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3 के गिरफ्तारी वारंट जारी, 7 को सुनवाई
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 11 Dec 2014 03:02 AM IST
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करौंथा आश्रम जमीन खरीद में धोखाधड़ी मामले की सुनवाई अब 7 जनवरी 2015 को होगी।
बुधवार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कीर्ति जैन की अदालत में सुनवाई में तीन आरोपी नहीं पहुंचे। अदालत ने तीनों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।
वहीं, रामपाल को इस मामले में पेशी से छूट मिली हुई है। गवाही के लिए पहुंचे फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और तत्कालीन एसएचओ सदर भी बिना गवाही दिए लौट गए। मामले में रामपाल समेत करीब 8-9 लोग आरोपी हैं।
शिकायत पक्ष की ओर से एडवोकेट नरेंद्र सिंह कटारिया ने बताया कि बुधवार को मामले में तीन आरोपी सत्यदेव, राजेंद्र और रवींद्र अदालत में पेश नहीं हुए। अदालत ने तीनों आरोपियों के पेश न होने का कारण पूछा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर तीनों के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए गए और सुनवाई के लिए 7 जनवरी की तारीख मुकर्रर की गई। एडवोकेट कटारिया ने बताया कि मामले में गवाहियां चल रही हैं। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की गवाही होनी है। बुधवार को मधुबन स्थित फोरेंसिक लेबोरेटरी से फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट महाबीर सिंह गवाही देने के लिए आए। तत्कालीन थाना सदर प्रभारी भी पहुंचे, लेकिन, सभी आरोपी पेश न होने के कारण गवाही की प्रक्रिया टल गई और उन्हें वापस जाना पड़ा।
ये है मामला
मामला 1999 का है। रामपाल के बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट ने गांव करौंथा में आश्रम के लिए गिफ्ट डीड के तहत जमीन ली। जमीन की मालिक कमला, सुनहरी व कृष्णा के अलावा कई दूसरे लोग थे। आरोप है कि कमला के स्थान पर ट्रस्ट संचालकों ने किसी और को खड़ा करके फर्जी अंगुठे लगवा लिए और धोखे से उसकी जमीन को कब्जा लिया। कमला के चाचा करतार सिंह ने पुलिस में शिकायत दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया है। मामले में अदालत में कमला समेत अन्य की गवाही भी हो चुकी है।
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बुधवार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कीर्ति जैन की अदालत में सुनवाई में तीन आरोपी नहीं पहुंचे। अदालत ने तीनों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।
वहीं, रामपाल को इस मामले में पेशी से छूट मिली हुई है। गवाही के लिए पहुंचे फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और तत्कालीन एसएचओ सदर भी बिना गवाही दिए लौट गए। मामले में रामपाल समेत करीब 8-9 लोग आरोपी हैं।
शिकायत पक्ष की ओर से एडवोकेट नरेंद्र सिंह कटारिया ने बताया कि बुधवार को मामले में तीन आरोपी सत्यदेव, राजेंद्र और रवींद्र अदालत में पेश नहीं हुए। अदालत ने तीनों आरोपियों के पेश न होने का कारण पूछा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर तीनों के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए गए और सुनवाई के लिए 7 जनवरी की तारीख मुकर्रर की गई। एडवोकेट कटारिया ने बताया कि मामले में गवाहियां चल रही हैं। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की गवाही होनी है। बुधवार को मधुबन स्थित फोरेंसिक लेबोरेटरी से फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट महाबीर सिंह गवाही देने के लिए आए। तत्कालीन थाना सदर प्रभारी भी पहुंचे, लेकिन, सभी आरोपी पेश न होने के कारण गवाही की प्रक्रिया टल गई और उन्हें वापस जाना पड़ा।
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ये है मामला
मामला 1999 का है। रामपाल के बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट ने गांव करौंथा में आश्रम के लिए गिफ्ट डीड के तहत जमीन ली। जमीन की मालिक कमला, सुनहरी व कृष्णा के अलावा कई दूसरे लोग थे। आरोप है कि कमला के स्थान पर ट्रस्ट संचालकों ने किसी और को खड़ा करके फर्जी अंगुठे लगवा लिए और धोखे से उसकी जमीन को कब्जा लिया। कमला के चाचा करतार सिंह ने पुलिस में शिकायत दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया है। मामले में अदालत में कमला समेत अन्य की गवाही भी हो चुकी है।
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