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जनता से मिलने के तय वक्त सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक अफसर मिले नदारद

अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक Updated Wed, 05 Nov 2014 02:24 AM IST
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सूबे के सीएम भले ही समय पर कार्यालय पहुंच काम को पूरा समय दे रहे हों, लेकिन जिला अधिकारियों को आमजन की कोई चिंता नहीं है।
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सरकारी कार्यालयों में जनता के लिए अफसरों से मिलने का समय सुबह 11 से दोपहर 1 बजे निर्धारित किया गया है। लेकिन मंगलवार को अमर उजाला टीम ने लघु सचिवालय स्थित सरकारी कार्यालयों का दौरा किया तो साहब नदारद मिले और कुर्सी खाली।

हाल यह है कि प्रशासनिक अधिकारी मीटिंग भी इसी समय बुला रहे हैं जब फरियादी अधिकारियों की चौखट पर उनसे गुहार लगाने आते हैं।

ऐसे में कुछ लोग घंटों उनके इंतजार में दरवाजों के बाहर बैठे रहते हैं तो कुछ अगले दिन आने को मजबूर हैं। मंगलवार को अमर उजाला टीम कार्यालयों में पहुंची जो ज्यादातर में अधिकारी अपनी सीट से नदारद थे। जब कार्यालय में कर्मचारियों से पूछा गया तो कइयों का जवाब यही था कि साहब मीटिंग में है। दोपहर 12 से एक बजे के बीच यहां कई लोग पहुंचे हुए थे, लेकिन इनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं था।

आरटीओ आफिस में लगी थी कुंडी
समय: 12.50 बजे।
लाइसेंस और वाहनों संबंधित समस्या लेकर आने वाले कामर्शियल वाहन  स्वामी दो दिन से परेशान हैं। आरटीओ अमित गुलिया न सोमवार को आए लेकिन जनता से मिलने के वक्त कार्यालय में नहीं थे। उनके कार्यालय में कुंडी लगी हुई थी। यहां मिले गोपाल कालोनी निवासी  कृष्ण कुमार ने बताया कि दो दिन से काम काज छोड़ आफिस का चक्कर लगा रहा हूं। लेकिन साहब से मुलाकात नहीं हो पा रही है। आरटीओ अमित गुलिया के पास हुडा स्टेट अफसर का भी प्रभार जो है। वे अब अधिकतर समय हुड्डा में देते हैं। ऐसे में यहां लोग परेशान हैं।
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साहब डीसी की मीटिंग में गए हैं
समय: 12.46 बजे।
एसडीएम आफिस में भी कुर्सी खाली रही। रोजगार कार्यालय में काम न होने के बाद यहां अपनी फरियाद लेकर पहुंची बहुअकबरपुर गांव की पूंजा और उसकी सहेली अधिकारी के न मिलने से उदास हुई। विभाग में स्टेनो से पूछा गया तो बताया कि वे डीसी साहब के पास मीटिंग में गए हैं। बाद में यहां पहुंची फरियादियों का कार्य हालांकि स्टेनो ने कर दिया।

मैडम तो सुबह से ही नहीं आई
 समय: दोपहर 12:19 बजे। जिला शिक्षा अधिकारी अपने कार्यालय में नहीं थी। बाहर बैठक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से जब उनके बारे में पूछा गया तो जवाब मिला कि मैडम तो सुबह से ही नहीं आई। वे दोपहर बाद आएंगे। मौके पर जब नांदल से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वे रुड़की गांव में है और स्वच्छता अभियान का निरीक्षण करने आई है। करीब दो बजे कार्यालय में आएंगी।

निरीक्षण पर हूं
समय: दोपहर 12:26 बजे। बीईओ विरेंद्र मलिक के कमरे में सन्नाटा था। उनसे संपर्क किया तो उन्होंने रोहतक ब्लॉक के स्कूलों में सफाई अभियान के दौरान निरीक्षण की बात कही। मलिक ने बताया कि इस अभियान के दौरान उन्हें रोजाना रिपोर्ट बनाकर निदेशालय में भेजनी होती है। इसलिए वह कुछ स्कूलों में सुबह से ही निरीक्षण पर है। दोपहर को 2 बजे के बाद ही ऑफिस पहुंचेंगे।

डीसी साबह के पास गए हैं साहब
12.41 बजे।
ग्रामीण विकास के काम के लिए गांवों से पहुंच रहे ग्रामीणों को मंगलवार को वापस होना पड़ा। संबंधित जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी अजय मिश्रा कुर्सी पर नहीं मिले। उनके स्टेनों ने बताया कि वे डीसी साहब के पास गए हैं। वही नहीं अधिकतर महत्वपूर्ण अधिकारी मौके पर नहीं मिले गायब रहे।


वर्जन.....।
सुबह 11 बजे से 1 बजे तक जनता से मिलने का वक्त तय है। इस समय में आफिस से नदारद होना गलत है। निर्धारित समय में अधिकारियों को आफिस में रहकर जनता की फरियाद सुनना है और उनका समाधान कराना है। गायब रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मीटिंग जनता के वक्त के बाद हो जाया करेेगी।
डा. अमित अग्रवाल, डीसी रोहतक।
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