जानिए, इस साल तकनीक ने किए क्या-क्या कमाल?
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वक्त बदल रहा है, तो तकनीक भी बदल रही है। सत्रहवीं शताब्दी में वैज्ञानिक खोजों ने दुनिया को बदलकर रख दिया था। आज सूचना तकनीक और बायो-टेक्नोलॉजी जिंदगी एवं जीवन शैली को प्रभावित कर रही है। लोग बाजार नहीं जाते, बल्कि बाजार घर की दहलीज पर दस्तक दे रहा है। अब ऑनलाइन शॉपिंग की दुनिया में डिलीवरी-मैन का रोल भी खत्म होने जा रहा है और यह काम ड्रोन किया करेंगे। लेकिन छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी इस तकनीकी बदलाव से अछूती नहीं रहेगी।
रोबोटिक सांइस भी करवटें बदल रही है। पहला रोबोट मानव यानी बायोनिक मैन बनकर तैयार हो चुका है। विभिन्न क्षेत्रों में रोबोट काम कर रहे हैं। वर्ष 2013 ऐसे कई तकनीकी बदलावों का गवाह बना है, जो जिंदगी से जुड़ी हैं। आने वाले दिनों में बिना ड्राइवर के गाड़ियां चलती नजर आएंगी, आपस में बातें करेंगी और एक गाड़ी दूसरी गाड़ी से निश्चित दूरी पर चलेगी। जो काम इन्सान नहीं करते, वह तकनीक करेगी।
बीता हुआ यह साल तकनीकी बदलावों से भरा रहा है, जिसने इन्सान की उम्मीदों को नए पंख दिए हैं।
अमेजन के ड्रोन तो गूगल के रोबोट
शॉपिंग वेबसाइट अमेजन ने ऐलान किया है कि वह अपनी वेबसाइट से खरीदे गए सामान की डिलिवरी के लिए छोटे ड्रोन विमान विकसित कर रहा है। यह विमान ढाई किलो तक के वजन का सामान ग्राहकों के घर पहुंचा सकेंगे।
अब गूगल भी इसी राह पर निकल पड़ा है। गूगल भी अपने रोबोट बनाएगा। जिन्हें गूगल के गोदामों से लेकर उत्पादन और डिलिवरी में लगाया जाएगा।
अपने इंटरनेट श्राद्ध की तैयारी
गूगल ने अपने यूजर्स को फोटो और डॉक्यूमेंट की विरासत तय करने के अधिकार देने की बात कही है। इस सर्विस को ′इनएक्टिव अकाउंट मैनेजर′ नाम दिया गया है।
लंबे समय तक जीमेल, यूट्यूब और गूगल प्लस जैसी सेवाओं का इस्तेमाल न करने वाले यूजर्स का डाटा इनएक्टिव अकाउंट मैनेजर में चला जाएगा। फेसबुक ने भी अपने यूजर्स को मौत के बाद ′मेमोरियलाइज्ड′ अकाउंट का विकल्प दिया है।
सड़क पर कारें करेंगी आपस में बात
बहुत जल्द आप ऐसी कार चलाने लगेंगे, जो दूसरी कार से बातें करेगी। 2013 में इसकी पहल की जा चुकी है। डीएसआरसी (डेडिकेटड शॉर्ट रेंज कम्युनिकेशन) सिस्टम पर आधारित इस टेक्नोलॉजी को कार कंपनियां अपनी-अपनी गाड़ियों में फिट करके मार्केट में उतारेंगी। यह टेक्नोलॉजी एक ऐसा सेंसर सिस्टम होगा, जो गाड़ियों में लगा होगा।
तीसरा बड़ा देश यूट्यूब
इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाला हर दूसरा व्यक्ति एक बार यूट्यूब पर जरूर जाता है। समुदाय की संख्या के हिसाब से दुनिया का तीसरा बड़ा देश यूट्यूब अब आम आदमी को भी मेगास्टार बना रहा है। वीडियो देखने के लिए एक अरब लोग हर महीने यूट्यूब पर आते हैं। यूट्यूब ने इन आंकड़ों की जानकारी देते हुए कहा कि "अगर यूट्यूब एक देश होता तो हम चीन और भारत के बाद तीसरा बड़ा देश होते।"
फेसबुक पर क्राइम कंट्रोल
जर्मनी में पुलिस दीवारों पर ′वांटेड′ के पोस्टर चिपकाने के बजाय यह काम फेसबुक पर कर रही है। जर्मन राज्य लोवर सैक्सनी में पुलिस सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए संदिग्धों तक पहुंच रही है। यहां 1.7 लाख से ज्यादा लोग ′लोवर सैक्सनी पुलिस इंवेस्टिगेशन′ पेज से जुड़े हैं। वे कमेंट करके, बात को दोस्तों तक फैलाकर या किसी तरह के सबूत जुटाकर पुलिस की मदद करने को तैयार हैं।
मिलेगा पहला ब्रेल स्मार्टफोन!
सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द दृष्टिहीन लोग भी अपनी अंगुलियों पर स्मार्टफोन को नचाएंगे। यह स्मार्ट आइडिया है भारत के सुमित डागर का। यह ब्रेल भाषा में काम करने वाला दुनिया का पहला स्मार्टफोन होगा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन से इंटरेक्शन डिजाइन के छात्र सुमित डागर को ब्रेल में स्मार्टफोन बनाने का आइडिया आया और तभी से उन्होंने इस पर काम करना शुरू कर दिया।
ब्रह्मोस का आधुनिक संस्करण
भारतीय सेना ने 290 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एक आधुनिक संस्करण का राजस्थान के पोखरण परीक्षण रेंज में सफल परीक्षण 18 नवंबर को किया। गहराई तक मार करने की क्षमता से लैस ब्रह्मोस के ब्लॉक 3 के इस संस्करण में एक नई गाइडेंस प्रणाली लगी है, जो कठोर लक्ष्यों को भी भेदने में माहिर होगा।
विश्व का पहला रोबोट मानव
वैज्ञानिकों ने विश्व का पहला रोबोट मानव (बायोनिक मैन) विकसित किया है। पूर्ण रूप से कृत्रिम अंगों से तैयार किए गए इस रोबोट का नाम ‘रोबोटिक एक्सोस्केलटन‘ (रेक्स) रखा गया। बायोनिक मैन टहल सकता है, बात कर सकता है और इसका दिल भी धड़कता है। इस रोबोट को इंग्लैंड के वैज्ञानिक रिचर्ड वाकर और मैथ्यू गोडेन ने मिलकर तैयार किया किया है।
घर आया सूरज
सोलर एनर्जी से चलने वाले उत्पादों की मांग इस साल काफी रही। सोलर लैंटर्न और मोबाइल चार्जर से बात अब आगे निकल चुकी है। सोलर इरीगेशन पंप और सोलर इनवर्टर की बात हो रही है। लोग सोलर ऑटोमोबाइल्स की ओर देख रहे हैं। सोलर कूलर, सोलर स्ट्रीमर, सोलर स्ट्रीट लाइट के बाद अब आपकी जिंदगी और सरल बनाने के लिए बाजार में सोलर इनवर्टर भ्ाी आ गए हैं।
चमत्कार के 40 साल
आज से 40 साल पहले किसी को एक आइडिया आया था और पूरी दुनिया बदल गई। भूगोल छोटा हो गया, बातचीत की एक नई भाषा विकसित होने लगी। रिश्तों का और समाज का मिजाज बदल गया और यह सब मोबाइल फोन का चमत्कार था। 1973 में पहली बार मोटोरोला का पहला मोबाइल हैंडसेट बाजार में आया था। डायना टीएसी नाम के इस हैंडसेट की कीमत थी दो लाख्ा रुपये। 2013 में मोबाइल फोन के चार दशक पूरे हो गए।
सुरक्षा देगा गार्जियन
माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में विंडो फोन यूजर्स की सुरक्षा के लिए एक नया एप्लीकेशन ′गार्जियन′ तैयार किया है। यह एप्लीकेशन खासतौर से महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसकी मदद से मोबाइल यूजर्स को उनके संबंधी दूर से ही ट्रैक कर पाएंगे। यह एप्लीकेशन माइक्रोसॉफ्ट में कार्यरत भारतीय एंप्लॉइज के एक समूह ने निर्मित की है।