बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

एक और खिड़की खुली

नई दिल्ली Updated Sun, 25 Oct 2015 06:36 PM IST
विज्ञापन
Open another window
ख़बर सुनें
रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के साथ ही भारतीय वायुसेना की महिला पायलटों के लड़ाकू विमान उड़ाने की तमाम बाधाएं खत्म हो गई हैं। एक पखवाड़े पहले ही वायुसेना प्रमुख अरूप राहा ने अपने पहले के रुख को बदलते हुए संकेत दिए थे कि जल्द ही महिला पायलट भी लड़ाकू विमानों के काॅकपिट में नजर आएंगी। इस कदम से महिलाओं के लिए आसमान में एक और खिड़की खुल गई है, जिसका उन्हें दो दशक से भी लंबे समय से इंतजार था।
विज्ञापन


ऐसे समय जब पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात सहित दुनिया के बीस से अधिक देशों में महिला पायलटों को लड़ाकू विमान उड़ाने की इजाजत मिली हुई है, तब भारत में इस भेदभाव का कोई कारण नजर नहीं आ रहा था। लड़ाकू विमान उड़ाना वाकई काफी जोखिम का काम है और उसके लिए काफी दमखम भी चाहिए। खुद एयर चीफ मार्शल राहा ने पहले कहा था कि प्राकृतिक रूप से महिलाओं की क्षमता ऐसी नहीं होती कि वह लंबी अवधि तक लड़ाकू विमान उड़ा सकें।


मगर दूसरी ओर यह भी सच है कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ही पूर्व सोवियत संघ की महिला पायलटों ने लड़ाकू विमान उड़ाकर साबित कर दिया था कि यह क्षेत्र महिलाओं के लिए वर्जित नहीं है। वहीं, कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय महिला पायलटों ने हेलीकॉप्टर के जरिये घायल सैनिकों को चिकित्सा सेवा पहुंचाकर अपनी उपयोगिता साबित की है। बात सिर्फ लड़ाकू विमान उड़ाने की नहीं है, हमारे यहां सशस्त्र बलों में महिलाओं के प्रवेश से परहेज किया गया है। दरअसल हमारी तीनों सेनाओं में महिलाओं को प्रवेश नहीं देने के पीछे सामाजिक मान्यताओं के साथ ही पुरुष प्रधान मानसिकता भी जिम्मेदार रही है।

इसके अलावा एक दिलचस्प तर्क यह भी दिया गया है कि चूंकि लड़ाकू पायलट के प्रशिक्षण में अच्छा-खासा खर्च होता है, लिहाजा यदि किसी महिला पर इतना खर्च किया जाए और उसका विवाह हो जाए या किसी और कारण से वह सेवा से अलग हो जाए, तो यह व्यर्थ चला जाएगा! बहरहाल, हैदराबाद स्थित वायुसेना अकादमी में प्रशिक्षण ले रहीं महिला पायलटों में से ही देश को जून, 2017 तक पहली लड़ाकू विमान पायलट मिल जाएगी। इससे निश्चय ही, उन युवा महिलाओं को भी नई राह मिलेगी, जो लीक से हटकर कुछ करना चाहती हैं।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X