फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   Nobel for predective economist

भविष्यवक्ता अर्थशास्त्रियों को नोबल

Tue, 15 Oct 2013 07:24 PM IST
नई दिल्ली
नई दिल्ली Updated Tue, 15 Oct 2013 07:24 PM IST
विज्ञापन
Nobel for predective economist

अर्थशास्त्र के नोबल पर अमेरिकी वर्चस्व नई बात नहीं है, वित्त बाजार की चाल का विश्लेषण करने वाले तीन धुरंधर अमेरिकी अर्थशास्त्रियों को इस बार का नोबल देने की घोषणा पर शेष दुनिया की भौंहें फिर टेढ़ी हो सकती हैं। लेकिन शीर्ष सम्मान के लिए इस बार का चयन इस अर्थ में विशिष्ट है कि यह उन तीन व्यवहारवादी अर्थशास्त्रियों को दिया जाएगा, जो पिछले करीब पांच दशकों से बाजार में संपत्ति के मूल्यों के बारे में एक समझ पैदा करने की गंभीर कोशिश कर रहे थे।

विज्ञापन


इनमें से सांख्यिकीय आधार पर वित्त बाजार के विश्लेषण का नया तरीका विकसित करने वाले पीटर हान्सेन को छोड़ दें, तो यूजीन फामा और रॉबर्ट शिलर में बहुत समानता नहीं है। मिल्टन फ्रीडमैन की फ्री मार्केट इकोनॉमी थ्योरी के समर्थक फामा अमेरिकी संकट को बहुत महत्व नहीं देते; उनका तो यह भी कहना है कि बाजार इस संकट की वजह नहीं है। दूसरी तरफ अमेरिकी अर्थनीति के आलोचक शिलर ने पहले डॉटकॉम और फिर सबप्राइम संकट के बारे में न सिर्फ पूर्व चेतावनी दी, बल्कि उनका मानना है कि वित्तीय व्यवस्था का काम केवल पैसा कमाना नहीं, बल्कि हाशिये के समुदायों को सुखी करना होना चाहिए।
विज्ञापन


वित्तीय व्यवस्था की आधुनिक अवधारणा के जनक फामा ने दशकों पहले बताया था कि बांड और शेयरों के बारे में पूर्वानुमान संभव नहीं है, जबकि शिलर ने बहुत बाद में साबित किया कि कम समय में तो नहीं, अलबत्ता दीर्घावधि में इस तरह का अनुमान लगाया जा सकता है। इसके बावजूद इन तीनों की खूबी यह है कि इन्होंने अलग-अलग, और एक साथ, प्रयोगों पर आधारित जो विश्लेषण किए, उससे बांड और शेयर बाजार की दीर्घावधि चाल के बारे में ऐसी समझ बनती है, जिसके आधार पर विवेकसम्मत आर्थिक फैसले किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आज के दौर में बड़े आर्थिक फैसले ज्यादातर निवेश से ही जुड़े होते हैं। हालत यह है कि आर्थिक हताशा के इस दौर में भी वैश्विक अर्थव्यवस्था की सांस सबसे सुरक्षित निवेश माध्यम माने गए अमेरिकी बांड से जुड़ी है। ऐसे में, इन तीन अर्थशास्त्रियों को केवल सम्मानित करना काफी नहीं है, बाजार में दीर्घावधि निवेश के बारे में इनके विश्लेषणों की मदद लेना भी उतना ही जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed