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अब ऑनलाइन ज्ञान बढ़ा सकेंगे फार्मास्युटिकल विद्यार्थी
ब्यूरो, अमर उजाला/रोहतक
Updated Sun, 21 Dec 2014 02:44 AM IST
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फार्मास्युटिकल साइंस के विद्यार्थियों केलिए अच्छी खबर है।
अब देशभर के प्रसिद्ध विशेषज्ञ ऑनलाइन लेक्चर देकर उनका ज्ञान बढ़ाएंगे।
एमडीयू के फार्मास्युटिकल साइंस विभाग की टीम विशेषज्ञों के लेक्चर को ई-पीजी पाठशाला केजरिए विद्यार्थियों तक पहुंचाएगी।
इस सुविधा के लिए एमडीयू के फार्मास्युटिकल साइंस विभाग का चयन मानव विकास संसाधन विकास मंत्रालय के नेशनल मिशन ऑन एजुकेशन थ्रू आईसीटी के तहत किया गया है।
यूजीसी की ओर से एमडीयू को एक करोड़ 12 लाख रुपये का अनुदान मिला है। मंत्रालय ने फार्मास्युटिकल सहित 22 विषयों का स्टडी मैटीरियल तैयार करके यूजीसी की वेबसाइट पर लोड करने का कार्यक्रम बनाया है। इसके लिए एक यूनिवर्सिटी को एक विषय का जिम्मा सौंपा गया है।
टीम के सदस्य तय
इस प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए टीम भी तय हो चुकी है। एमडीयू कीफार्मास्युटिकल साइंस फैकल्टी के डीन व एचओडी प्रो. अरुण नंदा प्रोजेक्ट केको-ऑर्डिनेटर होंगे। जबकि विभागाध्यक्ष डॉ. बी. नरसिम्हन और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजू नंदा सह-प्रमुख अन्वेषक के तौर पर काम करेंगे। इनकेअलावा विभाग के शिक्षक डॉ. हरीश दुरेजा, डॉ. पीके वर्मा, दीपक कौशिक और विकास बुधवार भी शामिल होंगे।
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इनकी भी ली जाएगी मदद
प्रो. नंदा ने बताया कि डॉ. नलिनी शास्त्री (एनआईपीईआर, हैदराबाद), प्रो. पीके पुराणिक (नागपुर यूनिवर्सिटी), पंजाब यूनिवर्सिटी से प्रो. इंदुपाल कौर, जेएसएस फार्मेसी कॉलेज ऊटी से डॉ. वी सेंथिल, पंडित रवि शंकर यूनिवर्सिटी, रायपुर से प्रो. एस सरार्फ, एल्लाना कॉलेज, पुणे से प्रो. किरण भिसे, एलएम कॉलेज, जोधपुर से प्रो. बीपी नागौरी सहित देशभर के कई विशेषज्ञ प्रोजेक्ट में मदद करेंगे। प्रोजेक्ट में सीनियर फार्मास्युटिकल साइंस विद्वान जामिया हमदर्द के प्रो. आरके खार, पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रो. बीएस भूप, हरि सिंह गौड़ यूनिवर्सिटी सागर के प्रो. एनके जैन और प्रो. एमपी व्यास, डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रो. एलके नाथ, मथुरा के प्रो. कमला पाठक, एनआईपीईआर, मोहाली के प्रो. एके बंसल, पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रो. टीआर भारद्वाज, डीआईपीएसएआर, दिल्ली के प्रो. डीपी पाठक प्रोजेक्ट के विषय-समीक्षक होंगे।
ऑडियो-वीडियो से होगी पढ़ाई
प्रो. अरुण नंदा ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत फार्मेसी के पीजी विद्यार्थियों के लिए इंटेरेक्टिव ई-टेक्स्ट, ऑडियो, वीडियो, मल्टी-मीडिया कंटेंट, पावर पाइंट प्रेजेंटेशन सहित अन्य ई-कंटेंट तैयार किया जाएगा। क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए दो वर्ष केपीजी कोर्स से संबंधित व्याख्यान होंगे। फार्मेसी के 16 विषयों पर कुल 40 लेक्चर कराए जाएंगे। हर लेक्चर एक घंटे का होगा। जिसकी ऑडियो-वीडियो और पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन को यूजीसी की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। हर लेक्चर को अपलोड करने तक सात हजार रुपए खर्च आएगा।
ईपीजी पाठशाला प्रोजेक्ट मिला : डीन
प्रो. अरुण नंदा ने बताया कि विभाग को यूजीसी से ई-कंटेंट डेवलपमेंट प्रोडक्शन (ईपीजी पाठशाला प्रोजेक्ट) परियोजना मिली है। इसके लिए अनुदान राशि भी स्वीकृत हो चुकी है। राशि के लिए यूजीसी ने बैंक डिटेल्स मांगी थी जो यूनिवर्सिटी केमाध्यम से भेज दी गई है। राशि आते ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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अब देशभर के प्रसिद्ध विशेषज्ञ ऑनलाइन लेक्चर देकर उनका ज्ञान बढ़ाएंगे।
