{"_id":"7a5725355971f409e53c1cb7880b25ff","slug":"pinki-death-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिंकी की मौत से फिर उठे कार्यप्रणाली पर सवाल","category":{"title":"Other Archives","title_hn":"अन्य आर्काइव","slug":"other-archives"}}
पिंकी की मौत से फिर उठे कार्यप्रणाली पर सवाल
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Tue, 14 Oct 2014 03:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खराब रिजल्ट के चलते गुड़गांव के राजकीय कॉलेज में आत्मदाह करने वाली पिंकी की मौत के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन की परीक्षा प्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
रिजल्ट कंपाइलेशन का काम निजी कंपनी को देने से रोहतक में कई बार छात्र संगठनों ने पहले भी विरोध किया था। अब पिंकी की मौत के बाद एमडीयू प्रशासन की ठेका प्रणाली का विरोध हर तरफ शुरू हो गया है।
छात्रों के भविष्य और मूल्याकंन प्रणाली में हर बार आ रही शिकायतों को देखते हुए रोहतक में छात्र संगठनों ने एमडीयू की ठेका प्रणाली के विरोध में फिर एक बार विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
छात्र संगठन इनसो के नेता प्रदीप देशवाल का कहना है कि न्यासा को ठेका देने के विरोध में संगठन ने पहले भी कई बार विरोध किया था। इस कंपनी का कार्यकाल पहले ही खत्म हो गया था, लगातार खराब परिणाम की शिकायतों के बाद भी इसी कंपनी को काम दिया गया। अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के विक्रम का कहना है कि एक ही कॉलेज के डेढ़-डेढ़ सौ दो-दो सौ विद्यार्थियों को जीरो, एक, दो या ज्यादा से ज्यादा दस अंक तक आना भी कई सवाल खड़े करता है? विरोध केबाद जांच का आश्वासन देकर एमडीयू प्रशासन ने हमेशा गलतियां पर पर्दा डालने की कोशिश की है। वरिष्ठ छात्र नेता जोगेंद्र सिंह जोगा और एसएसफआई के सुमित ने भी परीक्षा प्रणाली को ही पिंकी की मौत का जिम्मेदार बताया है।
चुनाव बाद होगा प्रदर्शन
इनसो, एसएफआई, संयुक्त छात्र मोर्चा, अंबेडकर विद्यार्थी एसोसिएशन केछात्र नेताओं का कहना है कि यूनिवर्सिटी की लापरवाही के कारण पिंकी की मौत हुई है। एमडीयू प्रशासन की लापरवाही को लेकर मोर्चा खोला जाएगा। विक्रम डुमोलिया का कहना है कि कुलपति और रजिस्ट्रार की कार्यशैली ही विद्यार्थी विरोधी है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ और हजारों विद्यार्थियों केभविष्य के लिए चुनाव बाद फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा।
यह कहते हैं शिक्षाविद
दो वर्ष पूर्व भी करीब एक हजार कापियां बिना चेक की हुई मिली थी। विरोध के बाद री-चेकिंग में फेल विद्यार्थी पास हो जाते हैं। हर वर्ष होने वाले हंगामे और विरोध के बाद भी हालात नहीं सुधरे। एमडीयू में कर्मचारी कम हैं तो उन्हें भर्ती किया जाए मगर निजी कंपनी द्वारा इस प्रक्रिया को पूरा कराने की बात हजम नहीं होती। ऐसा करके शिक्षा में माफियागिरी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पर रोक लगनी चाहिए।
-सीमा भारद्वाज, शिक्षाविद
जब एक कॉपी दो तीन चरणों से गुजरती है और परीक्षक उसके बाकायदा पैसे लेता है तो आखिर गड़बड़ी का चांस कहां से आता है? यानी कहीं न कहीं विद्यार्थियों के नंबर ऑनलाइन चढ़ाने में लापरवाही हो रही है। एक कक्षा में 10-20 बच्चे फेल हो सकते हैं न कि पूरे-पूरे विद्यार्थी। इसके खिलाफ जांच होनी चाहिए।
-डॉ. जीडी शर्मा, शिक्षाविद
हर वर्ष ही रिजल्ट में गड़बड़ी का मामला उजागर होता है। इसे लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुए। न्यासा कंपनी का ठेका खत्म होने के बाद भी एमडीयू इनसे काम करा रहा है। जबकि युवा शक्ति के विरोध के बाद इनका ठेका निरस्त कर देने की बात कही गई थी, मगर पिंकी मामले के बाद फिर से इनका नाम उछलना एमडीयू की लापरवाही की पोल खोलता है। प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
-जसवंत सैनी, संयोजक युवा शक्ति फरीदाबाद
संबंधित विषयों के प्रोफेसर ही कॉपी जांचते हैं। ये आरोप बेबुनियाद है। न्यासा साफ्टवेयर कंपनी है जो रिजल्ट कंपाइल और ऑनलाइन अपडेट का काम करती है। इस दौरान कोई लापरवाही नहीं बरती जाती।
-बीएस सिंधू परीक्षा निरीक्षक, एमडीयू
---------------
विद्यार्थियों ने दी श्रद्धांजलि
खराब परिणाम के विरोध में आवाज उठाने और जान देने वाली पिंकी को रोहतक, फरीदाबाद और गुड़गांव में श्रृद्धांजलि दी गई। एमडीयू हॉस्टल में जोगेंद्र सिंह जोगा के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने शोक सभा कर दो मिनट का मौन रखा। सेक्टर-16 स्थित नेहरू कॉलेज के गेट पर सैकड़ों छात्रों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गुस्साए विद्यार्थियों ने एमडीयू के कुलपति एचएस चहल का पुतला फूंककर विरोध जताया। साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और कुलपति के इस्तीफे की मांग की। सेक्टर-16 स्थित राजकीय महिला कॉलेज की छात्राएं भी विरोध प्रदर्शन के बाद प्राचार्या से मिलीं। उन्होंने भी विरोध जारी रखने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
