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स्कूल जाने से क्यों कतरा रही है लड़कियां
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Fri, 12 Sep 2014 02:29 AM IST
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शहर के ज्यादातर स्कूलों में शौचालय और मूलभूत सुविधाएं बदहाल पड़ी हैं।
इससे छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है। जिले भर के हाई स्कूलों में ही छात्र और छात्राओं के लिए 291 टॉयलेट्स की जरूरत है और इनकी डिमांड भेजी गई है।
फिलहाल इनकी संख्या काफी कम है। इधर, शहर के कच्चा बेरी रोड स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की स्थिति तो और ज्यादा खराब है। सुविधाघर की साफ-सफाई में लापरवाही होने से यहां छात्राओं ने इसका उपयोग ही बंद कर दिया है।
छठी से 12वीं तक की 1400 छात्राओं वाला यह स्कूल दो शिफ्ट में चलता है। लेकिन छात्राओं की संख्या के हिसाब से यहां व्यवस्थाएं नहीं है। कई छात्राओं का कहना है कि स्कूल के शौचालय की स्थिति इतनी खराब है कि इसका उपयोग कोई भी नहीं कर सकता। लेकिन शिकायत करने पर डांट पड़ने के डर से सब चुप रहते हैं।
63 गर्ल्स स्कूलों ने भेजी डिमांड, 41 में जारी काम
दूसरी ओर, जिले के 63 राजकीय कन्या विद्यालयों ने शौचालयों के लिए डिमांड भेजी गई है। इसमें से 41 स्कूलों में काम जारी है। इनमें रोहतक के 22, सांपला के 14, महम के 11 और कलानौर एवं लाखनमाजरा के 8-8 स्कूल है। अभी 22 स्कूलों में शौचालयों को बनाने के लिए काम शुरू नहीं हुआ है। इसके अलावा, रावमावि और राउवि ने 291 शौचालयों के निर्माण के लिए डिमांड भेजी है। इनमें भी लड़कों के लिए 146 और लड़कियों के लिए 145 शौचालय है। इन विद्यालयों में 58,513 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे है।
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ये है रास्ता
इस स्कूल में शिक्षक स्टाफ के लिए अलग से जो दो शौचालयों की व्यवस्था है। अगर इसमें छात्राआें के शौच जाने का प्रबंध किया जाए तो उनकी समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। छात्राओं को स्वच्छता के बारे में बताया जाए तो गंदगी भी नहीं होगी।
दयनीय स्थिति, लेंगी रिपोर्ट
यह मामला अभी संज्ञान में नहीं है। इस मामले में बीईओ से रिपोर्ट ली जाएगी। अगर लड़कियों के स्कूलों में शौचालयों के ऐसे बदतर हालात हैं तो स्थिति काफी दयनीय है।
सत्यवती नांदल, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक
जल्द करेंगे वैकल्पिक व्यवस्था
अभी स्कूल की बिल्डिंग निर्माणाधीन है। डेढ़ साल से करीब 100 मजदूर इस कार्य में लगे है। नई बिल्डिंग में लड़कियों के लिए 33 टॉयलेट्स का इंतजाम किया है। जब तक यह बिल्डिंग नहीं बन जाती, तब तक के लिए छह टॉयलेट्स की रिपेयरिंग के लिए डिमांड भेजी है। उससे पहले जल्द ही लड़कियों के टॉयलेट्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे।
राजकुमार, प्राचार्य, राकवमावि, कच्चा बेरी रोड
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इससे छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है। जिले भर के हाई स्कूलों में ही छात्र और छात्राओं के लिए 291 टॉयलेट्स की जरूरत है और इनकी डिमांड भेजी गई है।
फिलहाल इनकी संख्या काफी कम है। इधर, शहर के कच्चा बेरी रोड स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की स्थिति तो और ज्यादा खराब है। सुविधाघर की साफ-सफाई में लापरवाही होने से यहां छात्राओं ने इसका उपयोग ही बंद कर दिया है।
छठी से 12वीं तक की 1400 छात्राओं वाला यह स्कूल दो शिफ्ट में चलता है। लेकिन छात्राओं की संख्या के हिसाब से यहां व्यवस्थाएं नहीं है। कई छात्राओं का कहना है कि स्कूल के शौचालय की स्थिति इतनी खराब है कि इसका उपयोग कोई भी नहीं कर सकता। लेकिन शिकायत करने पर डांट पड़ने के डर से सब चुप रहते हैं।
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63 गर्ल्स स्कूलों ने भेजी डिमांड, 41 में जारी काम
दूसरी ओर, जिले के 63 राजकीय कन्या विद्यालयों ने शौचालयों के लिए डिमांड भेजी गई है। इसमें से 41 स्कूलों में काम जारी है। इनमें रोहतक के 22, सांपला के 14, महम के 11 और कलानौर एवं लाखनमाजरा के 8-8 स्कूल है। अभी 22 स्कूलों में शौचालयों को बनाने के लिए काम शुरू नहीं हुआ है। इसके अलावा, रावमावि और राउवि ने 291 शौचालयों के निर्माण के लिए डिमांड भेजी है। इनमें भी लड़कों के लिए 146 और लड़कियों के लिए 145 शौचालय है। इन विद्यालयों में 58,513 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे है।
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ये है रास्ता
इस स्कूल में शिक्षक स्टाफ के लिए अलग से जो दो शौचालयों की व्यवस्था है। अगर इसमें छात्राआें के शौच जाने का प्रबंध किया जाए तो उनकी समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। छात्राओं को स्वच्छता के बारे में बताया जाए तो गंदगी भी नहीं होगी।
दयनीय स्थिति, लेंगी रिपोर्ट
यह मामला अभी संज्ञान में नहीं है। इस मामले में बीईओ से रिपोर्ट ली जाएगी। अगर लड़कियों के स्कूलों में शौचालयों के ऐसे बदतर हालात हैं तो स्थिति काफी दयनीय है।
सत्यवती नांदल, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक
जल्द करेंगे वैकल्पिक व्यवस्था
अभी स्कूल की बिल्डिंग निर्माणाधीन है। डेढ़ साल से करीब 100 मजदूर इस कार्य में लगे है। नई बिल्डिंग में लड़कियों के लिए 33 टॉयलेट्स का इंतजाम किया है। जब तक यह बिल्डिंग नहीं बन जाती, तब तक के लिए छह टॉयलेट्स की रिपेयरिंग के लिए डिमांड भेजी है। उससे पहले जल्द ही लड़कियों के टॉयलेट्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे।
राजकुमार, प्राचार्य, राकवमावि, कच्चा बेरी रोड