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बगैर जांचे नींद में इंजेक्शन लगवाते रहे डॉक्टर, युवक ने तोड़ा दम, 4 घंटे हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 10 Dec 2014 02:30 AM IST
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प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान यहां स्थित पीजीआई में चिकित्सकों की लापरवाही ने एक और जान ले ली।
25 वर्षीय युवक सोमवार को पूरी रात दर्द से कराहता रहा, लेकिन डॉक्टरों ने न तो फाइल बनाई और न ही सही ढंग से जांच की।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर नींद में ही इंजेक्शन लिखते रहे और लगवाते रहे। 24 घंटे पहले युवक अपने पैरों पर यहां चलकर आया था।
उसे पेट में दर्द व पेशाब में रुकावट की शिकायत थी। मंगलवार सुबह साढ़े 8 बजे युवक की मौत पर परिजन भड़क गए। पोस्टमार्टम कराने से इंकार करते हुए 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक हंगामा करते रहे। परिजनों ने चिकित्सा अधीक्षक को लिखित में शिकायत दी है। पाड़ा मोहल्ला निवासी सरोज ने विक्की की मौत का जिम्मेदार सीधे-सीधे पीजीआई वार्ड 6 के चिकित्सक को ठहराया है।
ये है मामला
पाड़ा मोहल्ला निवासी सरोज ने बताया कि उसका 25 वर्षीय बेटा विक्की मजदूरी करता था। वह सोमवार सुबह 9 बजे इलाज के लिए पीजीआई के आपात विभाग पहुंचा। यहां चिकित्सकों ने उपचार दे कर उसे घर भेज दिया। सोमवार शाम को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर विक्की फिर आपात विभाग में पहुंचा। यहां बताया गया कि अभी चिकित्सक ओटी में हैं, वह वार्ड 6 में जाकर दिखा ले। विक्की को वार्ड छह में ले जाया गया। यहां भी चिकित्सकों ने मरीज की कोई फाइल नहीं बनाई और न ही रात भर जांचा। सारी रात विक्की दर्द से तड़फता रहा और चिकित्सक बगैर जांचे इंजेक्शन लगवाते रहे। सुबह विक्की ने बाथरूम जाते समय गैलरी में दो बार खून की उल्टी की। इस बार चिकित्सक के कमरे में जाकर शिकायत की गई। चिकित्सक ने नींद में ही एक और इंजेक्शन लिखा और कहा कि लगवा लो। आरोप है कि जब मरीज को देखने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि तमीज से पेश आओ और डांट कर कक्ष से बाहर निकाल दिया। सुबह साढे़ आठ बजे विक्की ने दम तोड़ दिया।
चिकित्सक ने मांगी माफी
विक्की की मौत पर वार्ड 6 की गैलरी में परिजन एकत्रित हो गए और चिकित्सक का विरोध करने लगे। मृतक की मां सरोज ने बताया कि डॉ. भवन ने खुद गलती मानते हुए उनसे माफी भी मांगी। लेकिन उनके माफी मांगने से उनका बेटा तो नहीं आ जाएगा। चिकित्सक की लापरवाही से उन्होंने अपना बेटा खोया है। विक्की की पत्नी कम आयु में विधवा हो गई। हम कहीं के नहीं रहे।
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चिकित्सक नहीं सुरक्षा अधिकारी पहुंचे वार्ड में
उपचार में लापरवाही के आरोप लगा रहे परिजनों की भीड़ को देख कर मौके पर कोई चिकित्सक तो पहुंचा नहीं, हां सुरक्षा अधिकारी संजय सांगवान जरूर पहुंचे। इससे पहले की मृतक के परिजन हंगामा करते उन्होंने शिकायतकर्ताओं की मुलाकात चिकित्सा अधीक्षक से करा दी। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक पीजीआई में हंगामा होता रहा।
थाना पहुंचे परिजन
शिकायत करने परिजन पीजीआई थाना गए। यहां से वापस जाकर परिजनों ने एमएस कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित सरोज ने मांग की है कि उसे न्याय मिलना चाहिए। पीड़ित पक्ष ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।
बोले अधिकारी
विक्की की मौत का मामला संज्ञान में आया है। परिजनों की शिकायत पर जांच कमेटी गठित होगी। यदि चिकित्सक दोषी पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई होगी।
