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सात हत्यारों को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Wed, 24 Sep 2014 02:19 AM IST
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करौंथा में ढाई साल पहले हुई हत्या के मामले में अदालत ने 3 महिलाओं सहित 7 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
सभी आरोपियों पर 27-27 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। उम्रकैद की सजा पाने वालों में धर्मेंद्र, राजेश, संदीप, परमजीत, बबीता, कमलेश और बिमला शामिल हैं।
करौंथा निवासी जसबीर ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके मकान के सामने रहने वाला एक व्यक्ति अपने मकान के साथ गली में टायलेट बना रहा था।
जसबीर ने जब उसे गली में टायलेट बनाने से मना किया तो दोनों में कहासुनी हो गई। एक जुलाई, 2012 को जसबीर घर के आंगन बैठा था। तभी पड़ोस के धर्मेंद्र, राजेश, संदीप, परमजीत, बबीता, कमलेश और बिमला घर में घुस उसे पीटने लगे। उसे उठाकर अपने घर में ले गए।
यहां कस्सी के हत्थे और लाठियों से पीटा। उसके हाथ और पैर बांधकर खिड़की से बांध दिया। कमलेश, बिमला और बबीता उसके ऊपर बैठ गईं। संदीप व परमजीत ने उसकी कमर और टांगों पर डंडे मारे। धर्मेंद्र और राजेश ने उसे उल्टा लटकाकर उसके गुप्तांगों पर चोट मारी। जब जसबीर के परिजन आये तो उन पर भी ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना में जसबीर की मां और भाई रणधीर घायल हो गए। गांव के लोगों ने जसबीर को पीजीआई में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान जसबीर की मौत हो गई थी। परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज कराया था। तभी से यह मामला अदालत में विचाराधीन था।
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किस धारा में कितने समय की सजा
आरोपियों को धारा 302 के तहत उम्रकैद 10 हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। धारा 365 के तहत 7 साल की कैद, 5 हजार रुपये जुर्माना एवं जुर्माना नहीं भरने पर 1 माह की अतिरिक्त कैद, धारा 325 के तहत 5 साल की कैद, 4 हजार रुपये जुर्माना एवं जुर्माना नहीं भरने पर 1 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। धारा 323 के तहत एक साल की कैद, एक हजार जुर्माना एवं जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद, धारा 342 के तहत एक साल की कैद, एक हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। धारा 452 के तहत 3 साल की कैद, दो हजार रुपये जुर्माना एवं जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद, धारा 506 के तहत तीन साल की कैद, दो हजार रुपये जुर्माना एवं जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद, धारा 148 के तहत दो साल की कैद, दो हजार रुपये जुर्माना एवं जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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सभी आरोपियों पर 27-27 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। उम्रकैद की सजा पाने वालों में धर्मेंद्र, राजेश, संदीप, परमजीत, बबीता, कमलेश और बिमला शामिल हैं।
करौंथा निवासी जसबीर ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके मकान के सामने रहने वाला एक व्यक्ति अपने मकान के साथ गली में टायलेट बना रहा था।
जसबीर ने जब उसे गली में टायलेट बनाने से मना किया तो दोनों में कहासुनी हो गई। एक जुलाई, 2012 को जसबीर घर के आंगन बैठा था। तभी पड़ोस के धर्मेंद्र, राजेश, संदीप, परमजीत, बबीता, कमलेश और बिमला घर में घुस उसे पीटने लगे। उसे उठाकर अपने घर में ले गए।
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यहां कस्सी के हत्थे और लाठियों से पीटा। उसके हाथ और पैर बांधकर खिड़की से बांध दिया। कमलेश, बिमला और बबीता उसके ऊपर बैठ गईं। संदीप व परमजीत ने उसकी कमर और टांगों पर डंडे मारे। धर्मेंद्र और राजेश ने उसे उल्टा लटकाकर उसके गुप्तांगों पर चोट मारी। जब जसबीर के परिजन आये तो उन पर भी ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना में जसबीर की मां और भाई रणधीर घायल हो गए। गांव के लोगों ने जसबीर को पीजीआई में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान जसबीर की मौत हो गई थी। परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज कराया था। तभी से यह मामला अदालत में विचाराधीन था।
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किस धारा में कितने समय की सजा
आरोपियों को धारा 302 के तहत उम्रकैद 10 हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। धारा 365 के तहत 7 साल की कैद, 5 हजार रुपये जुर्माना एवं जुर्माना नहीं भरने पर 1 माह की अतिरिक्त कैद, धारा 325 के तहत 5 साल की कैद, 4 हजार रुपये जुर्माना एवं जुर्माना नहीं भरने पर 1 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। धारा 323 के तहत एक साल की कैद, एक हजार जुर्माना एवं जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद, धारा 342 के तहत एक साल की कैद, एक हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। धारा 452 के तहत 3 साल की कैद, दो हजार रुपये जुर्माना एवं जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद, धारा 506 के तहत तीन साल की कैद, दो हजार रुपये जुर्माना एवं जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद, धारा 148 के तहत दो साल की कैद, दो हजार रुपये जुर्माना एवं जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।