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रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने को लेकर कर्मचारियों में ठनी
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Mon, 22 Sep 2014 02:19 AM IST
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एमडीयू में अब रिटायरमेंट उम्र को लेकर कर्मचारी दो फाड़ होते नजर आ रहे हैं।
कुछ कर्मचारी रिटायरमेंट उम्र दो वर्ष बढ़ाकर 60 से 62 वर्ष करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, कुछ कर्मचारियों ने ही इसका विरोध शुरू कर दिया है। विरोध करने वाले कर्मचारी इस बारे में सोमवार को कुलपति से मुलाकात करेंगे।
गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के महासचिव अनिल मल्होत्रा ने बताया कि यूनिवर्सिटी के ऐसे कर्मचारियों की तादाद महज पांच से सात ही है, जो दिसंबर तक रिटायर होंगे।
यूनिवर्सिटी में कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र 60 वर्ष है। लेकिन कुछ कर्मचारी इसे बढ़ाकर 62 वर्ष कराना चाहते हैं। इससे फायदा कम और नुकसान ज्यादा होगा।
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यह होगा नुकसान
अनिल मल्होत्रा ने बताया कि यूनिवर्सिटी में हर वर्ष पांच से सात कर्मचारी ही रिटायर होते हैं। ऐसे में इसका फायदा केवल इतने ही लोगों को हर वर्ष मिलेगा। 60 वर्ष मेें रिटायर होने पर पद रिक्त होंगे और इन पदों पर नई भर्ती होगी। इससे कई लोगों को रोजगार मिलेगा। यूनिवर्सिटी के कई कर्मचारियों को लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिला है। हर वर्ष इन खाली सीटों पर प्रमोशन किए जाएंगे तो यूनिवर्सिटी के पुराने कर्मचारियों का भी भला होगा। प्रमोशन के बाद जो सीटें खाली होंगी, उन पर भी नई भर्ती हो सकेगी।
आज मिलेंगे कुलपति से
मल्होत्रा ने बताया कि इस मांग के विरोध में गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के बैनर तले कुलपति से मुलाकात की जाएगी। इसमें सारी स्थिति स्पष्ट करके समय सीमा बढ़ाने का विरोध किया जाएगा।
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कुछ कर्मचारी रिटायरमेंट उम्र दो वर्ष बढ़ाकर 60 से 62 वर्ष करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, कुछ कर्मचारियों ने ही इसका विरोध शुरू कर दिया है। विरोध करने वाले कर्मचारी इस बारे में सोमवार को कुलपति से मुलाकात करेंगे।
गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के महासचिव अनिल मल्होत्रा ने बताया कि यूनिवर्सिटी के ऐसे कर्मचारियों की तादाद महज पांच से सात ही है, जो दिसंबर तक रिटायर होंगे।
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यूनिवर्सिटी में कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र 60 वर्ष है। लेकिन कुछ कर्मचारी इसे बढ़ाकर 62 वर्ष कराना चाहते हैं। इससे फायदा कम और नुकसान ज्यादा होगा।
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यह होगा नुकसान
अनिल मल्होत्रा ने बताया कि यूनिवर्सिटी में हर वर्ष पांच से सात कर्मचारी ही रिटायर होते हैं। ऐसे में इसका फायदा केवल इतने ही लोगों को हर वर्ष मिलेगा। 60 वर्ष मेें रिटायर होने पर पद रिक्त होंगे और इन पदों पर नई भर्ती होगी। इससे कई लोगों को रोजगार मिलेगा। यूनिवर्सिटी के कई कर्मचारियों को लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिला है। हर वर्ष इन खाली सीटों पर प्रमोशन किए जाएंगे तो यूनिवर्सिटी के पुराने कर्मचारियों का भी भला होगा। प्रमोशन के बाद जो सीटें खाली होंगी, उन पर भी नई भर्ती हो सकेगी।
आज मिलेंगे कुलपति से
मल्होत्रा ने बताया कि इस मांग के विरोध में गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के बैनर तले कुलपति से मुलाकात की जाएगी। इसमें सारी स्थिति स्पष्ट करके समय सीमा बढ़ाने का विरोध किया जाएगा।