- डॉ. अशोक चौहान, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस, रोहतक।
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25 वर्षीय युवक सोमवार को पूरी रात दर्द से कराहता रहा, लेकिन डॉक्टरों ने न तो फाइल बनाई और न ही सही ढंग से जांच की।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर नींद में ही इंजेक्शन लिखते रहे और लगवाते रहे। 24 घंटे पहले युवक अपने पैरों पर यहां चलकर आया था।
उसे पेट में दर्द व पेशाब में रुकावट की शिकायत थी। मंगलवार सुबह साढ़े 8 बजे युवक की मौत पर परिजन भड़क गए। पोस्टमार्टम कराने से इंकार करते हुए 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक हंगामा करते रहे। परिजनों ने चिकित्सा अधीक्षक को लिखित में शिकायत दी है। पाड़ा मोहल्ला निवासी सरोज ने विक्की की मौत का जिम्मेदार सीधे-सीधे पीजीआई वार्ड 6 के चिकित्सक को ठहराया है।
ये है मामला
पाड़ा मोहल्ला निवासी सरोज ने बताया कि उसका 25 वर्षीय बेटा विक्की मजदूरी करता था। वह सोमवार सुबह 9 बजे इलाज के लिए पीजीआई के आपात विभाग पहुंचा। यहां चिकित्सकों ने उपचार दे कर उसे घर भेज दिया। सोमवार शाम को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर विक्की फिर आपात विभाग में पहुंचा। यहां बताया गया कि अभी चिकित्सक ओटी में हैं, वह वार्ड 6 में जाकर दिखा ले। विक्की को वार्ड छह में ले जाया गया। यहां भी चिकित्सकों ने मरीज की कोई फाइल नहीं बनाई और न ही रात भर जांचा। सारी रात विक्की दर्द से तड़फता रहा और चिकित्सक बगैर जांचे इंजेक्शन लगवाते रहे। सुबह विक्की ने बाथरूम जाते समय गैलरी में दो बार खून की उल्टी की। इस बार चिकित्सक के कमरे में जाकर शिकायत की गई। चिकित्सक ने नींद में ही एक और इंजेक्शन लिखा और कहा कि लगवा लो। आरोप है कि जब मरीज को देखने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि तमीज से पेश आओ और डांट कर कक्ष से बाहर निकाल दिया। सुबह साढे़ आठ बजे विक्की ने दम तोड़ दिया।
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चिकित्सक ने मांगी माफी
विक्की की मौत पर वार्ड 6 की गैलरी में परिजन एकत्रित हो गए और चिकित्सक का विरोध करने लगे। मृतक की मां सरोज ने बताया कि डॉ. भवन ने खुद गलती मानते हुए उनसे माफी भी मांगी। लेकिन उनके माफी मांगने से उनका बेटा तो नहीं आ जाएगा। चिकित्सक की लापरवाही से उन्होंने अपना बेटा खोया है। विक्की की पत्नी कम आयु में विधवा हो गई। हम कहीं के नहीं रहे।
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चिकित्सक नहीं सुरक्षा अधिकारी पहुंचे वार्ड में
उपचार में लापरवाही के आरोप लगा रहे परिजनों की भीड़ को देख कर मौके पर कोई चिकित्सक तो पहुंचा नहीं, हां सुरक्षा अधिकारी संजय सांगवान जरूर पहुंचे। इससे पहले की मृतक के परिजन हंगामा करते उन्होंने शिकायतकर्ताओं की मुलाकात चिकित्सा अधीक्षक से करा दी। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक पीजीआई में हंगामा होता रहा।
थाना पहुंचे परिजन
शिकायत करने परिजन पीजीआई थाना गए। यहां से वापस जाकर परिजनों ने एमएस कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित सरोज ने मांग की है कि उसे न्याय मिलना चाहिए। पीड़ित पक्ष ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।
बोले अधिकारी
विक्की की मौत का मामला संज्ञान में आया है। परिजनों की शिकायत पर जांच कमेटी गठित होगी। यदि चिकित्सक दोषी पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई होगी।
- डॉ. अशोक चौहान, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस, रोहतक।