फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Other Archives ›   No action to be manipulated by a woman poisoned

छेड़छाड़ में कार्रवाई नहीं होने पर महिला ने जहर खाया

Sat, 10 May 2014 01:35 AM IST
Jind
Jind Updated Sat, 10 May 2014 01:35 AM IST
विज्ञापन
छेड़छाड़ के मामले में एक साल बाद भी कार्रवाई नहीं होने से आहत महिला ने आरोपियों के घर के बाहर शुक्रवार को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। डीएसपी के नेतृत्व में फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस को मृतका के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें महिला ने छेड़छाड़ के आरोपियों के साथ-साथ पुलिस कर्मचारियों पर भी आरोप लगाए हैं। परिजनों की मांग पर पुलिस ने सुसाइड नोट में लिखे छह पुलिसकर्मियों सहित 12 लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। इससे पहले परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर शव उठाने से इनकार कर दिया था। डीएसपी पूर्णचंद पंवार के समझाने के बाद परिजनों ने  पोस्टमार्टम के लिए शव उठाने दिया।
विज्ञापन


क्या है मामला
मृतका ने 18 अप्रैल 2013 में गढ़ी पुलिस थाने में कुछ युवकों पर छेड़छाड़ करने की शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू की, लेकिन परिजनों का आरोप है कि बाद में तफ्तीश के दौरान आरोपियों के खिलाफ शिकायत की पुष्टि न होने का हवाला देकर उनको छोड़ दिया। उनके खिलाफ लगाए आरोपों की धाराएं भी बदल दी गई थीं। पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ महिला और परिजनों ने पुलिस महानिदेशक से मिलकर आरोपियों के साथ-साथ दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी। इस दौरान पुलिस महानिदेशक के कार्यालय के बाहर धरना भी दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसी से आहत होकर महिला ने शुक्रवार को आरोपियों के घर के बाहर जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी।
विज्ञापन


क्या कहते हैं परिजन
मृतका के भाई शमशेर ने बताया कि गांव के दो लोगों ने 21 अप्रैल 2013 को उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ की थी। इसकी शिकायत गढ़ी थाने में की गई थी। एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई करने की बजाए आरोपियों को बचाने की कोशिश की। पुलिस ने उसकी बहन के खिलाफ ही झूठी शिकायत दर्ज करवाने का आरोप लगाकर उसे ही कसूरवार ठहरा दिया। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एसएचओ, डीएसपी, एसपी के बाद पुलिस महानिदेशक से भी मिले। इसमें यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से भी मिलकर न्याय दिलाए जाने की गुहार लगाई। उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला। इसी से खफा होकर उसकी बहन ने आत्महत्या की है। उसने सुसाइड नोट के मुताबिक केस दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनके खिलाफ दर्ज किया केस
पुलिस ने सुसाइड नोट के अनुसार गांव धनौरी निवासी रमेश, सुरेश, अजमेर, धर्मवीर, सिंगा और गांव पेगां निवासी बलजीत के अलावा सेवानिवृत्त एसएचओ और रमेश के ससुर (सुसाइड नोट में नाम नहीं लिखा है), सेवानिवृत्त एसएचओ धर्मवीर, हेड कांस्टेबल बलवान, सीआईडी इंस्पेक्टर (सोनीपत) लक्ष्मी और इंस्पेक्टर क प्तान, इंस्पेक्टर रोहताश के खिलाफ केस दर्ज किया है।


क्या कहते हैं डीएसपी
मृतका के पास से मिले सुसाइड नोट के आधार पर 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की गहनता से जांच की जाएगी। दोष साबित होने पर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।              
-पूर्ण चंद पंवार,  डीएसप
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed