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हत्यारे बाप-बेटे को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Fri, 12 Sep 2014 01:59 AM IST
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गांव गिरावड़ में साढ़े तीन साल पहले अपने भाई को मौत के घाट उतारने वाले हत्यारे भाई और उसके बेटे को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माना और पीड़ित पक्ष को 25-25 हजार रुपये हर्जाने के तौर पर भी देने का फैसला सुनाया गया है।
गांव गिरावड़ निवासी सतबीर सिंह ने लाखनमाजरा थाना पुलिस को शिकायत में बताया कि वे पांच भाई थे। उसके पिता सुल्तान सिंह ने दो शादियां की थी। पहली पत्नी से कर्मबीर पैदा हुआ और दूसरी के चार बेटे राजबीर, सतबीर, बलजीत व रमेश। चारों एक साथ रहते थे और कर्मबीर अलग।
कर्मबीर साधु की तरह रहता था। सतबीर ने बताया कि उसका भाई राजबीर और बलजीत 27 जनवरी, 2011 को कर्मबीर को समझा रहे थे। उन्होंने कर्मबीर को समझाया कि भगमा कपड़े पहनना छोड़ दे और खेती शुरू कर दे। इस पर कर्मबीर भड़क गया। राजबीर और बलजीत वहां से खेत में चले गए।
कुछ ही देर में कर्मबीर और उसका बेटा सुनील भी खेतों में पहुंच गए। कर्मबीर डंडा और सुनील कुल्हाड़ी लिए हुए था। कर्मबीर ने बलजीत के सिर में डंडा मारा और बाद में सुनील ने बलजीत के सिर व गर्दन पर कुल्हाड़ी से कई वार किए। बीच बचाव करने आए राजबीर को भी उन्होंने घायल कर दिया। लोगों को आता देख दोनों फरार हो गए। तब से यह मामला जिला कोर्ट में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार सिंघल की अदालत ने कर्मबीर और सुनील को दोषी करार दिया। जुर्माना नहीं भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माना और पीड़ित पक्ष को 25-25 हजार रुपये हर्जाने के तौर पर भी देने का फैसला सुनाया गया है।
गांव गिरावड़ निवासी सतबीर सिंह ने लाखनमाजरा थाना पुलिस को शिकायत में बताया कि वे पांच भाई थे। उसके पिता सुल्तान सिंह ने दो शादियां की थी। पहली पत्नी से कर्मबीर पैदा हुआ और दूसरी के चार बेटे राजबीर, सतबीर, बलजीत व रमेश। चारों एक साथ रहते थे और कर्मबीर अलग।
कर्मबीर साधु की तरह रहता था। सतबीर ने बताया कि उसका भाई राजबीर और बलजीत 27 जनवरी, 2011 को कर्मबीर को समझा रहे थे। उन्होंने कर्मबीर को समझाया कि भगमा कपड़े पहनना छोड़ दे और खेती शुरू कर दे। इस पर कर्मबीर भड़क गया। राजबीर और बलजीत वहां से खेत में चले गए।
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कुछ ही देर में कर्मबीर और उसका बेटा सुनील भी खेतों में पहुंच गए। कर्मबीर डंडा और सुनील कुल्हाड़ी लिए हुए था। कर्मबीर ने बलजीत के सिर में डंडा मारा और बाद में सुनील ने बलजीत के सिर व गर्दन पर कुल्हाड़ी से कई वार किए। बीच बचाव करने आए राजबीर को भी उन्होंने घायल कर दिया। लोगों को आता देख दोनों फरार हो गए। तब से यह मामला जिला कोर्ट में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार सिंघल की अदालत ने कर्मबीर और सुनील को दोषी करार दिया। जुर्माना नहीं भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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