रिजल्ट कंपाइलेशन का काम निजी कंपनी को देने से रोहतक में कई बार छात्र संगठनों ने पहले भी विरोध किया था। अब पिंकी की मौत के बाद एमडीयू प्रशासन की ठेका प्रणाली का विरोध हर तरफ शुरू हो गया है।
विज्ञापन
छात्रों के भविष्य और मूल्याकंन प्रणाली में हर बार आ रही शिकायतों को देखते हुए रोहतक में छात्र संगठनों ने एमडीयू की ठेका प्रणाली के विरोध में फिर एक बार विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
छात्र संगठन इनसो के नेता प्रदीप देशवाल का कहना है कि न्यासा को ठेका देने के विरोध में संगठन ने पहले भी कई बार विरोध किया था। इस कंपनी का कार्यकाल पहले ही खत्म हो गया था, लगातार खराब परिणाम की शिकायतों के बाद भी इसी कंपनी को काम दिया गया। अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के विक्रम का कहना है कि एक ही कॉलेज के डेढ़-डेढ़ सौ दो-दो सौ विद्यार्थियों को जीरो, एक, दो या ज्यादा से ज्यादा दस अंक तक आना भी कई सवाल खड़े करता है? विरोध केबाद जांच का आश्वासन देकर एमडीयू प्रशासन ने हमेशा गलतियां पर पर्दा डालने की कोशिश की है। वरिष्ठ छात्र नेता जोगेंद्र सिंह जोगा और एसएसफआई के सुमित ने भी परीक्षा प्रणाली को ही पिंकी की मौत का जिम्मेदार बताया है।
चुनाव बाद होगा प्रदर्शन
इनसो, एसएफआई, संयुक्त छात्र मोर्चा, अंबेडकर विद्यार्थी एसोसिएशन केछात्र नेताओं का कहना है कि यूनिवर्सिटी की लापरवाही के कारण पिंकी की मौत हुई है। एमडीयू प्रशासन की लापरवाही को लेकर मोर्चा खोला जाएगा। विक्रम डुमोलिया का कहना है कि कुलपति और रजिस्ट्रार की कार्यशैली ही विद्यार्थी विरोधी है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ और हजारों विद्यार्थियों केभविष्य के लिए चुनाव बाद फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा।
यह कहते हैं शिक्षाविद
दो वर्ष पूर्व भी करीब एक हजार कापियां बिना चेक की हुई मिली थी। विरोध के बाद री-चेकिंग में फेल विद्यार्थी पास हो जाते हैं। हर वर्ष होने वाले हंगामे और विरोध के बाद भी हालात नहीं सुधरे। एमडीयू में कर्मचारी कम हैं तो उन्हें भर्ती किया जाए मगर निजी कंपनी द्वारा इस प्रक्रिया को पूरा कराने की बात हजम नहीं होती। ऐसा करके शिक्षा में माफियागिरी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पर रोक लगनी चाहिए।
-सीमा भारद्वाज, शिक्षाविद
जब एक कॉपी दो तीन चरणों से गुजरती है और परीक्षक उसके बाकायदा पैसे लेता है तो आखिर गड़बड़ी का चांस कहां से आता है? यानी कहीं न कहीं विद्यार्थियों के नंबर ऑनलाइन चढ़ाने में लापरवाही हो रही है। एक कक्षा में 10-20 बच्चे फेल हो सकते हैं न कि पूरे-पूरे विद्यार्थी। इसके खिलाफ जांच होनी चाहिए।
-डॉ. जीडी शर्मा, शिक्षाविद
हर वर्ष ही रिजल्ट में गड़बड़ी का मामला उजागर होता है। इसे लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुए। न्यासा कंपनी का ठेका खत्म होने के बाद भी एमडीयू इनसे काम करा रहा है। जबकि युवा शक्ति के विरोध के बाद इनका ठेका निरस्त कर देने की बात कही गई थी, मगर पिंकी मामले के बाद फिर से इनका नाम उछलना एमडीयू की लापरवाही की पोल खोलता है। प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
-जसवंत सैनी, संयोजक युवा शक्ति फरीदाबाद
संबंधित विषयों के प्रोफेसर ही कॉपी जांचते हैं। ये आरोप बेबुनियाद है। न्यासा साफ्टवेयर कंपनी है जो रिजल्ट कंपाइल और ऑनलाइन अपडेट का काम करती है। इस दौरान कोई लापरवाही नहीं बरती जाती।
-बीएस सिंधू परीक्षा निरीक्षक, एमडीयू
---------------
विद्यार्थियों ने दी श्रद्धांजलि
खराब परिणाम के विरोध में आवाज उठाने और जान देने वाली पिंकी को रोहतक, फरीदाबाद और गुड़गांव में श्रृद्धांजलि दी गई। एमडीयू हॉस्टल में जोगेंद्र सिंह जोगा के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने शोक सभा कर दो मिनट का मौन रखा। सेक्टर-16 स्थित नेहरू कॉलेज के गेट पर सैकड़ों छात्रों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गुस्साए विद्यार्थियों ने एमडीयू के कुलपति एचएस चहल का पुतला फूंककर विरोध जताया। साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और कुलपति के इस्तीफे की मांग की। सेक्टर-16 स्थित राजकीय महिला कॉलेज की छात्राएं भी विरोध प्रदर्शन के बाद प्राचार्या से मिलीं। उन्होंने भी विरोध जारी रखने की चेतावनी दी है।