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बुढ़ापा पेंशन के लिए आधार बना आफत

Tue, 04 Nov 2014 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक Updated Tue, 04 Nov 2014 02:04 AM IST
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प्रदेश सरकार का फरमान बुजुर्गों के लिए आफत बन गया है।
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बुढ़ापा पेंशन के लिए आधार कार्ड जरूरी किए जाने पर कार्ड बनवाने के लिए बुजुर्ग धक्के खा रहे हैं। कार्ड बनाने के काम की गति धीमी होने के कारण सोमवार को रोहतक ई-दिशा केंद्र और सांपला बीडीओ कार्यालय में हंगामा हो गया।

कार्यालय में भीड़ बेकाबू होते देख बीडीओ सांपला चुपचाप खिसक लिए और रोहतक एडीसी आफिस पहुंच सही मशीन लगाने की गुहार की। रोहतक ई-दिशा केंद्र में अव्यवस्था की वजह से पूरे दिन हंगामा हुआ। परेशान बुजुर्ग शिकायत लेकर डीसी ऑफिस पहुंचे, पर किसी के न मिलने पर बैरंग लौट आए।
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बुजुर्ग बोले, जुगाड़ से होता है काम
बुजुर्गों का कहना है कि पेंशन ऑफिस में आधार कार्ड बनवाने के लिए कहा जा रहा है और यहां कार्ड बन नहीं रहे हैं। कोई 4 दिन से तो कोई पांच दिन से चक्कर लगा रहा है।
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रोज मशीन खराब रहती है। आरोप लगाया कि यहां जुगाड़ से काम होता है। गरीबों की कोई सुनवाई नहीं है। रोहताश और मुन्नी देवी मकड़ौली से आकर सुबह से लाइन में लगे।

शिकायत है कि कुछ सिफारिशी लोग चहेतों को सीधा अंदर ले जाकर कार्ड की औपचारिकताएं पूरी करा रहे हैं। बृहस्पतिवार से रोजाना आ रहे हैं, लेकिन आज कल कहकर वापस भेज दिया जाता है। दोनों के आने जाने में 100 रुपए रोज खर्च हो गए। विजयनगर से आई सुशीला देवी ने भी यही आरोप लगाया। कहा कि सुबह ही फार्म जमा कराया, लेकिन फार्म को बाहर फेंक दिया। हंगामा किया तो दोबारा जमा कर लिया। मॉडल टाउन से अपने दो बच्चों दीपक और अदिति को लेकर आईं मां ने कहा कि वे सुबह से लाइन में लगे हैं। पहले फार्म नहीं दिया। फार्म दिया भरकर जमा कराया तो नंबर नहीं आया। 4 बज गए हैं। आधार कार्ड बनेगा या नहीं कहा, नहीं जा सकता। इधर, सांपला में कार्ड बनाना बंद कर दिया। वहां की दरिया कॉलोनी गली नंबर 8 से यहां पहुंची बबली को भी निराशा ही हाथ लगी।

कहां हैं अच्छे दिन, यहां तो पेंशन के लाले
नेहरू कॉलोनी से 81 वर्षीय बुजुर्ग शिवकुमार और 85 वर्षीय जगदीश भी सुबह से परेशान थे। कहा कि हमसे बाद में आए लोगों को निशान लेने के लिए अंदर बुला लिया। हमारा नंबर नहीं आ रहा है। पता नहीं क्या हो रहा है। मोदी ने कहा था कि अच्छे दिन आएंगे, लेकिन यहां तो पेंशन भी बंद होने को है। सैकड़ों लोग परेशान होकर वापस चले गए। मदीना से आई कपूूरी देवी का कहना है कि  फार्म ही मुश्किल से मिला। बड़ी संख्या में बुजुर्गों के साथ छात्र और बच्चे भी आधार कार्ड बनवाने को लेकर परेशान दिखे।
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कंपनी ने पुरानी घिसी हुई मशीन लगा रखी है। 10 हजार निशान लेने के बाद उसका लेंस बदले जाने का प्रावधान है।
करतार सिंह, एडीसी ऑफिस।
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कुछ दिक्कत थी। लोग अधिक आ रहे हैं। मशीन एक ही है। ऐसे में हंगामा तो होगा ही। मशीन बढ़वाने की जरूरत है।
रविंद्र, एमएमएस कर्मी रोहतक।
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भीड़ अधिक पहुंच गई थी। मशीन काम नहीं कर रही थी। समधान के लिए एडीसी के पास आया हूं। ताकि वहां दूसरी मशीन लगाई जा सके।
नरेश छिक्कारा, बीडीओ, सांपला।
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