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दुराचार पीड़ित नाबालिग ने दिया बच्चे को जन्म
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Tue, 21 Oct 2014 02:17 AM IST
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बरवाला क्षेत्र की दुराचार पीड़ित ने सोमवार शाम को पीजीआई में प्री-मेच्योर बच्चे को जन्म दिया।
बच्चे का वजन 900 ग्राम बताया जा रहा है। नवजात को गंभीर हालत में नियोनेटल केयर यूनिट (निकू) में दाखिल किया गया है। पीजीआई प्रबंधन के अनुसार नाबालिग पीड़ित खतरे से बाहर है। जच्चा-बच्चा चिकित्सकाें के बोर्ड की निगरानी में है।
पीजीआई निदेशक डॉ. चांद सिंह ढुल ने बताया कि नाबालिग बच्ची का गर्भ करीब 27 सप्ताह का है। दर्द के कारण उसे ऑब्जर्वेशन में रखा गया था। सोमवार शाम 6 बजे पीड़ित की नॉर्मल डिलीवरी हुई।
चिकित्सकों की मानें तो प्री-मेच्योर और कम वजन होने के कारण बच्चे का बचना कठिन है। फिलहाल बच्चे को पीडियाट्रिक्स विभाग के निकू में रखा गया है। पीजीआई के फोरेंसिक, गायनोक्लॉजी, पीडियाट्रिक्स और साइकेट्री विभाग के चिकित्सकों का बोर्ड जच्चा-बच्चा का ध्यान रखे हुए है।
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ये है मामला
बरवाला क्षेत्र के एक गांव में 17 सितंबर को आठवीं कक्षा की 14 वर्ष की छात्रा के साथ दुराचार का मामला सामने आया। दुराचार करने वाला 55 वर्षीय आरोपी पीड़ित का पड़ोसी ही था। पीड़ित 22 सप्ताह की गर्भवती थी। छात्रा के पेट में दर्द होने पर मामले का पता चला। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी बुजुर्ग को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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बच्चे का वजन 900 ग्राम बताया जा रहा है। नवजात को गंभीर हालत में नियोनेटल केयर यूनिट (निकू) में दाखिल किया गया है। पीजीआई प्रबंधन के अनुसार नाबालिग पीड़ित खतरे से बाहर है। जच्चा-बच्चा चिकित्सकाें के बोर्ड की निगरानी में है।
पीजीआई निदेशक डॉ. चांद सिंह ढुल ने बताया कि नाबालिग बच्ची का गर्भ करीब 27 सप्ताह का है। दर्द के कारण उसे ऑब्जर्वेशन में रखा गया था। सोमवार शाम 6 बजे पीड़ित की नॉर्मल डिलीवरी हुई।
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चिकित्सकों की मानें तो प्री-मेच्योर और कम वजन होने के कारण बच्चे का बचना कठिन है। फिलहाल बच्चे को पीडियाट्रिक्स विभाग के निकू में रखा गया है। पीजीआई के फोरेंसिक, गायनोक्लॉजी, पीडियाट्रिक्स और साइकेट्री विभाग के चिकित्सकों का बोर्ड जच्चा-बच्चा का ध्यान रखे हुए है।
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ये है मामला
बरवाला क्षेत्र के एक गांव में 17 सितंबर को आठवीं कक्षा की 14 वर्ष की छात्रा के साथ दुराचार का मामला सामने आया। दुराचार करने वाला 55 वर्षीय आरोपी पीड़ित का पड़ोसी ही था। पीड़ित 22 सप्ताह की गर्भवती थी। छात्रा के पेट में दर्द होने पर मामले का पता चला। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी बुजुर्ग को गिरफ्तार कर लिया गया है।