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रजिस्ट्रार ने कहा ‘आई एम सॉरी’
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Tue, 16 Sep 2014 02:38 AM IST
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राजकीय महिला कॉलेज की छात्राएं सोमवार को अंग्रेजी में फेल किए जाने की समस्या बताने एमडीयू पहुंची।
यहां रजिस्ट्रार के व्यवहार से नाराज होकर छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। छात्राओं को शांत कराने के लिए रजिस्ट्रार को सार्वजनिक रूप से ‘आई एम सॉरी’ कहना पड़ा।
उन्होंने छात्राओं को तीन दिन में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन भी दिया। वहीं, छात्राओं के तेवर देख एमडीयू प्रशासन ने मौके पर पुलिस भी बुला ली थी। लेकिन महिला पुलिस ही हंगामा खत्म होने के बाद मौके पर पहुंची थी।
राजकीय महिला कॉलेज, रोहतक की बीए की छात्राओं ने बताया कि परीक्षक ने लापरवाही से कॉपियां जांची और उन्हें अंग्रेजी में फेल कर दिया है।
मामले की शिकायत छात्राओं ने सोमवार सुबह 9 बजे अपनी प्रिंसिपल डॉ. लक्ष्मी बेनीवाल को दी। यहां समस्या का समाधान नहीं होते देख छात्राएं सुबह 10:30 बजे वीसी कार्यालय पहुंच गईं। यहां विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तीन छात्राएं रजिस्ट्रार डॉ. एसपी वत्स से मिलने उनके ऑफिस में चली गईं। लेकिन रजिस्ट्रार ने छात्राओं को फटकार कर बाहर निकाल दिया।
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इससे छात्राओं का गुस्सा बढ़ गया। रजिस्ट्रार से मिलने की जिद लेकर रजिस्ट्रार के ऑफिस का दरवाजा घेर लिया। आधा घंटा बीतने के बाद जब रजिस्ट्रार बाहर नहीं आए तो छात्राएं ऑफिस का दरवाजा पिटने के साथ ‘रजिस्ट्रार माफी मांगों’ के नारे लगाने लगीं। स्थिति बिगड़ती देख रजिस्ट्रार डॉ. एसपी वत्स करीब 1:30 ऑफिस से बाहर आए। आते ही लड़कियों ने पूछा कि क्या परीक्षक उनकी परीक्षा कॉपियां शराब पीकर जांचते हैं। मेरिट में आने वाली लड़कियों के भी 0 से 18 नंबर दिए हैं।
रजिस्ट्रार ने मांगा तीन दिन का समय
रजिस्ट्रार डॉ. एसपी वत्स ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का समाधान 3 दिन में हो जाएगा। उनकी प्राचार्य के नेतृत्व में पेपर की जांच होगी। यदि परीक्षा कॉपी जांचने में खामी पाई गई तो संबंधित व्यक्ति पर विवि के नियमानुसार कार्रवाई होगी। परीक्षा कॉपी जांचने के बाद जो छात्रा पास पाई जाएंगी और विवि की इस गलती से जिन छात्राओं का आगे दाखिला नहीं हो पा रहा है, उनका समाधान किया जाएगा।
मौके पर पहुंची प्रिंसिपल
छात्राओं द्वारा हंगामा करने की खबर सुनकर दोपहर 1:30 बजे राजकीय महिला महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. लक्ष्मी बेनीवाल व संतोष धनखड़ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जब उन्होंने सुबह कह दिया था कि उनकी बात आगे रखी जाएगी तो वे यहां क्यों आईं। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। प्रिंसिपल के गुस्से को देख कुछ छात्राएं तो बैक फुट हो गईं, जबकि कुछ ने काम नहीं होने पर फिर हंगामा करने की चेतावनी तक दे दी।
इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज भी पहुंचा विरोध में
ग्रामीण महिला विकास की प्रधान सुनीता दहिया एवं इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज झज्जर की छात्रा ने भी इसी समस्या को लेकर हंगामा किया। छात्राओं ने कहा कि एक बार जब कोई छात्रा फेल हो जाती है तो उसके परिजन फिर दाखिला नहीं कराते हैं। परीक्षक की लापरवाही का खामियाजा उन्हें उठाना पड़ता है। छात्राओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि एक छात्र के पढ़ने से एक छात्र पढ़ता है, जबकि एक लड़की के पढ़ने से दो परिवार पढ़ते हैं। फिर भी एमडीयू प्रशासन लड़कियों की परीक्षा कॉपी जांचने में मनमानी करने पर लगा है।
यूआईईटी के छात्रों ने किया बवाल
यूआईइटी विभाग के विद्यार्थियों ने सोमवार को विवि की ओर से प्लेसमेंट नहीं दिलाए जाने की समस्या के समाधान के लिए कुलपति कार्यालय की शरण ली। बी-टेक व बायो टेक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी सुनील फौगाट, मोहित, रितू, दृष्टि, खुशबू, सोनू खन्ना, देव और भरत ने बताया कि एक विद्यार्थी चार साल में तीन लाख फीस जमा करता है, लेकिन फिर भी उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। छात्रों ने अपनी समस्या का समाधान कराने के लिए लिखित में शिकायत पत्र भी दिया। बताया कि उनकी क्लास में फिजिक्स लैब बनाई गई है, जबकि यह यहां नहीं होनी चाहिए।
