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रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री की जन्म स्थली निंदाना गांव लिया गोद

Thu, 11 Dec 2014 03:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 11 Dec 2014 03:07 AM IST
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हरियाणा से राज्य सभा सदस्य बने रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के उस गांव निंदाना को गोद लिया है, जहां उनका जन्म हुआ।
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1200 वर्ष पहले बसा यह गांव करीब आठ-नौ साल पहले आदर्श गांव घोषित हुआ तो सुविधाओं में विस्तार हुआ लेकिन ग्राम पंचायत को आज तक यह नहीं पता कि उसकी जमीन कितनी है।

क्योंकि अभी तक यहां चकबंदी तक नहीं हुई। इससे गांव में रास्ते भी सीधे नहीं बल्कि टेढ़े मेढ़े बने हुए हैं। तंग गलियां है। ग्रामीण चकबंदी की मांग वर्षों से उठा रहे हैं। ताकि पंचायत को उसकी जमीन मिलने पर कुछ और भी विकास कार्य हो सके। इसके अलावा निंदाना से भराण तक सड़क मार्ग के बीच में करीब दो एकड़ जमीन के अधिग्रहण विवाद से ग्रामीणों को मात्र चार किलोमीटर की दूरी पर जाने के लिए महम होकर दस किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। गांव की गलियां पक्की हैं तो पेयजल भी घर तक पहुंचता है। गांव में ब्वॉयज व गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल भी अलग-अलग हैं। स्वास्थ्य सेवा के लिए गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य चल रहा है तो एक छोटा पशु अस्पताल है।   
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यह भी जानिए
3300 की आबादी वाले इस गांव निंदाना खास में करीब 2100 मतदाता हैं। 1988 में ग्राम पंचायत बने निंदाना खास में करीब 2100 मतदाता है। गांव को 2006-2007 को आदर्श गांव घोषित किया गया था, जिसके बाद यहां कुछ विकास कार्य हुए।
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जताई खुशी
ग्रामीणों ने रेल मंत्री द्वारा गांव निंदाना खास को गोद लिए जाने पर खुशी जताई है। लोगों ने लड्डु भी बांटे। सरपंच आनंद राठी, पूर्व सरपंच रामनिवास रोहिल्ला, दीपक राठी, लीलूराम, मास्टर जगबीर राठी, महेंद्र सिंह, चरण सिंह व सुरेश राठी आदि ने कहा कि केंद्रीय मंत्री की ओर से उनके गांव को गोद लेने की उन्हें खुशी है। ग्राम पंचायत की छोटी-मोटी समस्याएं अब जल्द दूर होंगी। गांव का भी और विकास होगा। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसी गांव में जन्म लिया। जब वे मुख्यमंत्री बने, तभी से लग रहा था कि गांव में विकास और होगा। अब यह साबित भी हो रहा है।
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