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पीजीआई की सीटी स्कैन फिर खराब

Tue, 07 Oct 2014 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक Updated Tue, 07 Oct 2014 02:51 AM IST
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प्रदेश की लाइफ लाइन पीजीआई का रेडियोलॉजी विभाग इन दिनों खुद बीमार हो चला है।
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पिछले एक माह से दो अल्ट्रासाउंड मशीनें खराब चल ही रही हैं। अभी हाल ही में सीटी स्कैन मशीन कई दिनों बाद ठीक हुई थी कि रविवार को उसका भी मॉनीटर उड़ गया।

सोमवार को यह मशीन पूरा दिन बंद पड़ी रही। मशीन के खराब होने के कारण लोग बाहर से महंगा सीटी स्कैन कराने को मजबूर हो रहे हैं।

पीजीआई का रेडियोलॉजी विभाग में लगी मशीनों का खराब होना अब रोजमर्रा की बात हो गई है। हालात ये हैं कि कभी एमआरआई तो कभी सीटी स्कैन मशीन खराब रहती ही है। हालांकि पीजीआईएमएस की ओर से इन मशीनों को ठीक कराया जाता है, लेकिन तब तक मरीजों की जान के साथ साथ जेब पर भी आफत आ जाती है। पीजीआई इमरजेंसी की ही बात करें तो रोजाना 500 से 600 लोग वहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें 100 के आसपास तो केवल गंभीर रूप से घायल ही होते हैं। ऐेसे में दुर्घटना में घायल हुए मरीजों का तुरंत सीटी स्कैन कराने के लिए चिकित्सक भी लिख देते हैं। खासकर ऐसे मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मशीन के खराब होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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दोपहर तक लौटे 60 से ज्यादा मरीज
वैसे तो सोमवार को सरकारी छुट्टी थी। लेकिन सोमवार को दोपहर तक इमरजैंसी में आए करीब 60 मरीजों को सीटी स्कैन कराए बिना ही लौटना पड़ा। इनमें कई मरीज तो प्रदेश के दूसरे जिलों से भी आए हुए थे। जबकि कई घायलों को एंबुलेंस में निजी क्लीनिकों पर जाना पड़ा। सीटी स्कैन सेंटर में तैनात कर्मियों का कहना है कि रविवार की रात को अचानक मशीन का मॉनीटर उड़ गया था। इसलिए मशीन ने काम करना बंद कर दिया है। उनके अनुसार रोजाना 100 से ज्यादा सीटी स्कैन होते हैं।
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बाहर से कराने पड़ रहे तीन गुना दामों पर
 मरीजों का कहना है कि पीजीआई में जो टेस्ट 250 रुपये में होते हैं वेे बाहर से 800 रुपये में करवाने पड़ रहे है। जबकि दूसरे जिलों से आए एक मरीज का कहना है कि बाहर का पता भी नहीं कि ये टेस्ट कहां होते हैं। चिड़ाना से आए लहना सिंह का कहना है कि मशीन खराब होने के कारण डाक्टर ने पालिका बाजार मेें जाने को बोला, लेकिन मुझे पालिका बाजार का पता नही हैं। नारनौल से आए बलजीत सिंह का कहना है कि सबसे बड़ी बात ये है कि यहां एक सीटी स्कैन की फीस बस 250 रुपये है। लेकिन बाहर उनसे 800 रुपये से 1000 रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं।

अल्ट्रासाउंड मशीनें भी खराब
सूत्रों का कहना है कि लगभग एक महीने से अल्ट्रासाउंड की भी दो मशीनेें खराब पड़ी हैं। इनके कारण पूरा दिन भीड़ बनी रहती हैं। हाल ये है कि बाहर से आए लोगों को भी वापस ही लौटना पड़ता है। वहीं, जो मशीनें चल रही हैं उन पर भी भारी भीड़ लगी रहती है।
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