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यहां रजिस्ट्रार के व्यवहार से नाराज होकर छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। छात्राओं को शांत कराने के लिए रजिस्ट्रार को सार्वजनिक रूप से ‘आई एम सॉरी’ कहना पड़ा।
उन्होंने छात्राओं को तीन दिन में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन भी दिया। वहीं, छात्राओं के तेवर देख एमडीयू प्रशासन ने मौके पर पुलिस भी बुला ली थी। लेकिन महिला पुलिस ही हंगामा खत्म होने के बाद मौके पर पहुंची थी।
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राजकीय महिला कॉलेज, रोहतक की बीए की छात्राओं ने बताया कि परीक्षक ने लापरवाही से कॉपियां जांची और उन्हें अंग्रेजी में फेल कर दिया है।
मामले की शिकायत छात्राओं ने सोमवार सुबह 9 बजे अपनी प्रिंसिपल डॉ. लक्ष्मी बेनीवाल को दी। यहां समस्या का समाधान नहीं होते देख छात्राएं सुबह 10:30 बजे वीसी कार्यालय पहुंच गईं। यहां विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तीन छात्राएं रजिस्ट्रार डॉ. एसपी वत्स से मिलने उनके ऑफिस में चली गईं। लेकिन रजिस्ट्रार ने छात्राओं को फटकार कर बाहर निकाल दिया।
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इससे छात्राओं का गुस्सा बढ़ गया। रजिस्ट्रार से मिलने की जिद लेकर रजिस्ट्रार के ऑफिस का दरवाजा घेर लिया। आधा घंटा बीतने के बाद जब रजिस्ट्रार बाहर नहीं आए तो छात्राएं ऑफिस का दरवाजा पिटने के साथ ‘रजिस्ट्रार माफी मांगों’ के नारे लगाने लगीं। स्थिति बिगड़ती देख रजिस्ट्रार डॉ. एसपी वत्स करीब 1:30 ऑफिस से बाहर आए। आते ही लड़कियों ने पूछा कि क्या परीक्षक उनकी परीक्षा कॉपियां शराब पीकर जांचते हैं। मेरिट में आने वाली लड़कियों के भी 0 से 18 नंबर दिए हैं।
रजिस्ट्रार ने मांगा तीन दिन का समय
रजिस्ट्रार डॉ. एसपी वत्स ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का समाधान 3 दिन में हो जाएगा। उनकी प्राचार्य के नेतृत्व में पेपर की जांच होगी। यदि परीक्षा कॉपी जांचने में खामी पाई गई तो संबंधित व्यक्ति पर विवि के नियमानुसार कार्रवाई होगी। परीक्षा कॉपी जांचने के बाद जो छात्रा पास पाई जाएंगी और विवि की इस गलती से जिन छात्राओं का आगे दाखिला नहीं हो पा रहा है, उनका समाधान किया जाएगा।
मौके पर पहुंची प्रिंसिपल
छात्राओं द्वारा हंगामा करने की खबर सुनकर दोपहर 1:30 बजे राजकीय महिला महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. लक्ष्मी बेनीवाल व संतोष धनखड़ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जब उन्होंने सुबह कह दिया था कि उनकी बात आगे रखी जाएगी तो वे यहां क्यों आईं। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। प्रिंसिपल के गुस्से को देख कुछ छात्राएं तो बैक फुट हो गईं, जबकि कुछ ने काम नहीं होने पर फिर हंगामा करने की चेतावनी तक दे दी।
इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज भी पहुंचा विरोध में
ग्रामीण महिला विकास की प्रधान सुनीता दहिया एवं इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज झज्जर की छात्रा ने भी इसी समस्या को लेकर हंगामा किया। छात्राओं ने कहा कि एक बार जब कोई छात्रा फेल हो जाती है तो उसके परिजन फिर दाखिला नहीं कराते हैं। परीक्षक की लापरवाही का खामियाजा उन्हें उठाना पड़ता है। छात्राओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि एक छात्र के पढ़ने से एक छात्र पढ़ता है, जबकि एक लड़की के पढ़ने से दो परिवार पढ़ते हैं। फिर भी एमडीयू प्रशासन लड़कियों की परीक्षा कॉपी जांचने में मनमानी करने पर लगा है।
यूआईईटी के छात्रों ने किया बवाल
यूआईइटी विभाग के विद्यार्थियों ने सोमवार को विवि की ओर से प्लेसमेंट नहीं दिलाए जाने की समस्या के समाधान के लिए कुलपति कार्यालय की शरण ली। बी-टेक व बायो टेक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी सुनील फौगाट, मोहित, रितू, दृष्टि, खुशबू, सोनू खन्ना, देव और भरत ने बताया कि एक विद्यार्थी चार साल में तीन लाख फीस जमा करता है, लेकिन फिर भी उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। छात्रों ने अपनी समस्या का समाधान कराने के लिए लिखित में शिकायत पत्र भी दिया। बताया कि उनकी क्लास में फिजिक्स लैब बनाई गई है, जबकि यह यहां नहीं होनी चाहिए।