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एमडीयू पर ‘दाग’ के बाद शिक्षा और परीक्षा सुधार पर मंथन
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
Updated Tue, 28 Oct 2014 02:26 AM IST
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लगातार खराब परिणाम के आरोपों से घिरने और गुड़गांव की छात्रा पिंकी के आत्मदाह का ‘दाग’ लगने के बाद एमडीयू प्रबंधन नींद से जागा है।
सोमवार को विवि मुख्यालय पर शिक्षा और परीक्षा सुधार के लिए मंथन किया गया। छात्रा की मौत पर विरोध का सामना करने वाले एमडीयू प्रशासन ने संबद्ध डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेजों के 250 प्राचार्यों को बुलाकर सुधार की गुंजाइश पर चर्चा की।
कई प्राचार्यों ने परिणाम देर से घोषित करने और आरएलए सहित अन्य समस्याओं के बारे में भी खुलक र बात रखी। सुधार के लिए सुझाव भी दिए।
विवि के आईएचटीएम विभाग के कांफ्रेस हॉल में हुई बैठक में वीसी एच. एस. चहल ने अध्यक्षता की। यूनिवर्सिटी और संबद्ध कॉलेजों में बेहतर शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था लागू करने, सामाजिक, सामुदायिक सरोकारों में भागीदार पर चर्चा की गई। वीसी ने परीक्षाओं में नकल के खिलाफ पूरी सख्ती बरतने के निर्देश दिए।
परीक्षकों को हिदायत
वीसी ने आंसर शीट की जांच करने वाले परीक्षकों को हिदायत देते हुए कहा कि शिक्षक मूल्यांकन करते समय पूरी सावधानी बरतें। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। डीन एकेडमिक प्रोफेसर रविंद्र विनायक ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था सुधार के लिए कई प्रस्ताव आगामी एकेडमिक काउंसिल के एजेंडे में शामिल किए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. बी. एस. सिंधू ने परीक्षा संचालन संबंधित कई अहम जानकारियां साझा की।
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प्राचार्यों ने की शिकायत
कई प्राचार्यों ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन कई परिणाम देर से जारी करता है। विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रवेश के लिए परेशान रहता है। अस्थाई प्रवेश के बाद यदि छात्र फेल हो जाता है तो उसका दोहरा नुकसान होता है। आरएलए को लेकर भी कई प्राचार्यों ने शिकायत की। कुलपति ने समाधान का आश्वासन दिया।
कार्यक्रमों पर भी हुई चर्चा
वीसी ने कहा कि यूजीसी से मिले दिशा-निर्देशों के तहत हर कॉलेज में 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाए। विद्यार्थियाें को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलवाई जाए। स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत अभियान भी चलाया जाए। बैठक में डीन, सीडीसी प्रोफेसर इंदिरा ढूल, रजिस्ट्रार डॉ. एस. पी. वत्स, निदेशक डीडीई प्रोफेसर नसीब सिंह गिल, निदेशक खेल डॉ. डी. एस. ढूल, डीआर चतर सिंह, विशेष कार्य अधिकारी वी. पी. नांदल, शैक्षणिक शाखा प्रभारी एस. एन. शर्मा, पंजीकरण एवं स्कॉलरशिप शाखा प्रभारी एम. एस. मलिक, एआर आर. एस. राहड़, निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी मौजूद रहे। संचालन सहायक निदेशक युवा कल्याण डॉ. आनंद शर्मा ने किया।
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सोमवार को विवि मुख्यालय पर शिक्षा और परीक्षा सुधार के लिए मंथन किया गया। छात्रा की मौत पर विरोध का सामना करने वाले एमडीयू प्रशासन ने संबद्ध डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेजों के 250 प्राचार्यों को बुलाकर सुधार की गुंजाइश पर चर्चा की।
कई प्राचार्यों ने परिणाम देर से घोषित करने और आरएलए सहित अन्य समस्याओं के बारे में भी खुलक र बात रखी। सुधार के लिए सुझाव भी दिए।
विवि के आईएचटीएम विभाग के कांफ्रेस हॉल में हुई बैठक में वीसी एच. एस. चहल ने अध्यक्षता की। यूनिवर्सिटी और संबद्ध कॉलेजों में बेहतर शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था लागू करने, सामाजिक, सामुदायिक सरोकारों में भागीदार पर चर्चा की गई। वीसी ने परीक्षाओं में नकल के खिलाफ पूरी सख्ती बरतने के निर्देश दिए।
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परीक्षकों को हिदायत
वीसी ने आंसर शीट की जांच करने वाले परीक्षकों को हिदायत देते हुए कहा कि शिक्षक मूल्यांकन करते समय पूरी सावधानी बरतें। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। डीन एकेडमिक प्रोफेसर रविंद्र विनायक ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था सुधार के लिए कई प्रस्ताव आगामी एकेडमिक काउंसिल के एजेंडे में शामिल किए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. बी. एस. सिंधू ने परीक्षा संचालन संबंधित कई अहम जानकारियां साझा की।
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प्राचार्यों ने की शिकायत
कई प्राचार्यों ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन कई परिणाम देर से जारी करता है। विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रवेश के लिए परेशान रहता है। अस्थाई प्रवेश के बाद यदि छात्र फेल हो जाता है तो उसका दोहरा नुकसान होता है। आरएलए को लेकर भी कई प्राचार्यों ने शिकायत की। कुलपति ने समाधान का आश्वासन दिया।
कार्यक्रमों पर भी हुई चर्चा
वीसी ने कहा कि यूजीसी से मिले दिशा-निर्देशों के तहत हर कॉलेज में 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाए। विद्यार्थियाें को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलवाई जाए। स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत अभियान भी चलाया जाए। बैठक में डीन, सीडीसी प्रोफेसर इंदिरा ढूल, रजिस्ट्रार डॉ. एस. पी. वत्स, निदेशक डीडीई प्रोफेसर नसीब सिंह गिल, निदेशक खेल डॉ. डी. एस. ढूल, डीआर चतर सिंह, विशेष कार्य अधिकारी वी. पी. नांदल, शैक्षणिक शाखा प्रभारी एस. एन. शर्मा, पंजीकरण एवं स्कॉलरशिप शाखा प्रभारी एम. एस. मलिक, एआर आर. एस. राहड़, निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी मौजूद रहे। संचालन सहायक निदेशक युवा कल्याण डॉ. आनंद शर्मा ने किया।