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प्रोजेक्ट लून
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 06 Jul 2014 05:21 PM IST
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बहुराष्ट्रीय कंपनी गूगल ने हाल ही में प्रोजेक्ट लून की शुरुआत की है। दरअसल इसका संबंध गांवों और दूर-दराज के इलाकों में इंटरनेट सेवा बहाल करने से है।
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यह परियोजना लगभग 780 वर्ग मील क्षेत्र के साथ दुनिया की दो तिहाई आबादी यानी 418 अरब ग्रामीण लोगों को ध्यान में रखकर आरंभ की गई है। गूगल ने इसके लिए एक अरब डॉलर की लागत से तकनीक विकसित की, जिसमें उपग्रह संचार स्टार्ट अप ओ3बी नेटवर्क के संस्थापक ग्रेग वीलर का अहम योगदान है।
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इसके तहत छोटे, पर उच्च क्षमता वाले गुब्बारेनुमा उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर पारंपरिक उपग्रहों की तुलना में कम ऊंचाई पर परिक्रमा करेंगे। ये गुब्बारे बिल्डिंग पर लगे एंटिना से प्राप्त सिग्नलों के आधार पर ऊपर-नीचे हो सकते हैं। इसके लिए सौर ऊर्जा का भी इस्तेमाल किया गया है। इसे कंपनी की एक्स लैब ने विकसित किया है।
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प्रत्येक गुब्बारा हवा में 100 दिन तक रहेगा और अपने आसपास 40 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट की सुविधा प्रदान करेगा। इसकी स्पीड 3 जी के बराबर होगी। अभी गूगल ने ऐसे 180 गुब्बारों को लांच किया है। पिछले साल इसे न्यूजीलैंड के साउथ आइसलैंड्स में प्रायोगिक तौर पर लांच किया गया था।