{"_id":"5d80ae3f60d1e066a8aff109e56077b5","slug":"nano-drons-showcase-in-new-delhi-at-security-expo","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैनो ड्रोनः थ्री इडियट्स के ड्रोन ने लिया असली रूप","category":{"title":"Other Archives","title_hn":"अन्य आर्काइव","slug":"other-archives"}}
नैनो ड्रोनः थ्री इडियट्स के ड्रोन ने लिया असली रूप
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 11 Oct 2013 11:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेम्स बांड की फिल्म ‘यू ओनली लिव ट्वाइस’ व आमिर खान की फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ में जिस नैनो ड्रोन की परिकल्पना को दर्शाया गया था, उसे प्रगति मैदान में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है। मात्र 210 ग्राम का यह मानवरहित नैनो हवाई यंत्र ‘स्क्वायर फोर रिकॉन’ एक हजार फुट तक उड़ान भरकर ढाई किलोमीटर तक के विडियो, फोटो और साउंड उपलब्ध कराता है।
सेना व पुलिस के ऑपरेशन में बड़ा सहायक रहने के अलावा किसी भी मॉल, संस्थान, रैली, घर व आसपास की सुरक्षा या पड़ोसियों की गतिविधि जानने सहित अन्य सुरक्षा कारणों में यह लोगों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध है।
इसमें कई तरह के हाईफाई यंत्रों के साथ हाई पावर कैमरा, माइक्रोफोन, स्पीकर व जीपीएस लगा हुआ है। यह ढाई किलोमीटर की दूरी तक जा सकता है, जबकि यह इस रेंज में विडियो, फोटो व साउंड उच्च क्वालिटी की उपलब्ध कराता है।
विज्ञापन
इस यंत्र की यह भी खास बात है कि उड़ान भरते समय दीवार आदि आने पर यह उससे टकराता नहीं है। अगर रिमोट से यह ऑपरेट भी नहीं किया जा रहा है तो सेंसर के कारण यह वहां से रास्ता बदल लेता है। इसके अलावा बैटरी खत्म होने से पहले यह उस स्थान पर स्वयं ही लैंड कर जाता है, जहां से उसने टेकऑफ किया होता है।
प्रदर्शनी में इस नैनो ड्रोन को प्रदर्शित कर रहे दिल्ली के संजय कुमार के अनुसार, ब्रिटिश कंपनी के इस नैनो ड्रोन की कीमत करीब 30 लाख रुपए है। कई स्थानों पर सेना गुप्तचर के रूप में इसका इस्तेमाल कर रही है। खास बात यह है कि एक समय में कई नैनो ड्रोन एक स्थान पर काम कर सकते हैं।
दिल्ली में बैठकर इसे लंदन में भी ऑपरेट किया जा सकता है। इसे कंप्यूटर से ऑपरेट करने के लिए एक सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना पड़ता है। देश की सुरक्षा में काफी संवेदनशील होने से खरीदने वाले के बारे में पूरी तहकीकात के बाद ही यह दिया जाता है।
मानवरहित नैनो हवाई यंत्र में क्या खास
वजन - 210 ग्राम
उड़ने की औसत गति - 6.5 मीटर प्रति सेकेंड
उड़ने की अधिकतम अवधि - 30 मिनट
ऑपरेशन रेंज - 2.5 किलोमीटर
डाटा लिंक - 4 गीगाहर्ट्स आईईईई
जीपीएस - एंटी जैमिंग
वीडियो स्टिल इमेज - डे एंड नाइट
विज्ञापन
सेना व पुलिस के ऑपरेशन में बड़ा सहायक रहने के अलावा किसी भी मॉल, संस्थान, रैली, घर व आसपास की सुरक्षा या पड़ोसियों की गतिविधि जानने सहित अन्य सुरक्षा कारणों में यह लोगों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध है।
विज्ञापन
इसमें कई तरह के हाईफाई यंत्रों के साथ हाई पावर कैमरा, माइक्रोफोन, स्पीकर व जीपीएस लगा हुआ है। यह ढाई किलोमीटर की दूरी तक जा सकता है, जबकि यह इस रेंज में विडियो, फोटो व साउंड उच्च क्वालिटी की उपलब्ध कराता है।
विज्ञापन
इस यंत्र की यह भी खास बात है कि उड़ान भरते समय दीवार आदि आने पर यह उससे टकराता नहीं है। अगर रिमोट से यह ऑपरेट भी नहीं किया जा रहा है तो सेंसर के कारण यह वहां से रास्ता बदल लेता है। इसके अलावा बैटरी खत्म होने से पहले यह उस स्थान पर स्वयं ही लैंड कर जाता है, जहां से उसने टेकऑफ किया होता है।
प्रदर्शनी में इस नैनो ड्रोन को प्रदर्शित कर रहे दिल्ली के संजय कुमार के अनुसार, ब्रिटिश कंपनी के इस नैनो ड्रोन की कीमत करीब 30 लाख रुपए है। कई स्थानों पर सेना गुप्तचर के रूप में इसका इस्तेमाल कर रही है। खास बात यह है कि एक समय में कई नैनो ड्रोन एक स्थान पर काम कर सकते हैं।
दिल्ली में बैठकर इसे लंदन में भी ऑपरेट किया जा सकता है। इसे कंप्यूटर से ऑपरेट करने के लिए एक सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना पड़ता है। देश की सुरक्षा में काफी संवेदनशील होने से खरीदने वाले के बारे में पूरी तहकीकात के बाद ही यह दिया जाता है।
मानवरहित नैनो हवाई यंत्र में क्या खास
वजन - 210 ग्राम
उड़ने की औसत गति - 6.5 मीटर प्रति सेकेंड
उड़ने की अधिकतम अवधि - 30 मिनट
ऑपरेशन रेंज - 2.5 किलोमीटर
डाटा लिंक - 4 गीगाहर्ट्स आईईईई
जीपीएस - एंटी जैमिंग
वीडियो स्टिल इमेज - डे एंड नाइट