एमडीयू के फार्मास्युटिकल साइंस विभाग की टीम विशेषज्ञों के लेक्चर को ई-पीजी पाठशाला केजरिए विद्यार्थियों तक पहुंचाएगी।
इस सुविधा के लिए एमडीयू के फार्मास्युटिकल साइंस विभाग का चयन मानव विकास संसाधन विकास मंत्रालय के नेशनल मिशन ऑन एजुकेशन थ्रू आईसीटी के तहत किया गया है।
यूजीसी की ओर से एमडीयू को एक करोड़ 12 लाख रुपये का अनुदान मिला है। मंत्रालय ने फार्मास्युटिकल सहित 22 विषयों का स्टडी मैटीरियल तैयार करके यूजीसी की वेबसाइट पर लोड करने का कार्यक्रम बनाया है। इसके लिए एक यूनिवर्सिटी को एक विषय का जिम्मा सौंपा गया है।
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टीम के सदस्य तय
इस प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए टीम भी तय हो चुकी है। एमडीयू कीफार्मास्युटिकल साइंस फैकल्टी के डीन व एचओडी प्रो. अरुण नंदा प्रोजेक्ट केको-ऑर्डिनेटर होंगे। जबकि विभागाध्यक्ष डॉ. बी. नरसिम्हन और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजू नंदा सह-प्रमुख अन्वेषक के तौर पर काम करेंगे। इनकेअलावा विभाग के शिक्षक डॉ. हरीश दुरेजा, डॉ. पीके वर्मा, दीपक कौशिक और विकास बुधवार भी शामिल होंगे।
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इनकी भी ली जाएगी मदद
प्रो. नंदा ने बताया कि डॉ. नलिनी शास्त्री (एनआईपीईआर, हैदराबाद), प्रो. पीके पुराणिक (नागपुर यूनिवर्सिटी), पंजाब यूनिवर्सिटी से प्रो. इंदुपाल कौर, जेएसएस फार्मेसी कॉलेज ऊटी से डॉ. वी सेंथिल, पंडित रवि शंकर यूनिवर्सिटी, रायपुर से प्रो. एस सरार्फ, एल्लाना कॉलेज, पुणे से प्रो. किरण भिसे, एलएम कॉलेज, जोधपुर से प्रो. बीपी नागौरी सहित देशभर के कई विशेषज्ञ प्रोजेक्ट में मदद करेंगे। प्रोजेक्ट में सीनियर फार्मास्युटिकल साइंस विद्वान जामिया हमदर्द के प्रो. आरके खार, पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रो. बीएस भूप, हरि सिंह गौड़ यूनिवर्सिटी सागर के प्रो. एनके जैन और प्रो. एमपी व्यास, डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रो. एलके नाथ, मथुरा के प्रो. कमला पाठक, एनआईपीईआर, मोहाली के प्रो. एके बंसल, पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रो. टीआर भारद्वाज, डीआईपीएसएआर, दिल्ली के प्रो. डीपी पाठक प्रोजेक्ट के विषय-समीक्षक होंगे।
ऑडियो-वीडियो से होगी पढ़ाई
प्रो. अरुण नंदा ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत फार्मेसी के पीजी विद्यार्थियों के लिए इंटेरेक्टिव ई-टेक्स्ट, ऑडियो, वीडियो, मल्टी-मीडिया कंटेंट, पावर पाइंट प्रेजेंटेशन सहित अन्य ई-कंटेंट तैयार किया जाएगा। क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए दो वर्ष केपीजी कोर्स से संबंधित व्याख्यान होंगे। फार्मेसी के 16 विषयों पर कुल 40 लेक्चर कराए जाएंगे। हर लेक्चर एक घंटे का होगा। जिसकी ऑडियो-वीडियो और पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन को यूजीसी की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। हर लेक्चर को अपलोड करने तक सात हजार रुपए खर्च आएगा।
ईपीजी पाठशाला प्रोजेक्ट मिला : डीन
प्रो. अरुण नंदा ने बताया कि विभाग को यूजीसी से ई-कंटेंट डेवलपमेंट प्रोडक्शन (ईपीजी पाठशाला प्रोजेक्ट) परियोजना मिली है। इसके लिए अनुदान राशि भी स्वीकृत हो चुकी है। राशि के लिए यूजीसी ने बैंक डिटेल्स मांगी थी जो यूनिवर्सिटी केमाध्यम से भेज दी गई है। राशि आते ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा।