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‘वादों के जाल’ में अब खुद फंस रहे हैं कुलपति
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Wed, 10 Sep 2014 02:44 AM IST
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समस्याओं के समाधान और मांगों को पूरा करने के दावों के जाल में कुलपति एचएस चहल खुद ही फंसते नजर आ रहे हैं। मांगें पूरी नहीं कर पाने के कारण अब कुलपति अपने ही शिक्षकों का सामना करने से कतरा रहे हैं।
मंगलवार को अपनी दो मांगों के पूरा करने का वादा याद दिलाने गए मडूटा (एमडीयू टीचर्स एसोसिएशन) के पदाधिकारियों को काफी देर इंतजार के बाद भी बगैर मिले वापस आना पड़ा।
मडूटा ने करीब एक साल पहले कुलपति के समक्ष कुछ मांगें रखी थी। इनमें से दो प्रमुख मांगों पर शिक्षकों का ज्यादा जोर था। एक मांग एक प्रोफेसर एक पद की थी और दूसरी मांग हाउस अलॉटमेंट में कुलपति कोटा खत्म करने की थी।
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इस पर कुलपति ने आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया गया। मडूटा की जनरल सेक्रटरी डॉ. विजय दांगी ने आरोप लगाया कि एक-एक प्रोफेसर को कई-कई जिम्मेदारी दी जा रही है।
जिससे काम पर असर भी पड़ता है। उन्होंने बताया कि कुलपति ने हाउस अलॉटमेंट में कोटा खत्म करने की मांग पर यह आश्वासन दिया था कि यह पिछले कुलपति द्वारा शुरू किया गया था, लेकिन वह इसका उपयोग बहुत इमरजेंसी में ही करेंगे। शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि इसके उलट पिछले वर्ष जिस शिक्षक को हाउस अलॉटमेंट के लिए डीबार किया गया था। उसे ही टाइप 9 हाउस अलॉट कर दिया गया।
मडूटा के पदाधिकारी मंगलवार को दोपहर साढ़े तीन बजे कुलपति एचएस चहल से मिलने गए। लेकिन कुलपति ने मिलने के लिए समय नहीं दिया। जब काफी देर बैठने और मिलने का प्रयास करने के बाद भी बात नहीं बनी तो शिक्षकों ने अपना मांग पत्र कुलपति के नाम ऑफिस में दे दिया और बगैर मिले ही लौट आए। शिक्षकों में मडूटा की उपाध्यक्ष डॉ. आशा शर्मा, ज्वाइंट सेक्रटरी डॉ. राजेश लाथर, सदस्य डॉ. विकास, डॉ. दलीप सिंह, डॉ. हरीश कुमार, डॉ. राजेंद्र शर्मा और डॉ. अश्विनी कुमार सहित कई शिक्षक मौजूद थे।
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मंगलवार को अपनी दो मांगों के पूरा करने का वादा याद दिलाने गए मडूटा (एमडीयू टीचर्स एसोसिएशन) के पदाधिकारियों को काफी देर इंतजार के बाद भी बगैर मिले वापस आना पड़ा।
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मडूटा ने करीब एक साल पहले कुलपति के समक्ष कुछ मांगें रखी थी। इनमें से दो प्रमुख मांगों पर शिक्षकों का ज्यादा जोर था। एक मांग एक प्रोफेसर एक पद की थी और दूसरी मांग हाउस अलॉटमेंट में कुलपति कोटा खत्म करने की थी।
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इस पर कुलपति ने आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया गया। मडूटा की जनरल सेक्रटरी डॉ. विजय दांगी ने आरोप लगाया कि एक-एक प्रोफेसर को कई-कई जिम्मेदारी दी जा रही है।
जिससे काम पर असर भी पड़ता है। उन्होंने बताया कि कुलपति ने हाउस अलॉटमेंट में कोटा खत्म करने की मांग पर यह आश्वासन दिया था कि यह पिछले कुलपति द्वारा शुरू किया गया था, लेकिन वह इसका उपयोग बहुत इमरजेंसी में ही करेंगे। शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि इसके उलट पिछले वर्ष जिस शिक्षक को हाउस अलॉटमेंट के लिए डीबार किया गया था। उसे ही टाइप 9 हाउस अलॉट कर दिया गया।
मडूटा के पदाधिकारी मंगलवार को दोपहर साढ़े तीन बजे कुलपति एचएस चहल से मिलने गए। लेकिन कुलपति ने मिलने के लिए समय नहीं दिया। जब काफी देर बैठने और मिलने का प्रयास करने के बाद भी बात नहीं बनी तो शिक्षकों ने अपना मांग पत्र कुलपति के नाम ऑफिस में दे दिया और बगैर मिले ही लौट आए। शिक्षकों में मडूटा की उपाध्यक्ष डॉ. आशा शर्मा, ज्वाइंट सेक्रटरी डॉ. राजेश लाथर, सदस्य डॉ. विकास, डॉ. दलीप सिंह, डॉ. हरीश कुमार, डॉ. राजेंद्र शर्मा और डॉ. अश्विनी कुमार सहित कई शिक्षक मौजूद थे।