप कर दी। राहगीर करीब सात घंटे तक जाम में फंसे रहे। वहीं, पावर हाउस का ब्रेक डाउन होने से दो लाख से ज्यादा लोगों को करीब पांच घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ा।
विज्ञापन
बिजली संकट से परेशान लोवा-माजरा के लोग सुबह गांव से गुजरे बहादुरगढ़-झज्जर रोड के बीचोंबीच बैठ गए। मुख्य बस स्टैंड पर जमा लोगों ने कुछ बड़े लक्कड़ सड़क पर गिरा दिए और ईंटों से भरा ट्रैक्टर-ट्राली को बीच सड़क खड़ा कर दिया। इससे वहां जाम लग गया। कुछ ही देर में मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। वाहन चालक और वाहनों में फंसे लोग गर्मी में झुलसते रहे, लेकिन गांव के लोग पर्याप्त बिजली देने की मांग पर अड़े रहे। गांव के लोग सड़क पर तंबू लगाकर जम गए।
विज्ञापन
सूचना मिलने पर सदर थान प्रभारी रणधीर सिंह दहिया और कार्यकारी मजिस्ट्रेट के नाते तहसीलदार सूरजभान मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से जाम खोलने की अपील की। अधिकारियों ने पर्याप्त बिजली देने का आश्वासन भी दिया, लेकिन गांव के लोगों ने लिखित आश्वासन मांगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को दस मिनट का समय दिया। तय समय पर मांग पूरी न होने से गुस्साए लोग बस स्टैंड से करीब एक किलोमीटर दूर 420 केवी के पावर हाउस पहुंचे और अंदर घुसकर ब्रेक डाउन कर दिया।
विज्ञापन
इससे समूचे बहादुरगढ़ शहर और आसपास के 10 गांवों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई। वहीं, पुलिस और प्रशासन ने भी जाम खुलवाने के लिए पूरी तैयारी कर ली। बहादुरगढ़ और झज्जर से पुलिस बल को बुला लिया गया। ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत चली। गांव के लोग हर रोजाना 24 में से 16 घंटे बिजली देने की मांग कर रहे थे, लेकिन अधिकारी 14 घंटे की आपूर्ति की बात कह रहे थे। ग्रामीण जाम खोलने के लिए तैयार नहीं हुए तो एसडीएम प्रदीप कुमार और कार्यकारी मजिस्ट्रेट सूरजभान से सलाह कर उप पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने जाम खुलवाने के लिए पुलिसिया कार्रवाई की योजना बनाई और समस्त पुलिस बल को लाइन-अप किया।
डीएसपी, पुलिस को हिदायतें दे ही रहे थे कि ग्रामीण पुलिस का रुख भांप गए और कुछ ही मिनट में अधिकारियों से बातचीत करने के लिए आगे बढ़े। अधिकारियों से समस्या का जल्द समाधान होने का आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। करीब सात घंटे बाद साढ़े तीन बजे पावर हाउस से बहादुरगढ़ शहर और देहात की बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
क्या कहते हैं अधिकारी
लोवा-माजरा को भी बिजली निगम के शेड्यूल के मुताबिक दूसरे गांवों की तरह बिजली दी जा रही है। गर्मी में खपत बढ़ने के कारण थोड़ी कमी जरूर है, लेकिन गांव को पर्याप्त बिजली आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है। गांव वालों को रोड जाम जैसे कार्य करके दूसरे लोगों के सामने कठिनाई खड़ी नहीं करनी चाहिए।
पावर हाउस के लिए दान दी थी गांव पंचायत ने जमीन
दरअसल, नूना माजरा गांव के खेतों में उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम का जो 420 केवी का पावर हाउस है, इसके लिए गांव की पंचायत ने निगम को जमीन दान में दी थी। लेकिन गांव को बिजली बहुत कम मिलती है। निगम को करोड़ों रुपये की करीब 22 एकड़ जमीन देने के बाद भी गांव को लाभ नहीं मिला। इस गांव में भी दूसरे गांवों की तरह दिन के समय में 2 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिलती। निगम की समय सारिणी के मुताबिक दिन के समय इस गांव को सुबह 11 से 1 बजे तक बिजली दी जा रही है। जबकि गांव के लोग दिन में हर रोज 11 से 4 बजे तक कम से कम पांच घंटे बिजली की मांग कर रहे हैं।